पटना: बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और कांग्रेस के विधान पार्षद समीर कुमार सिंह की शनिवार को हुई मुलाकात ने सियासी चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। समीर सिंह मुख्यमंत्री के कार्यलय पहुंचे थे और करीब आधे घंटे दोनों में बातचीत हुई। ये मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दो महीने बाद ही समीर सिंह का एमएलसी कार्यकाल खत्म होने वाला है। साथ ही अगले कुछ दिनों में बिहार में नई सरकार का कैबिनेट विस्तार भी है। इससे पहले हाल में कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं।
पिछले महीने बिहार में जब पांच राज्यसभा सीटों पर वोटिंग हुई थी, तब कांग्रेस के तीन विधायक मतदान देने नहीं पहुंचे थे। उस समय भी कांग्रेस सहित महागठबंधन में फूट की चर्चा तेज हुई थी।
हालांकि, कांग्रेस एमएलसी ने सम्राट चौधरी से मुलाकात को औपचारिक भेंट बताया है। उन्होंने कांग्रेस में किसी टूट की कथित खबरों का भी खंडन किया है। समीर कुमार ने कहा कि चूकी सम्राट चौधरी उनके ही विधान सभा क्षेत्र (तारापुर) से विधायक हैं, इसलिए समस्याओं और विकास कार्यों पर बातचीत हुई। समीर सिंह मुंगेर जिले के गंगटा से आते हैं। यह तारापुर विधानसभा क्षेत्र में आता है। समीर सिंह 2020 में एमएलसी बने थे। वे बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुके हैं। अगले दो महीने बाद 28 जून को उनका कार्यकाल खत्म होगा।
एमएलसी चुनाव और राज्य सरकार का कैबिनेट विस्तार
बिहार में आने वाले दिनों में विधान परिषद की 9 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा होने की संभावना है। इन 9 में से ज्यादातर पर सत्तारूढ़ एनडीए का पलड़ा भारी लग रहा है। माना जा रहा है कि कम से कम 8 सीटों पर एनडीए की जीत हो सकती है, जबकि एक सीट विपक्ष के खाते में जाएगी।
इन सबके बीच सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का कैबिनेट विस्तार भी जल्द होने वाला है। सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को सीएम पद की शपथ ली थी। वहीं, जदयू से विजय चौधरी और बिजेंद्र चौधरी ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी। एक दिन पहले ही 24 अप्रैल को नई सरकार ने विधानसभा में विश्वास मत भी हासिल कर लिया। विधानसभा में एनडीए के पास अभी 202 विधायक हैं। सम्राट चौधरी ने शनिवार सुबह नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से भी मुलाकात की।
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