ढाकाः बांग्लादेश के जशोर जिले में सोमवार शाम को एक हिंदू युवक की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई जिससे इलाके में दहशत फैल गई। यह घटना शाम करीब 5:45 बजे मनीरामपुर उपजिला के वार्ड नंबर 17 के कोपलिया बाजार में घटी।
मृतक की पहचान राणा प्रताप (45) के रूप में हुई है, जो तुषार कांति बैरागी के पुत्र और केशबपुर उपज़िला के अरुआ गांव के निवासी थे।
हमलावरों ने बाजार में चलाई गोली
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों ने राणा प्रताप पर उस समय गोली चलाई जब वह बाजार में मौजूद थे। उन्हें कई गोलियां लगीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
गोलीबारी के बाद इलाके में दहशत और अफरा-तफरी मच गई। मनीरामपुर पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में किया।
घटना की पुष्टि करते हुए प्रभारी अधिकारी राजिउल्लाह खान ने कहा, “हम घटनास्थल पर मौजूद हैं। शव को बरामद करने और पोस्टमार्टम कराने की तैयारियां चल रही हैं।” उन्होंने कहा कि हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
बीते कुछ दिनों से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं हैं। बांग्लादेश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और देश के कई हिस्सों में बढ़ते तनाव के बीच पिछले तीन हफ्तों में हुई इस प्रकार की यह पांचवीं हिंसक घटना है।
बांग्लादेश में तनाव भरे हालात
इससे पहले नव वर्ष की पूर्व संध्या पर एक हिंदू व्यापारी, खोकन चंद्र दास को भीड़ ने चाकू मारकर आग लगा दी थी। ढाका के राष्ट्रीय बर्न इंस्टीट्यूट में जलने की चोटों का इलाज कराते हुए शनिवार (3 जनवरी) सुबह उनकी मृत्यु हो गई। यह हमला 31 दिसंबर को शरियतपुर जिले के दामुद्या के कोनेश्वर यूनियन के केउरभंगा बाजार के पास हुआ था।
गौरतलब है कि बांग्लादेश में इन दिनों तनाव भरे हालात हैं और देश में प्रदर्शन हो रहे हैं। बीते दिनों छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद देश में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए जो कि हिंसक हुए। प्रदर्शनकारियों ने द डेली स्टार और प्रोथोम आलो जैसे अखबारों के मुख्यालय में आग लगा दी। वहीं, एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और शव में आग लगा दी गई।
ऐसी ही कुछ अन्य घटनाएं भी हुईं जिनके चलते भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव और बढ़ गया है। बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हुई ऐसी घटनाओं को लेकर भारत के कई शहरों में प्रदर्शन भी हुए जिनमें इन घटनाओं की निंदा की गई है। वहीं, हाल ही में आईपीएल में केकेआर की टीम में बांग्लादेश के खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को शामिल करने को लेकर भी प्रदर्शन हुए। इसके बाद उन्हें टीम से बाहर करने का फैसला लिया गया।
इस फैसले के बाद बांग्लादेश ने भारत में टी20 विश्व कप खेलने से मना कर दिया है। इसके साथ ही देश में आईपीएल के प्रसारण पर भी रोक लगाई है। बीते दिनों देश की पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी प्रमुख खालिदा जिया के जनाजे में शामिल होने के लिए भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर पहुंचे थे जिसे दोनों देशों के बीच संबंध सुधार की दृष्टि से अहम माना जा रहा था। हालांकि, हालिया घटनाक्रम को देखते हुए स्थिति चिंताजनक है।
बांग्लादेश में जुलाई 2024 में छात्र आंदोलन शुरू हुए थे जिसके चलते देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़ने को मजबूर होना पड़ा और वे भारत आ गईं। तब से देश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार है। हालांकि यहां पर फरवरी में चुनाव प्रस्तावित हैं।

