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स्विट्जरलैंड ने रचा इतिहास, 72 साल बाद फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह, पहली बार जीता पेनल्टी शूटआउट

यह जीत स्विट्जरलैंड के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक रही। विश्व कप में टीम ने पहली बार पेनल्टी शूटआउट जीता और पहली बार एक ही विश्व कप में नॉकआउट चरण के दो मुकाबले अपने नाम किए। दूसरी ओर, कोलंबिया को लगातार दूसरी बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में पेनल्टी शूटआउट में हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले…

वैंकूवरः स्विट्जरलैंड ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में कोलंबिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। निर्धारित 90 मिनट और अतिरिक्त समय तक मुकाबला गोलरहित रहने के बाद फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ। इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने 1954 के बाद पहली बार विश्व कप के अंतिम-8 में जगह बनाई।

वैंकूवर में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में दोनों टीमों ने कई अच्छे मौके बनाए, लेकिन कोई भी उन्हें गोल में नहीं बदल सका। मैच के दौरान कोलंबिया ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखा, जबकि स्विट्जरलैंड ने भी जवाबी हमलों से दबाव बनाने की कोशिश की। आखिरकार जीत का फैसला पेनल्टी शूटआउट में हुआ, जहां स्विट्जरलैंड ने 4-3 से बाजी मार ली।

कौन रहे जीत के नायक?

जीत के नायक रूबेन वर्गास रहे, जिन्होंने निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदलकर टीम को सात दशक से भी लंबे इंतजार के बाद क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया। अब अंतिम-8 में स्विट्जरलैंड का सामना अर्जेंटीना से होगा।

मैच के बाद वर्गास ने कहा कि उन्हें आखिरी समय तक भरोसा नहीं था कि वह इस मुकाबले में खेल पाएंगे। उन्होंने कहा कि टीम की जीत में योगदान देना उनके लिए बेहद खास पल है। उन्होंने बताया कि पेनल्टी लेने के समय वह पूरी तरह आत्मविश्वास से भरे हुए थे और खुश हैं कि टीम को जीत दिला सके।

मुकाबले से पहले स्विट्जरलैंड को बड़ा झटका तब लगा, जब स्टार खिलाड़ी जोहान मंजांबी घुटने की चोट के कारण बाहर हो गए। उनकी गैरमौजूदगी में पहले हाफ में स्विट्जरलैंड की आक्रामक धार कुछ कमजोर नजर आई। दूसरी ओर, कोलंबिया ने अधिक समय तक गेंद अपने कब्जे में रखी, लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा सका।

आखिरी पल तक रोमांचक रहा मुकाबला

कोलंबिया की ओर से गुस्तावो पुएर्ता ने सबसे खतरनाक मौका बनाया, लेकिन स्विट्जरलैंड के गोलकीपर ग्रेगर कोबेल ने शानदार बचाव करते हुए गोल नहीं होने दिया। दूसरे हाफ में लुइस सुआरेज का प्रयास भी निशाने से चूक गया। वहीं, स्विट्जरलैंड के फैबियन रीडर की वॉली को कोलंबियाई गोलकीपर कैमिलो वर्गास ने आसानी से रोक लिया।

अतिरिक्त समय में दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरा दम लगाया। कोलंबिया के जॉन लुकुमी का हेडर क्रॉसबार से टकराकर लौट आया, जबकि स्विट्जरलैंड के जेकी अमदौनी के प्रयास को भी गोलकीपर ने विफल कर दिया। अंततः पेनल्टी शूटआउट में ग्रेगर कोबेल के अहम बचाव और रूबेन वर्गास की निर्णायक किक ने स्विट्जरलैंड को ऐतिहासिक जीत दिला दी।

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जीत काफी अहम लेकिन आगे और चुनौती!

यह जीत स्विट्जरलैंड के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक रही। विश्व कप में टीम ने पहली बार पेनल्टी शूटआउट जीता और पहली बार एक ही विश्व कप में नॉकआउट चरण के दो मुकाबले अपने नाम किए। दूसरी ओर, कोलंबिया को लगातार दूसरी बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में पेनल्टी शूटआउट में हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले 2018 में उसे राउंड ऑफ 16 में इंग्लैंड के खिलाफ भी इसी तरह बाहर होना पड़ा था।

मैच के बाद कप्तान ग्रैनिट जाका ने कहा कि उन्हें अपनी टीम पर बेहद गर्व है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने असाधारण मानसिक मजबूती और जुझारूपन का परिचय दिया, जिसकी बदौलत टीम ने इतिहास रच दिया। झाका ने कहा कि लंबे समय से टीम ऐसे किसी यादगार पल का इंतजार कर रही थी और अब सफर यहीं नहीं रुकना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि अब सामने मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना और लियोनेल मेसी की चुनौती होगी। ऐसे में अगर स्विट्जरलैंड को अपनी ऐतिहासिक यात्रा आगे बढ़ानी है, तो उसे अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।

समाचार एजेंसी आईएएनएस इनपुट के साथ

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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