सर्दियों का ठहराव, बसंत का नयापन, गर्मियों में तेज गर्मी, और बारिश की राहत…मोटा-माटी हजारों-हजारों साल से मौसम का यही च्रक धरती के अधिकांश हिस्सों में रहा है। मौसम के समय-समय पर बदलते जाने की ये रवायत इतनी गहरी रही कि इन पर सवाल उठाने की गुंजाइश ही नहीं थी। लेकिन, अब सवाल उठ रहे हैं। जो मौसम कभी अनुमान लगाने लायक था, अब अनिश्चित लगता है। क्यों फरवरी अब अप्रैल जैसा लगने लगा है, अप्रैल…जून-जुलाई जैसा, नवंबर…अगस्त जैसा। जिन मौसमों के साथ हम बड़े हुए हैं, क्या वे धीरे-धीरे गायब होते से नजर आ रहे हैं?
एक बड़ा बदलाव दुनिया भर में सभी महसूस कर रहे हैं, वो ये कि सर्दियाँ पहले से अधिक गर्म महसूस हो रही हैं। सर्दियां आ भी रही हैं तो अचानक बेहद तेज और कम समय के लिए और फिर अचानक ये गायब हो जाती हैं। मौसम में अचानक बदलाव, अचानक बहुत तेज ठंड या फिर गर्मी, अनियमित वर्षा और लंबे समय तक सूखा, ये सब मौसम के बदले पैटर्न को दिखाते हैं। पूरे साल में मौसम का मुख्य रूप से चार हिस्सों वाला चक्र अब खत्म हो रहा है। मौसमों ये उठापटक सभी महसूस कर रहे हैं, आखिर इसके पीछे का विज्ञान क्या है..वीडियो में जानिए

