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पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाला युवक गिरफ्तार, आईएसआई से तार जुड़े होने का आरोप

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करने वाले एक पंजाबी युवक को राजस्थान के गंगानगर से गिरफ्तार किया गया है।

Delhi Police arrest 9 suspected terrorists
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुरः राजस्थान की सीआईडी (इंटेलिजेंस) ने कथित तौर पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले एक पंजाबी युवक को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार, 1 दिसंबर को कथित तौर पर बताया कि युवक भारतीय सेना से संबंधित गोपनीय जानकारी एकत्र करने और हैंडलर को देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। युवक के तार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने का आरोप है।

युवक की पहचान पंजाब के फिरोजपुर निवासी प्रकाश सिंह उर्फ बादल के रूप में हुई है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से लिखा कि युवक को गंगानगर के एक सैन्य प्रतिष्ठान से हिरासत में लिया गया और बाद में ऑफिसियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 के तहत गिरफ्तार किया गया।

सीआईडी खुफिया गतिविधियों पर रख रही है नजर

इंस्पेक्टर जनरल प्रफुल्ल कुमार ने कहा कि बादल के पकड़ में आने के बाद सीआईडी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों से संबंधित संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रख रही है।

कुमार ने आगे बताया कि, “निगरानी के दौरान पता चला कि प्रकाश सिंह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में था। वह राजस्थान, पंजाब और गुजरात में सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी इकट्ठा कर रहा था और उसे एक पाकिस्तानी हैंडलर को भेज रहा था।”

अधिकारियों ने बताया कि 34 वर्षीय प्रकाश सिंह को 27 नवंबर को गंगानगर के सादुलवाली सैन्य अड्डे के पास देखा गया था। इसके बाद सीमा सुरक्षा बल की एक टीम ने उसे हिरासत में लिया और उसके मोबाइल नंबर की प्रारंभिक जाँच से पता चला कि वह विदेशी और पाकिस्तानी व्हाट्सएप नंबरों के साथ सक्रिय रूप से संपर्क में था।

आईएसआई के संपर्क में था बादल

अधिकारी ने बताया कि बादल इस साल मई से आईएसआई के संपर्क में था और उन्होंने सेना के वाहनों, सैन्य प्रतिष्ठानों, सीमा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, रेलवे लाइनों, पुलों और चल रही निर्माण परियोजनाओं के बारे में कथित तौर पर जानकारी साझा की थी।

सीआईडी ​​को यह भी पता चला है कि बादल कथित तौर पर पाकिस्तानी आकाओं के लिए कई भारतीय व्हाट्सएप अकाउंट बनाने में मदद करने में शामिल था। अधिकारियों ने बताया कि उसने कथित तौर पर भारतीय मोबाइल नंबरों पर वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) मँगवाए और उन्हें पाकिस्तान स्थित गुर्गों को जासूसी और अन्य राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के लिए व्हाट्सएप अकाउंट सक्रिय करने के लिए दिए।

बादल को कथित तौर पर इन सभी चीजों के लिए पैसे मिले थे। जांच विभाग ने कहा कि जयपुर स्थित केंद्रीय पूछताछ केंद्र में गहन पूछताछ और उसके उपकरणों के तकनीकी विश्लेषण के बाद, बादल के खिलाफ आरोपों की पुष्टि हुई।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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