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कौन हैं आईपीएस अंजलि कृष्णा? मिट्टी खनन को लेकर अजित पवार से बहस का वीडियो हो रहा वायरल

अंजलि कृष्णा केरल की रहने वाली हैं और 2022-23 बैच की यूपीएससी सिविल सेवा अधिकारी हैं। अपनी ईमानदारी और मजबूत इरादों के लिए जानी जाने वाली अंजलि फिलहाल सोलापुर के करमाला में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर हाल ही में तैनात हुई हैं।

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मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) और एक महिला आईपीएस अधिकारी अंजलि कृष्णा (IPS Anjana Krishna) के बीच गरमागरम बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह बहस तब शुरू हुई जब आईपीएस अधिकारी ने फोन पर अजित पवार की आवाज पहचानने से इनकार कर दिया।

बता दें कि यह घटना सोलापुर जिले के कुर्डू गाँव की है। आईपीएस अधिकारी अंजलि कृष्णा वहाँ एक सड़क निर्माण परियोजना से जुड़े अवैध ‘मुरम’ (लाल मिट्टी) के खनन की जाँच करने गई थीं। इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस टीम के बीच बहस शुरू हो गई, जिसके बाद एनसीपी कार्यकर्ता बाबा जगताप ने सीधे डिप्टी सीएम अजित पवार को फोन लगाया और फोन महिला अधिकारी अंजलि को थमा दिया।

इस पर पवार कहते हैं, मैं तेरे ऊपर एक्शन लूंगा। वे आगे कहते हैं- तुझे मुझे देखना है न? अपना नंबर दो या व्हाट्सऐप कॉल करो। मेरा चेहरा तो पहचान लोगी न। पवार अधिकारी से यह भी पूछते हैं, इतनी हिम्मत कैसे हुई तुम्हें? इसके बाद पवार कथित तौर पर वीडियो कॉल करके अधिकारी को सीधे-सीधे कार्रवाई रोकने का आदेश दिया। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरा मामला 31 अगस्त का है।

एनसीपी कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज

यह वीडियो वायरल होने के कुछ ही घंटों बाद, कुर्डूवाड़ी पुलिस स्टेशन में 10-15 एनसीपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें बाबा जगताप का नाम भी शामिल है। यह शिकायत पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा 9.15 और बीएनएस की धारा 132, 189(2), 189(3), 189(5), 303(2) और 3(5) के तहत दर्ज की गई है।उन पर सरकारी कर्मचारी को अपना काम करने से रोकने का आरोप लगाया गया है।

वहीं, इस घटना पर सफाई देते हुए एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि वीडियो जानबूझकर लीक किया गया है। उन्होंने कहा कि अजित दादा ने कार्यकर्ताओं को शांत करने के लिए शायद आईपीएस अधिकारी को फटकार लगाई होगी। उनका इरादा कार्रवाई को पूरी तरह से रोकना नहीं था।

एनसीपी शरद गुट के सांसद ने क्या कहा?

उधर, माढ़ा से एनसीपी (शरद पवार गुट) सांसद धैर्यशील मोहिते पाटिल ने अजित पवार पर अधिकारी को धमकाने का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि मोहिते पाटिल का संसदीय क्षेत्र में कुर्डू गाँव ही है। उन्होंने ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ को बताया कि वीडियो सामने आने के बाद मैंने और जानकारी जुटाई और पाया कि स्थानीय ग्रामीणों ने मिट्टी खनन के खिलाफ शिकायत की थी। इसी शिकायत के बाद आईपीएस अधिकारी एक प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर गई थीं।

उन्होंने आगे कहा कि मौके पर मौजूद एक एनसीपी कार्यकर्ता ने अजित पवार को फोन किया और अधिकारी को उनसे बात कराई, जिसके बाद कार्रवाई रोक दी गई।

मोहिते पाटिल ने बताया कि वीडियो में सुनाई दे रही आवाज ने पुलिस अधिकारी से कहा कि मैं कार्रवाई रोकने का आदेश दे रहा हूँ। तुम तहसीलदार को बता देना कि डिप्टी सीएम ने खुद ऐसा कहा है। मुंबई में हालात खराब हैं और हमें उसे प्राथमिकता देनी चाहिए।

सांसद ने वीडियो का हवाला देते हुए बताया कि जब अधिकारी ने उन्हें सीधे अपने मोबाइल पर कॉल करने के लिए कहा, तो वह शख्स अधिकारी को धमकाने लगा। मोहिते पाटिल के अनुसार, वह शख्स कह रहा था, “तुम मुझसे सीधे कॉल करने को कह रही हो? मैं तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई करूँगा। तुम्हें मुझे देखना है, तो मुझे अपना नंबर दो, मैं तुम्हें व्हाट्सएप पर कॉल करूँगा, मुझे उम्मीद है कि तुम मेरा चेहरा पहचान जाओगी। तुम्हारी इतनी हिम्मत? मुझे अपना नंबर दो, मैं तुम्हें कॉल करता हूँ।”

एक्टिविस्ट ने की माफी की मांग

इस घटना पर सामाजिक कार्यकर्ता विजय कुंभार ने कहा कि आईपीएस अधिकारी कानून का पालन कर रही थीं, लेकिन उपमुख्यमंत्री ने उन्हें धमकाया। क्या इसीलिए नेता अपनी ‘पसंदीदा’ अधिकारियों को अहम पदों पर चाहते हैं? वहीं, एक्टिविस्ट अंजलि दमानिया ने माफी की मांग की है। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री को अधिकारी से माफी माँगनी चाहिए।

कौन हैं आईपीएस अंजलि कृष्णा?

अंजलि कृष्णा केरल की रहने वाली हैं और 2022-23 बैच की यूपीएससी सिविल सेवा अधिकारी हैं। उन्होंने 2022 में यूपीएससी की परीक्षा में 355वीं रैंक हासिल की थी। अंजलि सेंट मैरीज सेंट्रल स्कूल से पढ़ी हैं और उन्होंने गणित में ग्रेजुएशन किया है।

कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा अंग्रेजी माध्यम से दी थी, जिसमें उनका वैकल्पिक विषय मलयालम साहित्य था। बता दें कि अंजलि बतौर रिपोर्टर एक प्रमुख मलयालम दैनिक में इंटर्नशिप भी की हुई है। उनके पिता एक छोटी सी कपड़े की दुकान चलाते हैं और उनकी माँ स्थानीय अदालत में टाइपिस्ट का काम करती हैं।

अंजलि की पहचान एक ईमानदार, दृढ़ संकल्प और कुशाग्र प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर होती है। वह अपनी ईमानदारी और मजबूत इरादों के लिए जानी जाने वालीं अंजलि फिलहाल सोलापुर के करमाला में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर हाल ही में तैनात हुई हैं।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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