अशोक पांडे की लेखनी बेहद कमाल की है। उन्होंने बचपन के किस्सों को शानदार ढंग से पिरोया है जिससे बचपन की याद आ जाना स्वाभाविक है। बचपन की खट्टी-मीठी यादों में खो जाना चाहते हैं तो उनके उपन्यास ‘लपूझन्ना’ को जरूर पढ़ें।
उनकी किताब के बारे में बात की है, जिसे देख सकते हैं।
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...