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UP Monsoon Update: मानसून की यूपी में हुई एंट्री, 48 घंटे में पूरे प्रदेश को भिगोएगा; 75 जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 38 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

UP Monsoon Update: करीब 10 दिन की देरी और 19 दिनों तक बिहार सीमा पर ठहरने के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून की मंगलवार को उत्तर प्रदेश में एंट्री हो गई। मौसम विभाग के अनुसार मानसून ने सोनभद्र, महाराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और तराई क्षेत्र के रास्ते प्रदेश में दस्तक दी है। इसके असर से पूर्वी उत्तर प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का अनुमान है कि अगले 48 घंटों के भीतर मानसून पूरे उत्तर प्रदेश को कवर कर लेगा। इसके साथ ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का दौर देखने को मिलेगा।

75 जिलों में बारिश का अलर्ट, 38 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 38 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।

सुबह से लखनऊ, कानपुर नगर, अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, देवरिया, सीतापुर, बहराइच, पीलीभीत, गोंडा, रायबरेली, ललितपुर, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, जौनपुर, कानपुर देहात, उन्नाव, रामपुर और मुरादाबाद समेत कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश हुई है। देवरिया और जौनपुर में अच्छी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है, जिससे धान की खेती करने वाले किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

Table of East Uttar Pradesh warnings dated June 30, 2026: Days 1–3 — very heavy rain and storms; Days 4–7 — storms with lightning and squalls.
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आखिर क्यों 19 दिन तक बिहार सीमा पर अटका रहा मानसून?

आमतौर पर मानसून 20 जून तक उत्तर प्रदेश पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी रही। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इसकी सबसे बड़ी वजह उत्तर प्रदेश के ऊपर मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) नहीं बन पाना था।

विशेषज्ञ बताते हैं कि मानसूनी हवाएं कम दबाव वाले क्षेत्र की ओर तेजी से बढ़ती हैं। इस बार यूपी के ऊपर ऐसा मजबूत सिस्टम विकसित नहीं हो सका, जिसके कारण बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली हवाएं बिहार सीमा तक पहुंचकर धीमी पड़ गईं और मानसून करीब 19 दिनों तक यूपी-बिहार सीमा पर ही ठहरा रहा।

हालांकि 29 जून की शाम से बिहार और झारखंड के ऊपर मौसम प्रणाली मजबूत हुई। तेज आंधी और बारिश के कारण हवाओं के पैटर्न में बदलाव आया, जिससे मानसून को आगे बढ़ने का रास्ता मिला और उसने मंगलवार को उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर लिया।

पूर्वांचल से होती है यूपी में मानसून की एंट्री

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल पहुंचने के बाद दो शाखाओं में बंट जाता है। एक शाखा अरब सागर के रास्ते गुजरात और राजस्थान की ओर बढ़ती है, जबकि दूसरी बंगाल की खाड़ी से होकर पूर्वी भारत में प्रवेश करती है।

उत्तर प्रदेश में बारिश कराने वाला मानसून हमेशा बंगाल की खाड़ी वाली शाखा होता है, जो पूर्वांचल के रास्ते प्रदेश में प्रवेश करता है। इस बार भी मानसून ने पूर्वी उत्तर प्रदेश से ही दस्तक दी है।

मानसून के आगमन से पहले प्रदेश के कई हिस्से भीषण गर्मी की चपेट में थे। पिछले 24 घंटों में आगरा सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बांदा में भी पारा 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था।

अब बारिश के चलते तापमान में गिरावट आने और उमस से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।

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देश के अन्य हिस्सों में भी सक्रिय हुआ मानसून

उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान, उत्तराखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और कई अन्य राज्यों में भी मानसून सक्रिय हो गया है। दूसरी ओर, असम और अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार छह जिलों में 22 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और दर्जनों गांव जलमग्न हो गए हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि 5 जुलाई तक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश को कवर कर लेगा।

मानसून की शुरुआत के साथ धान सहित खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आने की उम्मीद है। पर्याप्त वर्षा होने पर सिंचाई की लागत कम होगी और कृषि गतिविधियों को भी गति मिलेगी। हालांकि भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए किसानों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने को कहा गया है।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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