वीडी सतीशन ने रविवार को केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली। राजधानी तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। 2001 से लगातार परवूर सीट से विधायक चुने जाते रहे वीडी सतीशन पहली बार किसी सरकारी पद पर पहुंचे हैं। विपक्ष के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे सतीशन को कांग्रेस ने चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया था।
सतीशन के शपथ लेते ही केरल में पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे के एक दशक लंबे शासन का औपचारिक अंत हो गया। करीब 15 साल बाद कांग्रेस नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) राज्य की सत्ता में लौटा है। इससे पहले दिवंगत ओमान चांडी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार सत्ता में रही थी।
राहुल-प्रियंका समेत कांग्रेस के कई दिग्गज पहुंचे
शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने इसे केरल की ऐतिहासिक जीत बताते हुए कहा कि जनता ने 10 साल के एलडीएफ शासन को खारिज कर दिया है और अब यूडीएफ की जिम्मेदारी है कि वह राज्य को बेहतर सरकार दे।
सतीशन के साथ 20 सदस्यीय मंत्रिमंडल ने भी शपथ ली। इसमें कांग्रेस, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML), आरएसपी, केरल कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के नेताओं को जगह दी गई है। सबसे ज्यादा कांग्रेस से ही मंत्री बने हैं।
नई सरकार में कई नए चेहरों को भी शामिल किया गया है। नई कैबिनेट में 14 विधायक पहली बार मंत्री बने हैं। इनमें सीपी जॉन, एन शम्सुद्दीन, केएम शाजी, पीके बशीर, वीई अब्दुल गफूर, पीसी विष्णुनाथ, रोजी एम जॉन, बिंदु कृष्णा, टी सिद्दीकी, केए थुलसी और ओजे जनीश जैसे नाम शामिल हैं। नई टीम में कई नए चेहरों को जगह देकर यूडीएफ ने अनुभव और युवा नेतृत्व के संतुलन पर जोर दिया है।
कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों अहम पद भी अपने पास रखे हैं। वरिष्ठ नेता तिरुवनचूर राधाकृष्णन को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि शनिमोल उस्मान उपाध्यक्ष होंगी। विधायकों के शपथ ग्रहण के बाद 22 मई को विधानसभा अध्यक्ष का औपचारिक चुनाव होगा। वहीं, राज्यपाल का नीतिगत अभिभाषण 29 मई को प्रस्तावित है। नई सरकार 5 जून तक अपना पहला बजट पेश कर सकती है।
नए मंत्रिमंडल में शामिल मंत्री
| क्रमांक | नेता | दल |
|---|---|---|
| 1 | रमेश चेन्नीथला | कांग्रेस |
| 2 | सनी जोसेफ | कांग्रेस |
| 3 | के. मुरलीधरन | कांग्रेस |
| 4 | एपी अनिल कुमार | कांग्रेस |
| 5 | पीसी विष्णुनाध | कांग्रेस |
| 6 | रोजी एम जॉन | कांग्रेस |
| 7 | बिंदु कृष्णा | कांग्रेस |
| 8 | एम लिजू | कांग्रेस |
| 9 | टी सिद्दीकी | कांग्रेस |
| 10 | केए थुलसी | कांग्रेस |
| 11 | ओजे जनीश | कांग्रेस |
| 12 | पीके कुन्हालिकुट्टी | IUML |
| 13 | एन शम्सुद्दीन | IUML |
| 14 | केएम शाजी | IUML |
| 15 | पीके बशीर | IUML |
| 16 | वीई अब्दुल गफूर | IUML |
| 17 | मॉन्स जोसेफ | केरल कांग्रेस |
| 18 | अनूप जैकब | केरल कांग्रेस (जैकब) |
| 19 | शिबू बेबी जॉन | RSP |
| 20 | सीपी जॉन | CMP |
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में यूडीएफ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें जीतीं। अकेले कांग्रेस ने 63 सीटों पर जीत दर्ज की, जो राज्य में उसका अब तक का शानदार प्रदर्शन माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सत्ता विरोधी माहौल ने एलडीएफ सरकार के खिलाफ जनमत तैयार किया।
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