कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को पद से हटा दिया है। सोशल मीडिया पर दहिया का एक वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी की ओर से यह कार्रवाई हुई है। वीडियो में दहिया कथित तौर पर सोमवार को सीजेपी और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच एक मॉल स्थित बर्गर आउटलेट में खाते नजर आ रहे हैं। जबकि उसी समय सीजेपी के लोग और समर्थक जंतर-मंतर और संसद मार्च के दौरान पुलिस की लाठी और की जा रही कार्रवाई का सामना कर रहे थे।
सीजेपी ने मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में दहिया के व्यवहार को ‘बेहद असंवेदनशील’ और ‘अस्वीकार्य’ करार दिया। CJP ने कहा कि जब शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी और पार्टी की टीम कथित तौर पर पुलिस की कार्रवाई झेल रही थी, उस समय इस तरह का व्यवहार पार्टी के मूल्यों और सिद्धांतों के पूरी तरह विपरीत है।
बयान में कहा गया, ‘हम अपने प्रवक्ता विजेता दहिया के अत्यंत असंवेदनशील व्यवहार की कड़ी निंदा करते हैं। उनके वीडियो उस समय सामने आए, जब शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहे प्रदर्शनकारी और हमारी टीम कथित पुलिस हिंसा का सामना कर रही थी। ऐसा आचरण न केवल पूरी तरह अस्वीकार्य है, बल्कि यह निर्णय लेने की गंभीर कमी को भी दर्शाता है और हमारे आंदोलन के मूल्यों एवं सिद्धांतों से बिल्कुल मेल नहीं खाता।’
पार्टी ने साथ ही घोषणा की कि विजेता दहिया को तत्काल प्रभाव से प्रवक्ता पद से हटाया जा रहा है और उनसे सभी आधिकारिक जिम्मेदारियां वापस ले ली गई हैं।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
विवाद की शुरुआत सोमवार को उस समय हुई, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में विजेता दहिया दिल्ली में प्रदर्शन स्थल के पास ही एक मॉल में बर्गर आउटलेट में दिखाई दे रहे हैं। यह वही समय बताया जा रहा है, जब CJP के कार्यकर्ता संसद मार्च के दौरान प्रदर्शन कर रहे थे और पुलिस द्वारा लाठीचार्ज तथा हिरासत में लिए जाने के दावे किए जा रहे थे।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाया कि जब पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तब पार्टी के प्रवक्ता रेस्तरां में क्या कर रहे थे। इसी वायरल वीडियो में कुछ लोग दहिया से सीधे सवाल करते हुए दिखाई देते हैं। वीडियो में उनसे पूछा जाता है कि जब प्रदर्शनकारी पुलिस कार्रवाई झेल रहे हैं, तब वह उनके साथ खड़े होने के बजाय बर्गर क्यों खा रहे हैं। हालांकि, इन वीडियो के रिकॉर्ड होने का सटीक समय और परिस्थितियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
दहिया ने इंस्टाग्राम वीडियो जारी कर दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद विजेता दहिया ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वह पिछले करीब डेढ़ महीने से लगातार आंदोलन के लिए काम कर रहे हैं और पिछले दो दिनों से उन्हें ठीक से सोने तक का समय नहीं मिला।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बर्गर खाना इतना बड़ा मुद्दा कैसे बन गया। दहिया ने कहा कि वह पैसे लेकर आंदोलन में शामिल नहीं हुए हैं और देश के लिए अपनी इच्छा से काम कर रहे हैं। उन्होंने वीडियो में कहा, ‘मुझे कोई आंदोलन में शामिल होने के लिए पैसे नहीं देता। मैं जो कर रहा हूं, देश के लिए कर रहा हूं। हां, मैं बर्गर खाऊंगा।’
हालांकि, उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट के कैप्शन में यह भी लिखा कि उन्होंने आखिरकार वह बर्गर नहीं खाया, क्योंकि उन्हें लगा कि उसमें मैदा और ट्रांस फैट है और बेहतर होगा कि वे कहीं और खाना खाएं।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं दहिया
यह पहला मौका नहीं है जब विजेता दहिया विवादों में आए हों। इससे पहले भी सोशल मीडिया पर ट्रांसजेंडर समुदाय को लेकर उनकी टिप्पणियों और ‘ज्यादातर महिलाएं राजनीतिक रूप से जागरूक नहीं होतीं’ जैसे बयान को लेकर उनकी आलोचना हो चुकी है। उन बयानों को लेकर भी सोशल मीडिया पर काफी विवाद हुआ था।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब CJP जंतर-मंतर पर कथित परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। सीजेपी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। सोमवार को संसद की ओर निकाले गए मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और कई लोगों को हिरासत में भी लिया।
यह भी पढ़ें- सोनम वांगचुक मेदांता अस्पताल में होंगे शिफ्ट, दिल्ली हाईकोर्ट ने दी अनुमति



