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सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ आरोपों की SIT जांच की मांग वाली याचिका खारिज की, कहा- ‘चुनाव आयोग के समक्ष जाएं’

सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी के गठन की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया। अदालत ने चुनाव आयोग के समक्ष जाने का सुझाव दिया।

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सुप्रीम कोर्ट, फोटोः आईएएनएस

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 13 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा ‘वोट चोरी’के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) के गठन संबंधी याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया है। राहुल गांधी के लोकसभा चुनाव 2024 में बेंगलुरु मध्य सीट पर वोटर लिस्ट में हेरफेर का आरोप लगाया गया था।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाला बागची की पीठ ने याचिकाकर्ता रोहित पांडे से कहा कि वह अपनी शिकायत के निवारण के लिए भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) से संपर्क करें।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

पीठ ने कहा कि हमने याचिकाकर्ता के वकील की बात सुनी है। हम इस याचिका पर विचार करने के इच्छुक नहीं हैं जो कथित तौर पर जनहित में दायर की गई है। अगर सलाह दी जाए तो याचिकाकर्ता चुनाव आयोग के समक्ष अपनी बात रख सकता है।

अपनी याचिका में रोहित पांडे ने इस मामले में स्वतंत्र जांच की मांग की थी। याचिकाकर्ता ने दावा किया था उन्होंने स्वयं कांग्रेस नेता के आरोपों की पुष्टि की है। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि उन्हें प्रथम दृष्टया यह स्थापित करने के लिए पर्याप्त सामग्री मिली है कि वे वैध वोटों के मूल्य को कमजोर और विकृत करने के एक व्यवस्थित प्रयास को प्रकट करते हैं जिससे व्यापक जनहित में इस न्यायालय द्वारा तत्काल हस्तक्षेप आवश्यक हो जाता है।

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उन्होंने कहा कि हजारों अवैध और डुप्लिकेट प्रविष्टियां मिली हैं। याचिकाकर्ता ने आगे कहा कि यह “अनुच्छेद 326 (सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार) के तहत निहित संवैधानिक गारंटी की जड़ पर प्रहार करता है अनुच्छेद 324 (भारत के चुनाव आयोग द्वारा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का पर्यवेक्षण) का उल्लंघन करता है…”

याचिकाकर्ता ने क्या कहा?

याचिकाकर्ता ने अदालत से यह निर्देश देने का आग्रह किया कि मतदाता सूचियों का स्वतंत्र ऑडिट पूरा होने तक उनमें कोई संशोधन या अंतिम रूप देने का कार्य न किया जाए।

गौरतलब है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस साल अगस्त में चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर चुनावों में “भारी आपराधिक धोखाधड़ी” करने का आरोप लगाया था। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, उन्होंने पिछले साल लोकसभा चुनावों के दौरान कर्नाटक की बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट पर हुई “पाँच अलग-अलग तरीकों” का जिक्र किया।

राहुल गांधी ने इस दौरान अपने आरोपों के समर्थन में महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस द्वारा की गई जांच के निष्कर्ष जारी किए। यह सीट बेंगलुरु सेंट्रल सीट का हिस्सा है। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने इस सीट पर 32 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की थी।

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राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर वोट चोरी का मुद्दा बिहार विधानसभा चुनाव में एक मुद्दा बना हुआ है। विपक्षी दलों ने लगातार इसको लेकर सवाल उठाए हैं। बिहार की विधानसभा के लिए 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में वोटिंग होनी है।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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