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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में भारी बारिश के बीच अलर्ट; अलकनंदा, मंदाकिनी नदियां उफान पर, IMD ने चार दिनों के लिए जारी की चेतावनी

उत्तराखंड में 30 जून को मानसून ने दस्तक दी और बुधवार तक पूरे राज्य में सक्रिय हो गया। इससे देहरादून समेत कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हुई।

देहरादून: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है और हालात पर कड़ी नजर रख रहा है क्योंकि आशंका है कि आने वाले दिनों में ये नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच सकती हैं। ऐसे में गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार (1 जुलाई) को सुबह से हो रही लगातार बारिश के चलते अलकनंदा नदी का जलस्तर मंगलवार ( 30 जून) को समुद्र तल से 622 मीटर से बढ़कर 622.5 मीटर हो गया।

उत्तराखंड में मानसून ने दी दस्तक

गौरतलब है कि उत्तराखंड में 30 जून को मानसून ने दस्तक दी और बुधवार तक पूरे राज्य में सक्रिय हो गया। इससे देहरादून समेत कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हुई।

अधिकारियों ने बताया कि हिमालय के ऊपरी इलाकों से पानी का बहाव बढ़ने के कारण नदी के जलस्तर पर कड़ी नजर रखी जा रही है। बता दें कि जलस्तर समुद्र तल से 622 मीटर ऊपर है जबकि चेतावनी का स्तर 626 मीटर और खतरे का स्तर 627 मीटर है।

प्रशासन खतरे से निपटने के लिए अलर्ट है। जैसे ही नदी चेतावनी के स्तर पर पहुंचेगी प्रशासन WhatsApp ग्रुप के जरिए अलर्ट जारी करेगा, गाड़ियों से सार्वजनिक घोषणाएं करेगा और जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को आगाह करने के लिए जमीनी टीमें तैनात करेगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बदलती स्थिति को देखते हुए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष दोनों नदियों के जलस्तर पर बारीकी से नजर रख रहा है।

IMD ने जारी किया अलर्ट

देहरादून में इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रुद्रप्रयाग के लिए 4 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है और जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने को कहा है।

अधिकारियों ने लोगों को नदियों, नालों और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की आशंका वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है और भारी बारिश के दौरान सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

लगातार हो रही बारिश से राज्य के कुछ हिस्सों में परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। पहाड़ों से मलबा और पत्थर गिरने के कारण चमोली जिले में बद्रीनाथ नेशनल हाईवे और रुद्रप्रयाग में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है।

अधिकारियों के मुताबिक तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए एहतियात के तौर पर रुद्रप्रयाग में सोनप्रयाग-मुनकटिया सड़क पर गाड़ियों और पैदल चलने वालों की आवाजाही को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है।

मानसून की बदलती स्थिति के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार (2 जुलाई) को देहरादून में स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर (SEOC) में राज्य-स्तरीय प्री-मानसून मॉक ड्रिल का जायजा लिया।

राज्य के सभी 13 जिलों में आयोजित इस अभ्यास का मकसद मानसून से जुड़ी आपदाओं के लिए तैयारी को मजबूत करना, अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल बेहतर करना और राज्य के आपदा प्रबंधन सिस्टम की प्रभावशीलता का आकलन करना था।

यह भी पढ़ें – चीन में ऊंची इमारतों से ‘बारिश’! भीषण गर्मी से राहत के लिए अनोखा तरीका; कैसे काम करता है ये सिस्टम?

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
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