Home भारत पीएम की अपील के बाद UP में सीएम-मंत्रियों के काफिलों में 50%...

पीएम की अपील के बाद UP में सीएम-मंत्रियों के काफिलों में 50% कटौती, दिल्ली-एमपी सरकार ने भी उठाए ये कदम

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने अपने, मंत्रियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के काफिलों में शामिल वाहनों की संख्या तत्काल 50 प्रतिशत तक घटाने के निर्देश दिए। साथ ही आधिकारिक काफिलों से गैर-जरूरी वाहनों को हटाने का आदेश भी जारी किया गया।

0
up news, yogi aditya nath
यूपी में CM-मंत्रियों के काफिलों में 50% कटौती। एआई तस्वीर

ईरान युद्ध की वजह से पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री ने पेट्रोल-डीजल, गैस और सोना खरीद समेत कई चीजों पर संयम बरतने की अपील की थी। प्रधानमंत्री की इस अपील का असर अब राज्य सरकारों पर दिखने लगा है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों ने सरकारी खर्च और ईंधन खपत कम करने के लिए बड़े फैसले लिए हैं।

यूपी में CM-मंत्रियों के काफिलों में 50% कटौती

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यना ने मंगलवार को लखनऊ में शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में खर्चों में कटौती और संसाधनों की बचत को लेकर कई घोषणाएं की।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने अपने, मंत्रियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के काफिलों में शामिल वाहनों की संख्या तत्काल 50 प्रतिशत तक घटाने के निर्देश दिए। साथ ही आधिकारिक काफिलों से गैर-जरूरी वाहनों को हटाने का आदेश भी जारी किया गया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में सामूहिक सावधानी और वित्तीय अनुशासन बेहद जरूरी है। उन्होंने राज्यवासियों से ईंधन की खपत कम करने और अनावश्यक सोने की खरीद से बचने की अपील की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के संसाधन संरक्षण संबंधी राष्ट्रीय आह्वान का समर्थन करने का आग्रह करते हुए आत्मनिर्भरता और सादगी पर जोर दिया।

सार्वजनिक परिवहन और वर्क फ्रॉम होम पर जोर

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों के लिए भी उदाहरण पेश करने की बात कही। उन्होंने सुझाव दिया कि सांसदों और विधायकों समेत सभी जनप्रतिनिधि सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। इसके साथ ही प्रशासनिक कामकाज को आधुनिक बनाने के लिए वर्क फ्रॉम होम संस्कृति को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।

राज्य सरकार ने बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों और स्टार्टअप्स को सप्ताह में दो दिन घर से काम की व्यवस्था अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। वहीं, राज्य सचिवालय और निदेशालयों में होने वाली कम से कम 50 प्रतिशत बैठकों, सेमिनार और कार्यशालाओं को ऑनलाइन आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

ऊर्जा लागत कम करने के लिए सरकार का फोकस अब पीएनजी, मेट्रो रेल और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर है। इसी के साथ मुख्यमंत्री ने घरेलू पर्यटन और डेस्टिनेशन वेडिंग को प्रोत्साहित करने के लिए ‘विजिट माय स्टेट’ अभियान शुरू करने की भी घोषणा की, जिसके जरिए उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन स्थलों को बढ़ावा दिया जाएगा।

मध्य प्रदेश और दिल्ली ने भी उठाए कदम

इस अपील के बाद मोहन यादव ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दी है। मध्य प्रदेश सरकार ने मंत्रियों और अधिकारियों से यात्राओं के दौरान कम से कम गाड़ियों का उपयोग करने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने को कहा है। अधिकारियों के मुताबिक मुख्यमंत्री के दौरों के दौरान अब वाहन रैलियां भी आयोजित नहीं की जाएंगी।

वहीं, रेखा यादव के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने भी विभागीय कामकाज के लिए वाहनों की संख्या सीमित करने का फैसला लिया है। सरकार ने मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से जरूरत के मुताबिक ही वाहनों का उपयोग करने, कार पूलिंग अपनाने और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने की अपील की है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वैश्विक संकट का जिक्र करते हुए लोगों से ईंधन बचाने और जरूरत के मुताबिक खर्च करने की अपील की थी। इसके बाद उनके गुजरात और असम दौरों में प्रधानमंत्री के काफिले की गाड़ियों की संख्या सीमित की गई। हालांकि, सुरक्षा प्रोटोकॉल और एसपीजी व्यवस्था में कोई कटौती नहीं की गई।

असम में हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सभी मुख्यमंत्रियों को पीएम मोदी के भाषण की प्रति और एक एक्शन प्लान भी दिया गया। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों के अधिक इस्तेमाल, ऑनलाइन बैठकों को बढ़ावा देने और सरकारी खर्च में कटौती जैसे सुझाव शामिल थे।

ये भी पढ़ेंः अखिलेश यादव के भाई और भाजपा नेता अपर्णा के पति प्रतीक यादव का निधन, सीएम योगी ने जताया दुख

author avatar
अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version