नई दिल्ली: मेटा ने अपने लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp के लिए नए सीईओ के रूप में कुणाल शाह की नियुक्ति की है। व्हाट्सऐप आज दुनिया का सबसे चर्चित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है। दुनिया भर में मासिक तौर पर 3.3 अरब से अधिक यूजर इसका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में पहली बार कोई भारतीय व्हाट्सऐप की कमान संभालेगा। हालांकि,, उनकी नियुक्ति के बाद सोशल मीडिया पर उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है।
दरअसल, इसकी वजह ये है कि टेक्नोलॉजी क्षेत्र की कंपनियों के अधिकांश शीर्ष अधिकारियों की तरह कुणाल शाह का सफर इंजीनियरिंग या तकनीकी शिक्षा से नहीं जुड़ा रहा है। उन्होंने मुंबई के विल्सन कॉलेज से दर्शनशास्त्र यानी फिलॉस्फी में स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में MBA में दाखिला लिया, लेकिन लगभग एक साल बाद ही इसकी पढ़ाई छोड़ दी।
कुणाल शाह ने पूर्व में कई इंटरव्यू में कहा है कि उन्हें अक्सर क्लासरूम के बाहर ज्यादा चीजें सीखने को मिली। समय के साथ उनका यह फैसला उनके करियर के लिए फायदेमंद साबित हुआ।
आर्थिक चुनौतियों के बीच शुरू हुआ सफर
कुणाल शाह का परिवार बहुत समृद्ध भी नहीं था। उन्हें भी आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। इसी वजह से वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई नहीं कर सके। हालांकि उन्होंने पारंपरिक कॉर्पोरेट करियर का रास्ता चुनने के बजाय उद्यमिता (entrepreneurship) की ओर कदम बढ़ाया।
साल 2010 में वे उन्होंने अपने साथियों के साथ डिजिटल पेमेंट और मोबाइल रिचार्ज प्लेटफॉर्म फ्रीचार्ज (FreeCharge) की स्थापना की। उस समय भारत में ऑनलाइन पेमेंट और रिचार्ज जैसी सेवाएं शुरुआती दौर में थीं। FreeCharge ने कैशबैक और आकर्षक ऑफर्स के जरिए लाखों ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित किया। कंपनी की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता के बाद 2015 में स्नैपडील ने फ्रीचार्ज का अधिग्रहण किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह सौदा 40 से 45 करोड़ डॉलर के बीच हुआ था।
FreeCharge के बाद शुरू किया CRED
फ्रीचार्ज से बाहर निकलने के बाद कुणाल शाह ने कुछ समय तक स्टार्टअप्स में निवेश किया। फिर 2018 में उन्होंने CRED की स्थापना की। क्रेड की शुरुआत एक बहुत आम आइडिया के साथ हुई थी, जिसमें समय पर क्रेडिट कार्ड बिल चुकाने वाले ग्राहकों को रिवार्ड दिए जाते थे। बाद के वर्षों में कंपनी ने लेंडिंग, पेमेंट्स, कॉमर्स, इंश्योरेंस और वेल्थ मैनेजमेंट जैसी सेवाओं में भी विस्तार किया। आज क्रेड भारत के सबसे चर्चित स्टार्टअप ब्रांड्स में से एक माना जाता है।
बहरहाल, मेटा ने अब कुणाल शाह को WhatsApp का नया सीईओ नियुक्त किया है। इससे पहले तक विल कैथकार्ट 2019 से व्हाट्सऐप का नेतृत्व कर रहे थे। कैथकार्ट अब मेटा में उपभोक्ता एआई प्रोडक्ट्स से जुड़ी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। बता दें कि व्हाट्सऐप की शुरुआत 2009 में जान कौम ने की थी, जो 2018 में कैथकार्ट को कमान सौंपने तक इसके पहले सीईओ रहे। शाह की नियुक्ति मेटा द्वारा CRED में लगभग 900 मिलियन डॉलर के निवेश के बाद हुई है। यह भारत के फिनटेक सेक्टर में कंपनी द्वारा किए गए सबसे बड़े रणनीतिक निवेशों में से एक है।
कुणाल शाह ने बतौर व्हाट्सऐप सीईओ अपनी नियुक्ति पर कहा कि इस मैसेजिंग ने दुनिया भर में बड़ी सफलता हासिल कर ली है लेकिन इसकी पूरी क्षमता का इस्तेमाल अभी भी बाकी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मेटा ने उनकी उद्यमी सोच और नए उत्पाद विकसित करने के अनुभव को देखते हुए शाह को ये बड़ी जिम्मेदारी दी है।
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