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बंगाल में बुलडोजर एक्शन, हावड़ा स्टेशन के पास अतिक्रमण हटाने के लिए बड़े पैमाने पर हुई कार्रवाई

 बंगाल के हावड़ा स्टेशन के पास बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया।

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प्रतीकात्मक फोटोः आईएएनएस

कोलकाताः पश्चिम बंगाल के हावड़ा रेलवे स्टेशन के पास शनिवार (16 मई) को देर रात बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, हावड़ा रेलवे स्टेशन के बाहर आधी रात के बाद यह अभियान चलाया गया। इस दौरान बुलडोजरों ने गंगा घाट से स्टेशन परिसर तक के क्षेत्र में बनी अस्थायी दुकानों और अवैध ढांचों की कतारों को ध्वस्त कर दिया।

इस अभियान में रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राजकीय रेलवे पुलिस (GRP), रेलवे प्राधिकरण और हावड़ा शहर पुलिस संयुक्त रूप से शामिल थी। इस दौरान इलाके में भारी संख्या में सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए थे ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

बस स्टैंड और गंगा घाट क्षेत्र में चला बुलडोजर

यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे द्वारा भूमि खाली कराने के अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। इस दौरान बस स्टैंड और गंगा घाट क्षेत्र के पास फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों पर बनी कई अस्थायी दुकानों और ढांचों को बुलडोजर और अर्थमूवर की मदद से हटाया गया।

रेलवे ने हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है लेकिन पूछे जाने पर अधिकारियों ने बताया कि यह नियमित सफाई अभियान का हिस्सा था। देश के सबसे व्यस्त रेलवे टर्मिनलों में से एक इस स्टेशन पर अतिक्रमण के कारण वर्षों से यात्रियों को भारी भीड़भाड़ और आवागमन में असुविधा हो रही थी।

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मौके से प्राप्त तस्वीरों में पुलिस को इलाके के बड़े हिस्से में बैरिकेड लगाते हुए देखा गया। वहीं बुलडोजरों द्वारा सड़क किनारे खाद्य पदार्थ, प्लास्टिक के सामान और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं बेचने वाली दुकानों को ध्वस्त करते हुए दिखाया गया।

बंगाल में बुलडोजर एक्शन पर क्या बोले लोग?

कुछ फेरीवालों ने आरोप लगाया कि इस अभियान को शुरू करने से पहले उन्हें पर्याप्त पूर्व सूचना नहीं दी गई थी और उनका कहना है कि इससे उनकी आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुई है। कुछ विक्रेताओं ने बताया कि बहुत सी दुकानों दशकों से लगी हुई थीं और पुनर्वास की मांग की है या फिर प्राधिकरण उनके लिए फेरी के अन्य विकल्प उपलब्ध कराए।

टेलीग्राफ ने अधिकारियों के हवाले से लिखा कि रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जे को हटाने और स्टेशन क्षेत्र के आसपास पैदल यात्रियों की आवाजाही और सुरक्षा में सुधार के लिए यह अभियान आवश्यक था। रविवार सुबह भी इलाके में पुलिस बल तैनात रहा।

राज्य में चल रहे अभियानों के बीच बंगाल भाजपा मंत्री दिलीप घोष ने सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जे के खिलाफ कड़ा संदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि जहां भी उल्लंघन पाया जाएगा, वहां सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा और भीड़भाड़ को लेकर चिंताओं के चलते यह अभियान तेज किया गया है। यह अभियान विशेष रूप से उन इलाकों में हुआ जहां घनी आबादी है और जहां समय के साथ अवैध निर्माणों का विस्तार हुआ है।

गौरतलब है कि कोलकाता के तिलजाला इलाके में हाल ही में हुई आग की घटना के बाद इस कार्रवाई में तेजी आई है। इस घटना में दो लोगों की जान चली गई और कई मोहल्लों में असुरक्षित और भीड़भाड़ वाले निर्माणों को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गईं।

इस इलाके में हालांकि कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन पर रोक लगाई है।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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