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क्या है AMSS सिस्टम? जिसमें खराबी से दिल्ली एयरपोर्ट पर 800 से ज्यादा उड़ानें हुईं लेट

तकनीकी खामी की वजह से देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे, आईजीआई एयरपोर्ट पर सुबह से ही अफरा-तफरी मच गई थी। औसतन 45–50 मिनट की देरी हर उड़ान में दर्ज की गई।

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दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार को एक बड़ी तकनीकी गड़बड़ी के कारण हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) सिस्टम ठप पड़ गया। इसके चलते 800 से ज्यादा उड़ानें देरी से रवाना या लैंड हुईं, जबकि कुछ को रद्द भी करना पड़ा।

एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने बताया कि अब सिस्टम पूरी तरह बहाल कर दिया गया है, हालांकि बैकलॉग के कारण सामान्य संचालन में अभी कुछ देरी हो सकती है।

क्या है AMSS सिस्टम?

ऑटोमेटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (एएमएसएस) एटीसी का अहम हिस्सा है। यह एक आईपी-आधारित सिस्टम है जो रोजाना हजारों संदेश एयरलाइनों, हवाई अड्डों और कंट्रोल टावरों के बीच भेजता है। इसमें उड़ान योजनाएं, मौसम अपडेट और अन्य परिचालन जानकारी शामिल होती है।

जब यह सिस्टम फेल हो जाता है, तो एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को हर उड़ान की योजना मैन्युअल रूप से दर्ज करनी पड़ती है, जिससे उड़ान संचालन बेहद धीमा हो जाता है। यह प्रक्रिया सुरक्षित तो होती है, लेकिन स्वचालित प्रणाली की तुलना में कई गुना ज्यादा समय लेती है।

एएमएसएस न केवल हवाई यातायात योजनाओं को संभालता है, बल्कि रनवे और आसमान में विमानों की स्थिति, मौसम की जानकारी और उड़ान क्रम जैसी सूचनाएं भी स्वचालित रूप से स्क्रीन पर पहुंचाता है।

कैसे हुआ तकनीकी फेलियर?

एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मुताबिक, 6 नवंबर को दिल्ली एटीसी के AMSS सिस्टम में तकनीकी खराबी पाई गई। इससे फ्लाइट प्लान मैसेज प्रोसेसिंग प्रभावित हुई और कंट्रोलरों को मैन्युअल तरीके से काम करना पड़ा।

दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी कि वे अपनी एयरलाइन से उड़ानों के अपडेट लेते रहें। स्थिति का असर मुंबई, लखनऊ, जयपुर, अमृतसर और चंडीगढ़ एयरपोर्ट तक देखने को मिला।

देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे, आईजीआई एयरपोर्ट पर सुबह से ही अफरा-तफरी मच गई थी। औसतन 45–50 मिनट की देरी हर उड़ान में दर्ज की गई। यात्रियों को लंबी कतारों और बार-बार उड़ान पुनर्निर्धारण का सामना करना पड़ा।

इंडिगो, स्पाइसजेट और एयर इंडिया जैसी कंपनियों ने यात्रियों को देरी के बारे में अलर्ट जारी किए। एयर इंडिया ने कहा कि“अनपेक्षित व्यवधान” के कारण उड़ानें प्रभावित हुई हैं और स्टाफ यात्रियों की मदद कर रहा है।

एविएशन विशेषज्ञ कैप्टन शरथ पनिकर ने बताया कि एएमएसएस फेल होने के बाद फ्लाइट प्लान्स को सिस्टम में हाथ से डालना पड़ता है, जो अपने आप में लंबी प्रक्रिया है। इससे उड़ानों में स्वाभाविक रूप से देरी होती है।

उन्होंने कहा कि खराबी के दौरान स्वचालित टर्मिनल सूचना प्रणाली (एटीआईएस) भी प्रभावित हुआ, जो देशभर से मौसम का डेटा एकत्र करता है। उन्होंने बताया कि अब कंट्रोलरों और पायलटों को मौसम अपडेट भी मैन्युअल रूप से देना पड़ रहा है।

एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने शाम तक स्थिति पर नियंत्रण की पुष्टि करते हुए कहा, ऑटोमेटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (AMSS) में आई तकनीकी खराबी को दूर कर दिया गया है। सिस्टम अब पूरी तरह चालू है। हालांकि बैकलॉग के कारण कुछ देरी बनी रह सकती है, लेकिन जल्द ही सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी।”

एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) के अधिकारियों और एएमएसएस के मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) की मदद से सिस्टम को पुनः चालू किया गया। नागरिक उड्डयन सचिव और एएआई के चेयरमैन ने भी समीक्षा बैठक कर निर्देश दिए।

इंडिगो का बयान

उधर, इंडिगो एयरलाइंस ने भी एक्स पर पोस्ट में एएमएसएस सिस्टम को ठीक हो जाने की जानकारी दी। उसने लिखा, “हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि एटीसी को प्रभावित करने वाले अस्थायी AMSS सिस्टम आउटेज को ठीक कर लिया गया है। दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य एयरपोर्ट्स पर सामान्य संचालन धीरे-धीरे बहाल हो रहा है। हम एयरपोर्ट और एटीसी अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हैं।”

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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