वॉशिंगटनः पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के प्रस्ताव को लेकर सख्त रुख अपनाया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान की ओर से भेजे गए नए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें नहीं लगता कि यह मौजूदा स्वरूप में स्वीकार्य होगा। साथ ही उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर तेहरान ने गलत व्यवहार किया तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प अब भी खुला है।
फ्लोरिडा के पाम बीच से रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “ईरान के मामले में हम बहुत अच्छा कर रहे हैं। वे समझौता करना चाहते हैं। वे कमजोर हो चुके हैं। उन्हें यह तय करने में भी मुश्किल हो रही है कि उनका नेता कौन है।”
ट्रंप ने कहा कि उन्हें ईरान के कथित 14-सूत्रीय प्रस्ताव की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी गई है और अब वे उसकी अंतिम शब्दावली का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “उन्होंने मुझे डील के कॉन्सेप्ट के बारे में बताया है। अब वे मुझे इसकी सटीक शब्दावली देंगे।”
‘47 साल के कृत्यों की कीमत अभी नहीं चुकाई’
हालांकि, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर प्रस्ताव को लेकर कड़ा रुख जाहिर किया। उन्होंने लिखा, “मैं जल्द ही उस योजना की समीक्षा करूंगा जो ईरान ने हमें भेजी है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह स्वीकार्य होगी, क्योंकि पिछले 47 वर्षों में मानवता और दुनिया के साथ जो किया गया है, उसके लिए उन्होंने अभी तक पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है।”
राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि अमेरिकी आगे सैन्य और रणनीतिक विकल्पों पर भी विचार कर सकता है। ईरान की बची हुई मिसाइल क्षमता के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “मैं इसे खत्म करना चाहूंगा। यह उनके लिए फिर से आगे बढ़ने की शुरुआत हो सकती है।”
उन्होंने सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया। ट्रंप ने कहा, “अगर वे गलत व्यवहार करते हैं और कुछ बुरा करते हैं, तो निश्चित रूप से सैन्य कार्रवाई संभव है।” ट्रंप ने क्षेत्र में अमेरिका की मौजूदा रणनीति का बचाव करते हुए इसे बहुत ही मैत्रीपूर्ण नाकाबंदी बताया और कहा कि फिलहाल कोई भी इसे चुनौती नहीं दे रहा है।
‘ईरान सैन्य दबाव का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार’
ट्रंप का बयान ऐसे समय में आया है जब तेहरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को नया प्रस्ताव भेजा है। इसमें रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज स्ट्रेट के जरिए शिपिंग बहाल करने, तनाव कम करने और चरणबद्ध बातचीत की रूपरेखा शामिल है। हालांकि, रिपोर्टों के मुताबिक ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर विस्तृत चर्चा को फिलहाल टालने का सुझाव दिया है, जिसे ट्रंप प्रशासन ने स्वीकार नहीं किया है।
इस बीच, तेहरान में विदेशी दूतों को संबोधित करते हुए ईरान के उप विदेश मंत्री (कानूनी एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों) काजेम गरीबाकबादी ने कहा कि यह पहल “थोपी गई दुश्मनी का स्थायी अंत” करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि ईरान कूटनीतिक समाधान के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन किसी भी सैन्य दबाव का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
कूटनीतिक संकेतों के बीच ट्रंप ने आर्थिक पहलू का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी ऊर्जा कंपनियां भविष्य में ईरान में काम कर सकती हैं और अमेरिका बड़े पैमाने पर तेल निर्यात कर रहा है। उन्होंने कहा, “हम बहुत सारा तेल बेच रहे हैं। टेक्सास और लुइसियाना से सैकड़ों जहाज कतार में हैं।”

