नई दिल्ली: नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा के मद्देनजर एक सप्ताह के लिए लगाए गए प्रतिबंध के बाद मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम की गूगल प्ले स्टोर पर वापसी हो गई है। हालांकि, सरकार के आदेश के तहत प्लेटफॉर्म का मैसेज-एडिटिंग फीचर 30 जून तक बंद रहेगा।
केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) और गृह मंत्रालय की सिफारिश के बाद 16 से 22 जून तक भारत में टेलीग्राम की सेवाओं को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया था। सरकार का कहना था कि संगठित नकल और धोखाधड़ी गिरोह प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल 21 जून को आयोजित नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को गुमराह करने तथा फर्जी दावों के जरिए ठगने के लिए कर रहे थे।
एनटीए ने मंगलवार को कहा कि यह कदम परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने और संभावित साइबर धोखाधड़ी पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया। एजेंसी ने कहा कि कुछ नेटवर्क टेलीग्राम के माध्यम से अभ्यर्थियों को झूठी जानकारी और फर्जी प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा कर रहे थे।
अदालत पहुंचा था मामला
टेलीग्राम के संस्थापक और सीईओ पावेल ड्यूरोव ने अस्थायी निलंबन की आलोचना करते हुए कहा था कि इससे भारत में 15 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता प्रभावित होंगे। जिसके बाद टेलीग्राम ने पाबंदी के खिलाफ अदालत का रुख किया था। हालांकि दिल्ली हाई कोर्ट ने 19 जून को अपने फैसले में केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराया।
टेलीग्राम एफजेड एलएलसी द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति तेजस करिया की एकल पीठ ने कहा था कि परीक्षा से जुड़े असाधारण हालात को देखते हुए सरकार द्वारा उठाया गया कदम उचित और आनुपातिक था। अदालत ने माना कि केंद्र ने आपातकालीन ब्लॉकिंग शक्तियों का उपयोग करते समय कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया।
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि मामले की आपात प्रकृति को देखते हुए केंद्र सरकार के पास हस्तक्षेप के पर्याप्त आधार थे और आईटी एक्ट की धारा 69ए के तहत सभी आवश्यक प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं का पालन किया गया। इसलिए केवल कारणों के कथित अभाव के आधार पर आदेश को अवैध नहीं ठहराया जा सकता।
केंद्र सरकार ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि टेलीग्राम की तकनीकी संरचना और परीक्षा संबंधी धोखाधड़ी के मामलों में इसके बार-बार दुरुपयोग को देखते हुए तत्काल कार्रवाई आवश्यक थी। सरकार ने कहा कि उस समय उपलब्ध परिस्थितियों में अस्थायी ब्लॉकिंग ही सबसे प्रभावी उपाय था।

