क्रिकेट की दुनिया में पिछले एक-डेढ़ साल से एक नाम खासा चर्चा में है- वैभव सूर्यवंशी। बिहार के छोटे शहर समस्तीपुर से निकलकर दुनिया भर में अपने खेल के अंदाज की वजह से छा जाने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अभी तक सीनियर स्तर पर इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेला है, लेकिन उनसे उम्मीद काफी बढ़ गई है। महज किशोर उम्र में रणजी ट्रॉफी, अंडर-19 क्रिकेट और आईपीएल जैसे बड़े मंचों पर अपनी छाप छोड़ना आसान नहीं होता।
वैभव की बल्लेबाजी में सिर्फ आक्रामकता नहीं, बल्कि तकनीकी परिपक्वता भी दिखाई देती है। यही वजह है कि कई क्रिकेट विशेषज्ञ उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा मानने लगे हैं।
आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेल रहे वैभव इस सीजन में 43 छक्के लगा चुके हैं। इस तरह वे किसी भी एक आईपीएल सीजन में सबसे ज्यादा छक्का लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। सूर्यवंशी के नाम हालांकि, केवल ये एक रिकॉर्ड नहीं है। अच्छी खासी लिस्ट तैयार हो गई है। बतौर भारतीय बल्लेबाज एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों के अलावा सूर्यवंशी ने जो कारनामे इस बार आईपीएल में किए हैं, उसे देखिए-
- आईपीएल की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के: सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के जड़े, मुरली विजय के 11 छक्कों के भारतीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
- एक सीजन में सबसे तेज 400 रन: सूर्यवंशी ने महज 167 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की और आंद्रे रसेल के 188 गेंदों के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
- टी20 में 1,000 रन बनाने वाले सबसे कम उम्र के और सबसे तेज खिलाड़ी: पुरुषों के टी20 में सिर्फ 473 गेंदों में 1,000 रन पूरे किए।
- एक से अधिक शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी: सूर्यवंशी आईपीएल में 40 गेंदों से भी कम में दो शतक लगा चुके हैं। यह भी रिकॉर्ड है। वे ऐसा करने वाले पहले एकमात्र अनकैप्ड खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने इस सीजन में सनराइजर्स के खिलाफ 36 गेंदों में शतक जड़ा। इससे पहले पिछले साल 2025 में 14 साल की उम्र में गुजरात टाइटंस के खिलाफ 35 गेंदों में शतक ठोका था।
वैभव सूर्यवंशी में आखिर क्या खास बात है? उनकी बल्लेबाजी तकनीक क्या कुछ अलग और सबसे जुदा है? इस पर भी काफी बातें हो रही हैं। तमाम एक्सपर्ट और क्रिकेट फैंस भी बहुत गौर से उनके खेल को देख रहे हैं। आने वाले सालों में सूर्यवंशी इस तरह परखे जाने के दबाव को कैसे झेलेंगे, वो देखने वाली बात होगी। लेकिन यह भी तय है कि उनकी बल्लेबाजी तकनीक में काफी कुछ ऐसा है, जो उन्हें आक्रामक और खास बल्लेबाज बनाता है। उस तकनीक की बात करने से पहले वैभव सूर्यवंशी बनने की कहानी जान लेते हैं।
वैभव सूर्यवंशी बनने की कहानी
बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर इलाके में एक साधारण परिवार से आने वाले वैभव के पिता छोटी-मोटी दुकान चलाते हैं लेकिन स्थानीय स्तर पर क्रिकेट खेल चुके हैं। पिता संजय सूर्यवंशी का लंबे समय तक क्रिकेट खेलने का सपना पूरा नहीं हुआ लेकिन अपने बेटे के हुनर को वे जल्द पहचान गए। बेहद सीमित संसाधनों के बीच वैभव के क्रिकेट की ट्रेनिंग शुरू हुई। उम्र तब 5 साल की थी। शुरुआत में पिता ने ही वैभव को कोचिंग दी।
बाद में पिता को अहसास हुआ कि वैभव को और बेहतर अभ्यास और ट्रेनिंग की जरूरत है। ऐसे में पटना में एक क्रिकेट अकादमी में उनका दाखिला पिता ने कराया। समस्तीपुर से पटना आने में कम से कम दो से तीन घंटे लगते थे। ऐसे में हफ्ते में कम से कम तीन दिन वैभव ट्रेनिंग के लिए पिता के साथ पटना आते। वैभव की ट्रेनिंग और क्रिकेट खर्च के लिए जमीन भी बेचनी पड़ी। कई सालों का संघर्ष चला। कुल मिलाकर बिहार जैसे राज्य में, जहां लंबे समय तक क्रिकेट संरचना बहुत मजबूत नहीं रही, वहां से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
IPL में कैसे पहुंच वैभव सूर्यवंशी?
