कोलकाताः पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली नई सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए। बैठक में ममता बनर्जी की सरकार द्वारा रोके गए केंद्र की सभी योजनाओं को लागू करने फैसला लिया गया।
बैठक में सीमा सुरक्षा, स्वास्थ्य योजनाओं के विस्तार, केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन, राज्य सरकारी नौकरियों में राहत और नए आपराधिक कानूनों के लागू करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगी।
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सरकार ने चुनावी वादों को तेजी से लागू करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है और जनता से किए गए प्रमुख वादों को प्राथमिकता दी जा रही है।
1. भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को 45 दिन में जमीन
कैबिनेट का सबसे बड़ा फैसला भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा को लेकर रहा। सरकार ने निर्णय लिया कि पश्चिम बंगाल में बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कांटेदार तार लगाने के लिए बीएसएफ को 45 दिनों के भीतर जमीन आवंटित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह फैसला भाजपा के चुनावी संकल्प पत्र का हिस्सा था और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इसका वादा किया था।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सीमा सुरक्षा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि अवैध घुसपैठ और तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
2. पश्चिम बंगाल में लागू होगी आयुष्मान भारत योजना
कैबिनेट ने राज्य में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत लागू करने को मंजूरी दे दी।
तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकार ने अपनी स्वास्थ्य योजना ‘स्वस्थ साथी’ का हवाला देते हुए आयुष्मान भारत लागू नहीं किया था।
नई सरकार का कहना है कि इससे राज्य के लाखों परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी और केंद्र की सुविधाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
3. पश्चिम बंगाल में रोकी गई केंद्र की सारी योजनाएं लागू
शुभेंदु ने पहली कैबिनेट बैठक में केंद्र की उन सभी योजनाओं को लागू करने का फैसला लिया है जिनपर ममता सरकार ने रोक लगा रखी थी। बैठक में कहा गया कि पश्चिम बंगाल को केंद्र सरकार की कई प्रमुख योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
इन योजनाओं में शामिल है-
- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
- पीएम श्री योजना
- विश्वकर्मा योजना
- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ
- उज्ज्वला योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द आवश्यक प्रस्ताव संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों को भेजें।
4. पुरानी सामाजिक योजनाएं बंद नहीं होंगी
नई सरकार ने स्पष्ट किया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई कोई भी चालू सामाजिक कल्याण योजना बंद नहीं की जाएगी। हालांकि, इन योजनाओं की समीक्षा होगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लाभ सिर्फ पात्र लोगों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि गैर-भारतीय नागरिकों या मृत व्यक्तियों के नाम पर किसी भी योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।” उन्होंने कहा कि सरकार फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें सूची से हटाएगी।
5. पश्चिम बंगाल में लागू हुए नए आपराधिक कानून
कैबिनेट बैठक में पश्चिम बंगाल को औपचारिक रूप से भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 से जोड़ने का निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अब राज्य पूरी तरह नए आपराधिक कानूनों के तहत काम करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने इन कानूनों को लागू करने में अनावश्यक देरी की।
6. सरकारी नौकरियों के लिए आयु सीमा में 5 साल की बढ़ोतरी
राज्य के युवाओं को राहत देते हुए कैबिनेट ने सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन की अधिकतम आयु सीमा 5 साल बढ़ाने का फैसला किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कई वर्षों में राज्य में पर्याप्त सरकारी भर्तियां नहीं हुईं, जिससे कई योग्य उम्मीदवार आयु सीमा पार कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन युवाओं को दूसरा मौका देने के लिए लिया गया है।
7. रोजगार और प्रशासनिक सुधार पर फोकस
सरकार ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने और लंबित भर्तियों को तेज करने के लिए अलग रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार पदभार संभाल लिया। नबन्ना स्थित राज्य सचिवालय पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

कैबिनेट मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सचिवालय नबन्ना में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक स्थिति और शासन व्यवस्था की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अहम बैठक में मुख्य सचिव दुश्यंत नारियाला (आईएएस), गृह सचिव संगमित्रा घोष (आईएएस), डीजीपी सिध नाथ गुप्ता (आईपीएस) और कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद (आईपीएस) समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की मौजूदा प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ विभिन्न चुनौतियों तथा प्राथमिकताओं पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पश्चिम बंगाल के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि सुनिश्चित करना है। बैठक में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने, प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने तथा सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार पारदर्शी और प्रभावी शासन व्यवस्था के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य में प्रशासनिक सुधारों को तेजी से लागू किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।

