मुंबईः ‘दक्षिण की कोकिला’ के नाम से मशहूर एस. जानकी अम्मा का शनिवार को कर्नाटक के मैसूर स्थित एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 88 वर्ष की थीं। उनके निधन की जानकारी उनकी पोती अप्सरा वैदुला ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने उनके निधन को भारतीय संगीत और संस्कृति की दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि उनकी आवाज आने वाली पीढ़ियों को भी मंत्रमुग्ध करती रहेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार सुबह ‘एक्स’ पर लिखा, “प्रसिद्ध पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा का निधन संगीत और संस्कृति की दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति है। अलग-अलग भाषाओं में उनके गाने कई पीढ़ियों तक लोकप्रिय रहे। उन्होंने बेमिसाल खूबसूरती और विविधता के साथ हर भावना को स्वर दिया। उनकी मधुर आवाज आने वाले सालों में भी सुनने वालों को मंत्रमुग्ध करती रहेगी। दुख की इस घड़ी में उनके परिवार, अनगिनत प्रशंसकों और पूरे संगीत जगत के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ओम शांति।”
20 भाषाओं में 48,000 से अधिक गीत गाए
करीब छह दशक तक भारतीय फिल्म संगीत पर अपनी अमिट छाप छोड़ने वाली जानकी ने कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम और हिंदी समेत 20 भाषाओं में 48,000 से अधिक गीत रिकॉर्ड किए। इस उपलब्धि के साथ वह भारतीय सिनेमा की सबसे अधिक गीत रिकॉर्ड करने वाली पार्श्व गायिकाओं में शामिल हैं। उन्होंने सबसे ज्यादा गीत कन्नड़ और उसके बाद मलयालम भाषा में गाए।
एस. जानकी ने 1957 में तमिल फिल्म ‘विधियिन विलायट्टू’ से पार्श्व गायन की शुरुआत की। इसी वर्ष उन्होंने मलयालम फिल्म उद्योग में भी कदम रखा। अपने करियर के पहले ही साल उन्होंने छह भारतीय भाषाओं में गीत रिकॉर्ड कर एक असाधारण शुरुआत की, जो आगे चलकर भारतीय संगीत इतिहास के सबसे लंबे और सफल करियर में बदल गई।
1970 के दशक तक वह मलयालम सिनेमा की सबसे लोकप्रिय महिला आवाज बन चुकी थीं। उन्होंने उस दौर के लगभग सभी प्रमुख संगीत निर्देशकों के साथ काम किया और कई ऐसे गीत दिए, जो आज भी संगीत प्रेमियों की पहली पसंद हैं।
पद्म भूषण लेने से कर दिया था इनकार
एस. जानकी को 1970 में सर्वश्रेष्ठ गायिका के लिए पहला केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड मिला। इसके बाद लगभग डेढ़ दशक तक इस श्रेणी में उनका दबदबा कायम रहा। 1957 से 2017 तक फैले अपने लंबे करियर में उन्होंने चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और 33 राज्य फिल्म पुरस्कार अपने नाम किए।
भारत सरकार ने 2013 में एस. जानकी को पद्म भूषण से सम्मानित करने की घोषणा की थी, लेकिन उन्होंने यह सम्मान स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि दक्षिण भारतीय कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर अक्सर देर से पहचान मिलती है और उन्हें उचित सम्मान नहीं दिया जाता। उनका मानना था कि यह सम्मान उन्हें बहुत पहले मिल जाना चाहिए था।
एसपी बालसुब्रह्मण्यम के साथ बनी यादगार जोड़ी
संगीत जगत में ‘जानकी अम्मा’ के नाम से लोकप्रिय एस. जानकी हमेशा कहती थीं कि गायन ईश्वर का दिया हुआ वरदान है। वह अपनी सफलता का श्रेय केवल खुद को नहीं, बल्कि संगीतकारों और गीतकारों को भी देती थीं।
दिग्गज गायक एसपी बालसुब्रह्मण्यम के साथ उनकी जोड़ी भारतीय फिल्म संगीत की सबसे सफल जोड़ियों में गिनी जाती है। दोनों ने मिलकर हजारों यादगार डुएट गीत गाए, जो आज भी श्रोताओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
2017 में कहा था, “अब बहुत गा चुकी हूं”
करीब 60 वर्षों तक सक्रिय रहने के बाद एस. जानकी ने 2017 में नई रिकॉर्डिंग से संन्यास लेने की घोषणा की थी। उस समय उन्होंने कहा था, “मैं बहुत गा चुकी हूं, अब आराम करना चाहती हूं।” मैसूर में आयोजित एक कार्यक्रम के साथ उन्होंने अपने पेशेवर गायन सफर को औपचारिक रूप से विराम दिया। हालांकि उनकी आवाज और उनके गीत भारतीय संगीत प्रेमियों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे।
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समाचार एजेंसी आईएएनएस इनपुट के साथ



