लखनऊः उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में बजट प्रस्तुत करते हुए ऊर्जा, औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य, कृषि और समाज कल्याण समेत कई प्रमुख क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधानों की घोषणा की। हालांकि, बजट पेश होने के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा किया, जिसके जवाब में सत्ता पक्ष की ओर से भी नारेबाजी हुई।
सरकार के अनुसार, अनुपूरक बजट का मुख्य फोकस आधारभूत ढांचे का विस्तार, औद्योगिक निवेश को गति देना, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाना है। सबसे बड़ा प्रावधान औद्योगिक विकास के लिए किया गया है। भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग को पूंजीगत मद में 20,905.88 करोड़ रुपये और राजस्व मद में 130.30 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा हथकरघा, वस्त्रोद्योग तथा मुद्रण एवं लेखन सामग्री से जुड़े विकास कार्यों के लिए भी अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है।
बजट की प्रमुख प्राथमिकताएं एवं आवंटन
ऊर्जा क्षेत्र के लिए 4,722 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया गया है, जबकि समाज कल्याण विभाग को 1,655 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में कृषि विभाग के लिए राजस्व मद में 132.38 करोड़ रुपये और पूंजीगत मद में 159 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग को 244.80 करोड़ रुपये से अधिक, पशुपालन विभाग को लगभग 70 करोड़ रुपये तथा दुग्ध विकास, मत्स्य और भूमि विकास एवं जल संसाधन विभागों के लिए भी अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत की गई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र को भी अनुपूरक बजट में प्राथमिकता दी गई है। एलोपैथिक चिकित्सा सेवाओं के लिए 1,100 करोड़ रुपये राजस्व मद और 96 करोड़ रुपये पूंजीगत मद में आवंटित किए गए हैं। परिवार कल्याण कार्यक्रमों के लिए 704.25 करोड़ रुपये, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 60.65 करोड़ रुपये तथा आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए भी अतिरिक्त बजटीय प्रावधान किए गए हैं।
चंदा चोर बनाम टोटी चोर के लगे नारे
बजट पेश किए जाने के दौरान विधानसभा में विपक्ष का विरोध जारी रहा। समाजवादी पार्टी के विधायक वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सपा सदस्यों ने ‘चंदा चोर कहां मिलेंगे, भाजपा के दफ्तर में’ के नारे लगाए, जबकि जवाब में भाजपा विधायकों ने ‘टोटी चोर कहां मिलेंगे, सपा के दफ्तर में’ के नारे लगाए। नारेबाजी के बीच सदन की कार्यवाही कुछ समय तक शोर-शराबे के माहौल में चली।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बजट पेश होने के दौरान सदन में मौजूद रहे। इस दौरान सपा विधायक अतुल प्रधान ने अनुपूरक बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार पहले यह स्पष्ट करे कि पहले से स्वीकृत बजट का कितना हिस्सा खर्च किया गया। उन्होंने कहा कि केवल नया बजट पेश करने से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि सरकार को अपने पुराने वादों और योजनाओं के क्रियान्वयन का भी हिसाब देना चाहिए।
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समाचार एजेंसी आईएएनएस इनपुट



