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‘एक सच्चा बंगाली फिल्म को बैन नहीं करेगा’, ‘द बंगाल फाइल्स’ को लेकर विवेक अग्निहोत्री ने सीएम ममता बनर्जी से की ये खास अपील

विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि बंगाल ने भारत को ज्ञान, कला, क्रांति और आत्मा दी। राष्ट्रवाद भी। लेकिन यह भी सच है कि बंगाल एकमात्र राज्य है जिसका दो बार विभाजन हुआ। एक 1905 में और दूसरा 1947 में। बंगाल ने जितना बलिदान और आहूति दी, उतना किसी और ने नहीं। लेकिन क्या आज की पीढ़ी को ये बात मालूम है।

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द कश्मीर फाइल्स जैसी फिल्म बनाने वाले फिल्ममेकर विवेक रंजन अग्निहोत्री इस बार अपनी नई फिल्म द बंगाल फाइल्स लेकर चर्चा में हैं। विवेक अग्निहोत्री ने बंगाल में इस फिल्म की रिलीज को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से खास अपील की। गौरतबल है कि ट्रेलर रिलीज के वक्त से ही यह द बंगाल फाइल्स विवादों में है।

फिल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से अपील की है कि वे फिल्म को बिना किसी रुकावट के रिलीज होने दें। अग्निहोत्री का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता सिनेमाघरों के मालिकों को फिल्म नहीं दिखाने की धमकी दे रहे हैं।

5 सितंबर को रिलीज होने वाली यह फिल्म 1946 के ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ और कोलकाता दंगों पर आधारित है। विवेक अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर मुख्यमंत्री से ‘हाथ जोड़कर’ अपील की कि वे उनकी बात सुनें और इतिहास के एक महत्वपूर्ण हिस्से को आने वाली पीढ़ी से न छिपाएँ।

उन्होंने कहा कि आप भारतीय संविधान की शपथ लेकर हर नागरिक के अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने के लिए बाध्य हैं। यह आपकी जिम्मेदारी है कि फिल्म को कोई परेशानी न हो।

विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि बंगाल ने भारत को ज्ञान, कला, क्रांति और आत्मा दी। राष्ट्रवाद भी। लेकिन यह भी सच है कि बंगाल एकमात्र राज्य है जिसका दो बार विभाजन हुआ। 1905 में और 1947 में। बंगाल ने जितना बलिदान और आहूति दी, उतना किसी और ने नहीं। लेकिन क्या आज की पीढ़ी को ये बात मालूम है।

अग्निहोत्री ने आगे पूछा कि अगर मुस्लिम, ईसाई और दलित उत्पीड़न पर फिल्में बन सकती हैं तो हमें हिंदू नरसंहार को क्यों छुपाना चाहिए? हमें झूठ को जिंदा क्यों रखना चाहिए? उन्होंने कहा कि एक सच्चा बंगाली इस फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाएगा।

फिल्ममेकर ने 17 अगस्त को कोलकाता के एक पाँच सितारा होटल में ट्रेलर लॉन्च को रोके जाने की घटना को भी याद किया। उन्होंने इस घटना को एक फिल्म निर्माता की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया।

एक टीवी चैनल से बात करते हुए विवेक अग्निहोत्री ने बताया कि बहुत से लोग आ गए जो आमंत्रित नहीं थे। सिर्फ मीडिया के 200 लोगों को आमंत्रित किया था। एक भी बाहरी लोगों को नहीं बुलाया था लेकिन नॉन मीडिया के लोग भी आ गए।भगदड़ जैसे हालत बन गए।

विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि पुलिस वाले वहीं खड़े थे। किसी का पांव दबा तो किसी को और जगहों पर चोटें आईं। पल्लवी वहीं फंस गई थी, कैसे मैंने उसे बाहर निकाला। क्या महिलाओं को सुरक्षा देना पुलिस का कर्तव्य नहीं है। भगदड़ जैसी स्थिति को रोकना पुलिस का कर्तव्य नहीं है। कानून और व्यवस्था को बनाए रखना पुलिस का कर्तव्य नहीं है।

फिल्ममेकर ने कहा कि बंगाल में थिएटर मालिकों पर काफी राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा। उन्होंने कहा, बंगाल के डिस्ट्रीब्यूटर का फोन आया था। उन्होंने कहा कि अगर यह फिल्म बंगाल में रिलीज हुई तो यह ऐसा इतिहास बनाएगी कि लोग दंग रह जाएंगे। इतने बंगाली लोग देखना चाहते हैं। हालांकि थिएटर्स मालिक डरे हुए हैं। विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि डिस्ट्रीब्यूटर ने बताया कि थिएटर मालिक डरे हुए हैं कि हमारी कांच टूट जाएंगे। सीटें फाड़ देंगे। हमारे ऊपर काफी राजनीतिक दबाव है, हम फिल्म नहीं दिखाएंगे।

कश्मीर में भी ऐसा नहीं हुआ था: पल्लवी जोशी

फिल्म के कलाकार मिथुन चक्रवर्ती और पल्लवी जोशी ने भी इस विवाद पर अपनी बात रखी है। मिथुन चक्रवर्ती ने पिछले महीने कोलकाता में ट्रेलर लॉन्च के दौरान हुए हंगामे को ‘सोची-समझी साजिश’ बताया। एक इंटरव्यू में मिथुन ने कहा कि अगर आपने ट्रेलर देखा भी नहीं है, तो आप ट्रेलर लॉन्च को कैसे रोक सकते हैं? उन्होंने कहा कि फिल्म सच्चाई बताती है और इसी वजह से यह लोगों को कड़वी लग सकती है।

अभिनेत्री पल्लवी जोशी ने भी इस घटना पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, कश्मीर में भी हमें ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा था। क्या इसका मतलब यह है कि कश्मीर बंगाल से बेहतर स्थिति में है? उन्होंने कहा, मैं एक कलाकार हूँ और आप मेरी आवाज़ को दबा नहीं सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेलर लॉन्च के दौरान न तो सरकार और न ही पुलिस से कोई मदद मिली।

उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर कलाकारों का ध्यान न रखने का आरोप लगाया और कहा कि जब यह घटना हुई, तो पुलिस से भी कोई मदद नहीं मिली। पल्लवी ने कहा, मदद की बात तो भूल जाइए, वे तो खुद हमला करने पर उतारू थे। पुलिस को भी इस बात की परवाह नहीं थी कि वहाँ क्या हो रहा है। वहाँ कई महिला पत्रकार भी थीं, और कुछ लड़कियों को चोट भी लगी।

‘द बंगाल फाइल्स’, विवेक अग्निहोत्री की ‘फाइल्स’ ट्रिलॉजी की तीसरी फिल्म है। इससे पहले उन्होंने ‘द ताशकंत फाइल्स’ (2019) और ‘द कश्मीर फाइल्स’ (2022) बनाई थी।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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