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उरी में LoC पर घुसपैठ की बड़ी साजिश नाकाम, मुठभेड़ में एक पाकिस्तानी आतंकी ढेर, भारी मात्रा में हथियार बरामद

सेना के मुताबिक घुसपैठ रोधी यह अभियान अभी भी जारी है और इलाके की गहन तलाशी ली जा रही है। फिलहाल इस घटना से जुड़ी और जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

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jammu kashmir kathua district army killed a terrorist in joint operation, जम्मू-कश्मीर
फोटोः आईएएनएस

श्रीनगर/बारामुला: जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिले में भारतीय सेना ने एक बार फिर पाकिस्तान की नापाक साजिश को विफल कर दिया है। रविवार को उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में सैनिकों ने एक आतंकी को मार गिराया। भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस का यह संयुक्त अभियान अभी भी जारी है।

श्रीनगर स्थित सेना की चिनार कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस (JKP) से एक विशेष खुफिया सूचना मिली थी कि 14 और 15 मार्च की दरम्यानी रात उरी सेक्टर के बुच्छर इलाके से कुछ आतंकी भारतीय सीमा में घुसने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही सेना ने मोर्चा संभाला और इलाके की घेराबंदी कर दी। रात के अंधेरे में झाड़ियों में संदिग्ध हलचल देखते ही जवानों ने जवाबी कार्रवाई शुरू की। जब आतंकी को सरेंडर करने की चुनौती दी गई, तो उसने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। भारतीय जवानों ने भी करारा जवाब दिया और मुठभेड़ में एक पाकिस्तानी आतंकवादी को ढेर कर दिया।

ऑपरेशन के दौरान सैनिकों को मौके से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। सेना ने बताया कि आतंकी के पास से एक एके राइफल, पिस्तौल और काफी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं।

सेना के मुताबिक घुसपैठ रोधी यह अभियान अभी भी जारी है और इलाके की गहन तलाशी ली जा रही है। फिलहाल इस घटना से जुड़ी और जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

इससे पहले 10 मार्च को भी राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में एलओसी पार करने की कोशिश कर रहे एक आतंकी को सेना ने मार गिराया था। सेना ने उस समय बताया था कि नौशेरा के झांगर इलाके में दो आतंकियों की संदिग्ध गतिविधि देखी गई थी। सैनिकों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घुसपैठियों को रोकने के लिए मोर्चा संभाला और दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई। इस मुठभेड़ में पाकिस्तान समर्थित एक आतंकी को मार गिराया गया और एलओसी को पार करने की उनकी कोशिश को पूरी तरह विफल कर दिया गया।

जम्मू-कश्मीर में लगभग 740 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारतीय सेना तैनात है। यह एलओसी घाटी के बारामुला, बांदीपोरा और कुपवाड़ा जिलों से होकर गुजरती है, जबकि जम्मू संभाग में पुंछ, राजौरी और आंशिक रूप से जम्मू जिले में भी स्थित है।

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में करीब 240 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा भी है, जो सांबा, कठुआ और जम्मू जिलों में पड़ती है। इस सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) तैनात रहता है।

सेना और बीएसएफ दोनों ही घुसपैठ, हथियारों की तस्करी, ड्रोन गतिविधियों और नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखते हैं।

खुफिया एजेंसियों के मुताबिक आतंकवादी संगठन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद से ड्रोन का इस्तेमाल कर भारतीय सीमा के अंदर हथियार, गोला-बारूद, नकदी और ड्रग्स गिराने की कोशिश करते हैं। इन सामानों को आतंकियों के ओवरग्राउंड वर्कर उठाकर आगे आतंकियों तक पहुंचाते हैं, जिससे जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा मिलता है।

इन खतरों से निपटने के लिए सेना और बीएसएफ ने सीमा पर अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए हैं। साथ ही मानव निगरानी और खुफिया तंत्र भी 24 घंटे सीमा पर नजर बनाए रखता है।

–आईएएनएस इनपुट के साथ

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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