आईपीएल 2024 की मेगा नीलामी से पहले, लगभग हर फ्रेंचाइजी देश भर में अगले बड़े सुपरस्टार की तलाश में टैलेंट हंट कार्यक्रम चला रही थी। इसी दौरान, बिहार के पूर्व स्पिनर समर कादरी ने राजस्थान रॉयल्स के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट जुबिन भरूचा को वैभव सूर्यवंशी का नाम सुझाया। जब जुबिन ने वैभव की प्रोफाइल देखी, तो वे उनकी उपलब्धियों से तुरंत प्रभावित हो गए, जिनमें महज 12 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी में पदार्पण करना भी शामिल था।
वैभव की क्षमता और धैर्य को परखने के लिए जुबिन ने कथित तौर पर युवा बल्लेबाज को लगभग 150-155 किमी/घंटा की गति से गेंदबाजी करने वाले लंबे तेज गेंदबाजों के सामने उतारा। उस समय केवल 13 साल के होने के बावजूद वैभव ने निर्भीक अंदाज में गेंदबाजों का सामना किया। छक्के भी लगाए और अपने आत्मविश्वास और शॉट खेलने की क्षमता से सभी को प्रभावित किया।
क्रिकेट टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार जुबिन भरूचा वैभव की बल्लेबाजी तकनीक, निडर दृष्टिकोण और परिपक्वता से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने राजस्थान रॉयल्स प्रबंधन को नीलामी की राशि का एक बड़ा हिस्सा इस युवा खिलाड़ी के लिए बचाकर रखने की सलाह दी। फ्रेंचाइजी के भीतर इतना आत्मविश्वास था कि वे तब सउदी अरब जेद्दा में आयोजित आईपीएल 2024 की मेगा नीलामी में सूर्यवंशी को खरीदने के लिए भारी रकम खर्च करने को तैयार थे।
वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी तकनीक क्यों खास है?
इसे लेकर काफी बातें हो रही हैं। वैभव की बल्लेबाजी की तकनीकी खूबियों की बात करें, तो सबसे पहले जो चीज प्रभावित करती है, वह है उनका हैंड-आई कोऑर्डिनेशन। तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनके शॉट खेलने का समय बेहद सटीक होता है। बहुत कम उम्र के बल्लेबाज अक्सर गेंद की गति से परेशान हो जाते हैं, लेकिन वैभव गेंद को आखिरी क्षण तक देखते हैं। इसी वजह से उनके पुल शॉट काफी प्रभावी दिखाई देते हैं।
उनकी दूसरी बड़ी खूबी है—बैकलिफ्ट और बैट स्पीड। वैभव का बैट बहुत तेजी से नीचे आता है, जिससे उन्हें पावर जनरेट करने में मदद मिलती है। यही कारण है कि वे छोटी उम्र में भी लंबे-लंबे छक्के लगाने में सक्षम हैं। आईपीएल और अंडर-19 क्रिकेट में उनके कई शॉट्स यह दिखाते हैं कि उनमें आधुनिक टी20 बल्लेबाजी की समझ पहले से मौजूद है।
ईएसपीएन क्रिकइन्फो के बॉल-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार वैभव के सबसे प्रभावी और अक्सर इस्तेमाल किए जाने वाले शॉट सीधे बल्ले से लगाया गया लॉफ्टेड स्लॉग और लॉफ्टेड ऑन-ड्राइव हैं। उनका शॉट चयन एक औसत बल्लेबाज से अलग है क्योंकि वे नियंत्रण के साथ आक्रामक हवाई स्ट्रोक लगाना पसंद करते हैं। इससे वे अच्छी लेंथ की गेंदों पर भी तेज और स्पिन दोनों तरह के गेंदबाजों पर हावी हो पाते हैं।
एक और खास बात है कि दूसरे बल्लेबाज आम तौर पर बल्ले को सीधे उठाते हैं, और शॉट के लिए नीचे की ओर लाते हैं। वैभव इस मामले में अलग दिखते हैं। वे बल्ले को पहले और पीछे की ओर जोर से ले जाते हैं और अपने निचले हाथ की मजबूत पकड़ की बदौलत तेजी से प्रहार के लिए नीचे लाते हैं। इससे एक शक्तिशाली लीवर जैसा प्रभाव पैदा होता है। एक्सपर्ट का मानना है कि उनकी कलाई की यह गति और बल्ले का स्विंग असाधारण ताकत और टाइमिंग देता है। इस दौरान उनका बैलेंज भी काफी अच्छा रहता है। यह वजहें उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे होनहार युवा बल्लेबाजों में से एक बना रही हैं।
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