नई दिल्ली: टीम इंडिया में बड़ा बदलाव नजर आने वाला है। सूर्यकुमार यादव की बतौर कप्तान भारत की टी20 टीम से छुट्टी हो सकती है। इसके पीछे बड़ी वजह सूर्यकुमार यादव की अपनी फॉर्म है। वे पिछले कई महीनों से अपने फॉर्म को लेकर जूझ रहे हैं। हालांकि, ये भी है कि बतौर कप्तान यादव का रिकॉर्ड अच्छा रहा है। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने पिछले साल एशिया कप और फिर अभी हाल में टी20 वर्ल्ड कप जीता था।
इसके बावजूद बात उनके निजी प्रदर्शन और कलाई में कथित चोट पर फंस रही है। वे 35 साल के हो चुके हैं और एक फैक्टर ये भी है। सेलेक्शन कमिटी भविष्य में आने वाले वर्ल्ड कप, ओलंपिक खेलों के व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए नए चेहरे को बतौर कप्तान आगे बढ़ाना चाहती है। इस पर अंदरखाने काफी चर्चा भी हो रही है। यादव को 2024 में टी20 टीम के लिए फुलटाइम कप्तानी की जिम्मेदारी मिली थी।
IPL के बाद बदलाव, नए सिरे से तैयारी
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार चयनकर्ताओं का धैर्य यादव के खराब निजी प्रदर्शन को लेकर अब खत्म हो चला है। इसलिए वे अगले सत्र के लिए कुछ नयापन लाना चाहते हैं। भारत के इस सीजन में टी20 मैचों की शुरुआत आयरलैंड में दो मुकाबलों से होगी। उसके बाद इंग्लैंड में पांच मैच खेले जाने हैं।
भारत के सामने 2028 विश्व कप की तैयारी भी है। साथ ही उसी साल होने वाले लॉस एंजिल्स ओलंपिक की तैयारियों के चलते भी टी20 मैचों का एक व्यस्त कार्यक्रम है। ऐसे में फिलहाल, कप्तान के तौर पर सूर्या का समय समाप्त होता दिख रहा है। वैसे, यह देखना बाकी है कि क्या वह टी20 टीम में बल्लेबाज के रूप में बने रहेंगे।
वैसे, सूर्या ने अगले दो वर्षों तक कप्तान बने रहने की इच्छा बार-बार व्यक्त कर चुके है। वर्ल्ड कप जीतने के बाद उन्होंने अपने 2028 के विजन की बात कही थी और ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने की चाहत का भी जिक्र किया था।
बतौर कप्तान अच्छा रिकॉर्ड पर फॉर्म से जूझ रहे
बतौर कप्तान इसी साल सूर्या ने भारत को 2026 का टी20 विश्व कप का खिताब दिलाया था। इसमें उन्होंने नौ पारियों में 242 रन बनाए; इनमें से 84 रन उन्होंने टीम के पहले मैच में अमेरिका के खिलाफ बनाए थे। उस मैच को छोड़कर, दाएं हाथ के इस बल्लेबाज का प्रदर्शन कुछ विशेष नहीं रहा था। कप्तान के रूप में सूर्या का जीत प्रतिशत (76.92) काफी अच्छा है। समस्या उनके अपने प्रदर्शन को लेकर है।
जुलाई-2024 में टी20 टीम का कप्तान बनने के बाद से सूर्यकुमार यादव 45 मैचों की 42 पारियों में 25.88 की औसत से 932 रन ही बना सके हैं। इसी साल टी20 वर्ल्ड कप में 9 पारियों में उनके बल्ले से 242 रन निकले थे। इसमें एक अमेरिका के खिलाफ 84 रनों की पारी शामिल है। वैसे यादव के टी20 करियर की बात करें को कुल 113 मैचों की 107 पारियों में उनके नाम 3272 नाम हैं। इन मैचों में 52 उन्होंने बतौर कप्तान खेले हैं और इनमें 1232 रन बनाए हैं।
यादव के बिना कप्तानी और बतौर कप्तान मैचों की तुलना भी देखें तो जुलाई-2024 से पहले उनका औसत 43.60 था। यह अब 25.88 है। ऐसे ही कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने से पहले यादव का स्ट्राइक रेट 168.75 था। कप्तान बनने के बाद यह 152.03 का रह गया है। कप्तानी से पहले उनके बल्ले से 4 शतक निकले। बतौर कप्तान यह जीरो है। ऐसे ही कप्तानी से पहले उनके बल्ले से 20 अर्धशतक निकले थे। वहीं, पिछले करीब दो साल में यह संख्या 6 रह गई है।
कलाई में चोट भी कर रही परेशान?
यादव की कलाई में परेशानी की बातें सामने आई हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर कुछ भी इस बारे में साफ-साफ नहीं कहा गया है। बीसीसीआई और टीम इंडिया के कुछ सूत्रों के मुताबिक दाएं हाथ का यह बल्लेबाज कलाई की समस्या से जूझ रहा है और लगातार दर्द, तकलीफ के बावजूद खेल रहा है। पिछले आईपीएल सीजन से मुंबई इंडियंस के साथ खेलते हुए वह अपनी दाहिनी कलाई पर भारी टेप लगाकर बल्लेबाजी और फील्डिंग करते नजर आ रहे थे। हाथ पर सीधे दबाव डालने वाले एक्सरसाइज से भी बचते थे।
टी20 विश्व कप के दौरान कई मौकों पर उनकी कलाई पर भारी टेपिंग देखने को मिली थी। हालांकि, इस बारे में जब सहायक कोच रयान टेन डोएस्केट से काफी पहले मीडिया ने पूछा था, तो उन्होंने इसे यह कहकर टाल दिया, ‘यह सामान्य चोट है।’
किसे मिलेगी टी20 की कमान?
कई मीडिया रिपोर्ट और सूत्रों के हवाले ये बातें सामने आई है कि श्रेयष अय्यर की टी20 टीम में वापसी हो सकती है। उन्हें ही कप्तानी की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी। इसके अलावा संजू सैमसन और ईशान किशन भी कप्तान के विकल्प के रूप में देखे जा रहे हैं। अय्यर हालांकि, आईपीएल में तीन अलग-अलग फ्रेंचाइजी के साथ मिल चुकी सफलता के कारण इस रेस में सबसे आगे नजर आ रहे हैं। अय्यर की कप्तानी में केकेआर ने 2024 में खिताब जीता था। इससे पहले दिल्ली कैपिटल्स (2020) और पंजाब किंग्स (2025) भी उनकी कप्तानी में प्लेऑफ में पहुंची हैं।
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