नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या के मामले में कई चौंकाने वाले डिटेल अब सामने आ रहे हैं। रथ की कार का पीछा करने के लिए और फिर जिस बाइक से हमलावर आए थे, उनके नंबर प्लेट फर्जी थे। इसके अलावा हत्या में ग्लॉक 47X पिस्तौल (Glock 47X) के इस्तेमाल की भी बात सामने आ रही है। हत्या को अंजाम देने के लिए शार्प शूटर्स कई बाइक पर सवार थे।
पुलिस और भाजपा नेता इस घटना को सुनियोजित हमला बता रहे हैं। भाजपा हत्या का आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगा रही है। 42 वर्षीय रथ 2018 से शुभेंदु अधिकारी के साथ काम कर रहे थे। बाद में वे अधिकारी के बतौर पीएम भी जिम्मेदारी संभालने लगे थे। रथ की हत्या बुधवार देर रात उत्तरी 24 परगना में उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब हमलावरों ने कोलकाता हवाई अड्डे से कुछ ही किलोमीटर दूर, डोलतला और मध्यमग्राम चौमाथा के बीच दोहरिया के पास उनकी एसयूवी को ओवरटेक कर रोक लिया।
चार मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने रोका
पुलिस के अनुसार रथ रात करीब 10.30 बजे कोलकाता से मध्यमग्राम स्थित अपने घर लौट रहे थे, तभी कम से कम चार मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने, कथित तौर पर एक दूसरी चार पहिया वाहन की मदद से, उनके वाहन को ओवरटेक करते हुए घेर लिया। रथ की एसयूवी रूक गई और इसके बाद हमलावरों ने करीब से गोलियां चलाईं। पुलिस को आशंका है कि 6 से 10 राउंड गोलियां चलाई गई।
पुलिस का मानना है कि हमलावरों ने अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया। संभवतः ग्लॉक 47X पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया। यह जानकारी प्रारंभिक फोरेंसिक जांच से मिली है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, ‘इस तरह के हथियार आम तौर पर साधारण अपराधी इस्तेमाल नहीं करते। हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इसमें पेशेवर शूटर या सुपारी लेकर हत्या करने वाले शामिल थे।’
हत्या में इस्तेमाल चार पहिया गाड़ी पकड़ी गई
पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्धिनाथ गुप्ता ने बताया है कि पुलिस ने जिंदा कारतूस और खाली कारतूस घटनास्थल से बरामद किए हैं। हत्या के दौरान कथित तौर पर इस्तेमाल की गई एक संदिग्ध चार पहिया गाड़ी जब्त की गई है। हालांकि, वाहन पर लगी नंबर प्लेट फर्जी और छेड़छाड़ की हुई पाई गई है।
सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह के साथ घटनास्थल का दौरा करने के बाद गुप्ता ने कहा, ‘अपराध में इस्तेमाल की गई चार पहिया गाड़ी जब्त कर ली गई है, लेकिन ऐसा लगता है कि नंबर प्लेट फर्जी है। हमने घटनास्थल से जिंदा कारतूस और खाली कारतूस बरामद किए हैं। सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों की जांच की जा रही है।’
प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि हमलावर कथित तौर पर चार मोटरसाइकिलों पर सवार थे। उन्होंने हवाई अड्डे के पास से रथ की एसयूवी का पीछा करने के बाद एक साथ हमला किया। चश्मदीदों ने दावा किया कि दोहरिया में अचानक एक अन्य वाहन ने रथ की कार को रोक लिया, जिसके बाद हमलावरों ने आगे बढ़कर उन पर अंधाधुंध फायरिंग की।
चश्मदीद ने क्या बताया?
रथ की एसयूवी जैसे ही रुकी, हमलावर गाड़ी के बगल में आकर आगे की सीटों पर अंधाधुंध गोलियां चलाने लगे। रथ को सीने और पेट में गोली लगी। डॉक्टरों ने बताया कि गोलियां उनके दिल और पेट को भेद गई हैं। उनके ड्राइवर बुद्धदेव बेरा को सीने, पेट और पैर में गोली लगी और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। उनका इलाज चल रहा है।
एक चश्मदीद ने हत्या को ‘पूर्व नियोजित’ और सटीक तरीके से अंजाम दिया गया बताया। चश्मदीद ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, ‘जैसे ही चंद्र की कार मेरी कार के पास से गुजरी, वह अचानक बीच रास्ते में रुक गई, और एक बाइक सवार व्यक्ति आया और कार के बाईं ओर से गोली चलाना शुरू कर दिया। हमलावर माहिर लग रहा था और तुरंत भाग गया। गोलियां बहुत करीब से चलाई गईं।’
स्थानीय लोग रथ और बेरा को पास के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने रथ को मृत घोषित किया। अस्पताल के मालिक प्रतिम सेनगुप्ता ने कहा, ‘रथ को जब अस्पताल लाया गया तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। बेरा को बाद में दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया।’
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