नई दिल्ली: असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग टीम (SIT) ने पिछले हफ्ते गायक जुबीन गर्ग की सिंगापुर में हुई मौत के सिलसिले में जो चार्जशीट दायर की है, उससे कुछ और बातें सामने आई हैं। चार्जशीट के अनुसार जुबीन गर्ग को नशे की हालत में समुद्र में जाने के लिए उकसाया गया था। यही नहीं, उनके जान-पहचान वालों ने उन्हें बचाने के लिए समय पर बहुत पर्याप्त तौर पर कोशिश नहीं की गई।
जाने-माने गायक गर्ग की 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वह नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल (NEIF) के चौथे एडिशन में शामिल होने के लिए सिंगापुर गए थे। इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा बार-बार दावा करते रहे हैं कि गायक का मर्डर किया गया था। उन्होंने आरोपियों को सजा दिलाने का वादा भी किया था।
SIT ने शुक्रवार को गुवाहाटी कोर्ट के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने 12,000 पन्नों की चार्जशीट पेश की थी। इसमें 8,698 पन्नों के सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट भी शामिल थे। जुबीन के सेक्रेटरी सिद्धार्थ शर्मा, फेस्टिवल आयोजक श्यामकानु महंत और बैंड के सदस्य शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृतप्रभा महंत पर हत्या का आरोप लगाया गया है।
चार्जशीट में क्या कहा गया है?
चार्जशीट में जुबीन गर्ग के दो व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी, नंदेश्वर बोरा और प्रबीन बैश्य पर कथित तौर पर सौंपे गए फंड या प्रॉपर्टी का गलत इस्तेमाल करने के लिए आपराधिक साजिश और आपराधिक विश्वासघात का आरोप लगाया गया था।
NEIF से पहले, जुबीन कथित तौर पर असम एसोसिएशन सिंगापुर के सदस्यों के साथ नाव पर घूमने गए थे और तैरते समय बेहोश हो गए थे। बाद में उन्हें सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल में मृत घोषित कर दिया गया था। सिंगापुर के अधिकारियों ने कहा कि मौत का कारण डूबना था, जबकि असम पुलिस ने पाया कि उस समय वह नशे में भी थे।
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, जुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा पर ‘नशे की हालत पैदा करने’ का आरोप लगाया गया है, जिससे उनका कोऑर्डिनेशन और रिफ्लेक्स खराब हो गए और ‘उन्हें बिना लाइफ जैकेट के तैरने के लिए मजबूर किया गया।’ यह सब तब हुआ जब जुबीन को उनके डॉक्टर ने पानी और आग से दूर रहने की सलाह दी थी। चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि गायक को मिर्गी की बीमारी थी।
श्यामकानू महंत पर जुबीन को ‘मेडिकल सलाह के खिलाफ’ जाकर व्हिस्की की बोतल देने और यॉट पार्टी के आयोजकों को उनकी मेडिकल हालत के बारे में जानकारी न देने का आरोप लगाया गया है। उन पर समय पर इंतजाम न करने का भी आरोप है। इससे सिंगर की जान बचाई जा सकती थी। आरोपपत्र में कहा गया है कि जुबीन को ‘घटना के 75 मिनट बाद’ एम्बुलेंस में ले जाया गया था।
इसके अलावा, रिपोर्ट के अनुसार, ड्रमर शेखर ज्योति गोस्वामी पर जुबीन को पानी में जाने के लिए उकसाने और ‘सबसे अच्छी स्थिति में होने के बावजूद’ उन्हें न बचाने का आरोप लगाया गया है। सिंगर अमृतप्रभा महंत पर ‘बहुत ज्यादा शराब पीने का कारण बनने’ और जुबीन के मैनेजर, आयोजक या पत्नी को यह न बताने का भी आरोप है कि वह नशे में थे, भूखे थे और नींद पूरी नहीं हुई थी।
महंत पर कथित तौर पर जुबीन को बिना लाइफ जैकेट के तैरने के लिए भी उकसाने का भी आरोप है। SIT ने शर्मा पर ‘पीड़ित को रिटायर करने और उससे वित्तीय फायदा उठाने’ और अलग-अलग वेंचर्स में इन्वेस्ट करके गायक के वित्तीय हितों को ‘उलट-पलट’ करने का आरोप लगाया है।
इसके अलावा जुबीन के चचेरे भाई संदीपान गर्ग पर ‘शेखर और पीड़ित को लंबी दूरी तक तैरने के लिए पानी में जाने के लिए उकसाने’ और ‘पीड़ित को बचाने के लिए देर से पानी में कूदने’ का आरोप लगाया गया है। FIR में नामजद दो पुलिसकर्मियों पर जुबीन की संपत्ति का ‘बेईमानी से गबन करने’ और ‘उसे अपने इस्तेमाल के लिए बदलने’ का आरोप लगाया गया है।
22 दिसंबर को कोर्ट में अगली सुनवाई
जुबीन गर्ग मौत मामले में सभी सात आरोपी मंगलवार को कामरूप (मेट्रो) के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने वर्चुअली पेश हुए। इसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 22 दिसंबर तय की है।
चार्जशीट जमा होने के बाद पहली बार सीजेएम ने सभी सात आरोपियों को फिजिकली मौजूद रहने का निर्देश दिया था, लेकिन SIT ने कोर्ट में लाए जाने पर कानून-व्यवस्था की समस्या होने की आशंका जताई थी। इसके बाद जज ने निर्देश दिया कि उन्हें जेल से ही सुनवाई के लिए वर्चुअली पेश किया जाए।

