Home भारत मणिपुरः युमनाम खेमचंद बनेंगे राज्य के मुख्यमंत्री, एक साल से लागू था...

मणिपुरः युमनाम खेमचंद बनेंगे राज्य के मुख्यमंत्री, एक साल से लागू था राष्ट्रपति शासन

पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में एक साल से राष्ट्रपति शासन लागू है। भाजपा की बैठक में उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया। वह मुख्यमंत्री होंगे।

yumnam khemchand will be the next cm of manipur, युमनाम खेमचंद
युमनाम खेमचंद, फोटोः आईएएनएस

इंफालः युमनाम खेमचंद सिंह पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर के अगले मुख्यमंत्री होंगे। भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार, 3 फरवरी को उन्हें विधायक दल का नेता चुना है। वह मणिपुर के प्रमुख भाजपा नेता हैं और एन बीरेन सिंह की पिछली सरकार में मंत्री भी थे।

इससे पहले 2017 वाले कार्यकाल में वह मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष थे। खेमचंद दो बार सिंगजामेई (Singjamei) सीट से मणिपुर विधानसभा के सदस्य चुने जा चुके हैं। यह राजधानी क्षेत्र इंफाल से जुड़ा महत्वपूर्ण इलाका है।

मणिपुर में खेमचंद के साथ महिला उपमुख्यमंत्री की भी संभावना

न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से ये भी बताया कि राज्य में एक महिला उपमुख्यमंत्री हो सकती हैं। क्योंकि कुकी नेता और पूर्व मंत्री नेमचा किपगेन इस पद के लिए प्रमुख दावेदारों में से एक हैं।

राज्य में लंबे समय से चल रही जातीय हिंसा के बीच एन बीरेन सिंह ने 9 फरवरी, 2025 को सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके कुछ ही दिनों बाद वहां राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। जिसके बाद से ही यह पद खाली है। अगले कुछ दिनों में राष्ट्रपति शासन खत्म होने वाला है। ऐसे में पहले दिल्ली में भाजपा विधायकों की बैठक रखी गई थी। जिसके बाद, मणिपुर में एनडीए के सहयोगी दलों ने भी मंगलवार को बैठक की।

भाजपा संसदीय बोर्ड ने सोमवार, 2 फरवरी को मणिपुर विधानसभा के नेता के चुनाव के लिए तरुण चुघ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। हालिया घटनाक्रमों पर मणिपुर के एक भाजपा नेता ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि “रविवार, 1 फरवरी को सभी विधायकों को अगले दिन होने वाली बैठक के लिए दिल्ली बुलाया गया था। सभी 37 विधायक बैठक के लिए दिल्ली में मौजूद हैं। बैठक सोमवार शाम को होनी थी। लेकिन केंद्रीय पर्यवेक्षक की नियुक्ति के बारे में घोषणा करने में थोड़ी देरी हुई। जिसके बाद, हमें सूचना मिली कि बैठक कल दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।”

एन बीरेन सिंह भी बैठक में हुए थे शामिल

इससे पहले, मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने भी राज्य में एनडीए के सभी सहयोगी दलों को दिल्ली में एक बैठक के लिए बुलाए जाने की पुष्टि की थी। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा था, “एनडीए के सभी सहयोगियों को आमंत्रित किया गया है… सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद करते हैं। सरकार का गठन एक सतत प्रक्रिया है। मैं मणिपुर राज्य में बदलाव लाने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहा हूं।”

बता दें कि मणिपुर विधानसभा में कुल 60 सीटे हैं। इसमें भाजपा की वर्तमान स्थिति 37 सीटों की है। शुरुआत में, 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी के 32 उम्मीदवार निर्वाचित हुए थे। वहीं, जेडीयू ने छह सीटें जीती थीं। हालांकि, उन छह विधायकों में से पांच बाद में भाजपा में शामिल हो गए।

कुकी और मैतेई समुदायों के बीच जातीय तनाव के कारण राज्य में रुक-रुक कर हिंसा जारी है। पिछले साल अगस्त में संसद द्वारा राष्ट्रपति शासन को छह महीने के लिए और बढ़ा दिया गया था। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने हिंसा की जांच के लिए 4 जून, 2023 को तीन सदस्यीय जांच आयोग गठित की है। बीते दिनों इस आयोग को कार्यकाल विस्तार दिया गया था। अब इसे 20 मई, 2026 तक जांच रिपोर्ट पेश करना है।

author avatar
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version