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‘जीना तो चाहता हूं पर…’, मुरादाबाद में बीएलओ ने SIR कार्य दबाव के चलते दी जान

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक बीएलओ ने एसआईआर प्रक्रिया में काम के दबाव के चलते जान दे दी। युवक का वीडियो और सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।

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मुरादाबाद में बीएलओ ने दी जान, फोटोः एक्स

मुरादाबादः उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े काम के दबाव का हवाला देते हुए एक बीएलओ ने जान दे दी। 46 वर्षीय सर्वेश सिंह बीएलओ के रूप में तैनात थे।

पिछले कुछ हफ्तों में कई बीएलओ ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है जिसके लिए उन्होंने काम के अत्यधिक बोझ और वरिष्ठ अधिकारियों के दबाव को जिम्मेदार ठहराया है। इसने राजनीतिक तूफान को हवा दे दी है क्योंकि पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, केरल, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तमिलनाडु सहित 12 राज्यों में मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम जारी है।

बीएलओ सर्वेश सिंह सहायक शिक्षक के रूप में थे कार्यरत

पीड़ित की पहचान सर्वेश सिंह के रूप में हुई है, वह एक स्कूल में सहायक शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। सर्वेश को 7 अक्टूबर को बीएलओ के रूप में ड्यूटी सौंपी गई थी। यह उसका पहला चुनाव संबंधी कार्यभार था। बीएलओ, चुनाव संबंधी फॉर्म भरने और निर्धारित डेटाबेस में विवरण अपलोड करने में जनता की मदद करने वाला प्राथमिक संपर्क केंद्र होता है।

सिंह का एक वीडियो, जो कथित तौर पर उनकी आत्महत्या से पहले रिकॉर्ड किया गया था। इस वीडियो में अधिकारी दुःख से व्याकुल दिखाई दे रहे हैं और फूट-फूट कर रो रहे हैं। वे कह रहे हैं कि कड़ी मेहनत के बावजूद वे अपना काम पूरा नहीं कर पा रहे हैं। वीडियो में वे अपनी माँ और बहन से माफी मांगते हैं और उनसे अपनी छोटी बेटियों का ध्यान रखने की विनती करते हैं।

इस दर्दनाक वीडियो में वह व्यक्ति बेकाबू होकर रोते हुए कह रहा था “मां, मेरी बेटियों का ख्याल रखना। मुझे माफ कर देना। मैं यह काम पूरा नहीं कर पाया। मैं एक बड़ा कदम उठाने जा रहा हूं।”

उन्होंने यह भी कहा कि उनके फैसले के लिए किसी को भी दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए और दर्शकों से आग्रह किया कि वे उनके परिवार से इस बारे में कुछ भी न पूछें।

SIR लक्ष्य पूरा न करने पर जताया दुख

वीडियो में फूट-फूट कर रोते हुए उन्होंने कहा “मैं बहुत परेशान हूं। पिछले 20 दिनों से सो नहीं पा रहा हूं। मेरी चार छोटी बेटियां हैं। दूसरे लोग काम पूरा कर लेते हैं लेकिन मैं नहीं।”

अपनी बहन को संबोधित करते हुए उन्होंने भारी मन से कहा, “मैं इस दुनिया से बहुत दूर जा रहा हूं। माफ करना बहन। मेरी अनुपस्थिति में कृपया मेरे बच्चों का ध्यान रखना।”

इंडिया टुडे ने अधिकारियों के हवाले से लिखा कि रविवार सुबह उनकी पत्नी बबली देवी ने उन्हें अपने घर के स्टोरेज रूम में फंदे से लटका हुआ पाया और तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया।

मौके से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को संबोधित एक हस्तलिखित दो पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ। नोट में सिंह ने सीमित समय सीमा के भीतर एसआईआर लक्ष्य पूरा न कर पाने पर दुख व्यक्त किया।

नोट में लिखा था “मैं दिन-रात काम कर रहा हूं लेकिन एसआईआर लक्ष्य पूरा नहीं कर पा रहा हूं। चिंता के कारण मेरी रातें असहनीय हो गई हैं। मैं मुश्किल से दो-तीन घंटे सो पाता हूं। मेरी चार बेटियां हैं जिनमें से दो की तबियत ठीक नहीं है। कृपया मुझे माफ कर दीजिए।”

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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