महाराष्ट्र में ठाणे जिले के एक नगर निगम अस्पताल में महिला डॉक्टर सहित अन्य मेडिकल स्टाफ से कथित मारपीट के मामले में पुलिस ने बुधवार को मुख्य आरोपी और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के बाद डॉक्टरों के विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए थे और मेडिकल बिरादरी में व्यापक नाराजगी देखने को मिल रही थी।
विष्णु नगर पुलिस ने बताया कि डॉक्टर वैभव सालुंखे की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के आधार पर रमेश म्हात्रे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र मेडिकेयर सर्विस पर्सन्स एंड मेडिकेयर सर्विस इंस्टीट्यूशंस (हिंसा और संपत्ति को नुकसान या हानि की रोकथाम) एक्ट, 2010 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस उपायुक्त अतुल जेंडे ने रमेश म्हात्रे की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इससे पहले पुलिस इस मामले में म्हात्रे के तीन कथित सहयोगियों- अक्षय करांडे, रमेश पवार और प्रमोद निकम को भी गिरफ्तार कर चुकी है।
डॉक्टरों का विरोध, ओपीडी सेवाएं रहीं प्रभावित
मारपीट की घटना के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के अस्पतालों और इलाके के कई निजी अस्पतालों में नियमित ओपीडी सेवाएं बुधवार को स्थगित करने का आह्वान किया था। हालांकि, आपातकालीन सेवाएं पहले की तरह जारी रहीं। पुलिस के मुताबिक, मारपीट की घटना सोमवार शाम डोंबिवली के केडीएमसी संचालित शास्त्री नगर अस्पताल में हुई।
बताया गया कि एक नवजात शिशु के परिजन उस समय नाराज हो गए, जब डॉक्टरों ने बच्चे को बेहतर इलाज के लिए किसी अन्य अस्पताल में रेफर करने की सलाह दी। इसी दौरान शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे अपने सहयोगियों के साथ अस्पताल पहुंचे और कथित तौर पर दो डॉक्टरों तथा अन्य अस्पताल कर्मचारियों के साथ मारपीट की। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर रमेश म्हात्रे डॉक्टरों के साथ हाथापाई करते नजर आ रहे हैं।
गिरफ्तारी से पहले रमेश म्हात्रे की सफाई
गिरफ्तारी से कुछ देर पहले रमेश म्हात्रे ने घटना पर अफसोस जताया, लेकिन साथ ही महिला डॉक्टर के साथ किसी भी तरह मारपीट के आरोप से इनकार भी किया। उन्होंने कहा, ‘जो झड़प हुई, उसका मुझे अफसोस है। लेकिन मैं पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि मैंने महिला डॉक्टर पर हाथ नहीं उठाया। सीसीटीवी फुटेज में कैमरे के एंगल की वजह से ऐसा लग सकता है।’
म्हात्रे ने दावा किया कि वह महिला डॉक्टर को अपनी ‘बेटी की तरह’ मानते हैं, इसलिए उनसे अनौपचारिक तरीके से बात कर रहे थे। उनके मुताबिक, डॉक्टर उनकी बात सुनने के बजाय फोन पर बात करती रहीं।
उन्होंने कहा, ‘मैंने केवल उनका हाथ थपथपाया था। हमें बालासाहेब ठाकरे की सीख मिली है। हमने कभी महिलाओं पर हाथ नहीं उठाया और भविष्य में भी ऐसा नहीं करेंगे।’
रमेश म्हात्रे ने घटना के लिए अस्पताल की कमियों को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि इन खामियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें अस्पताल बुलाने वाला व्यक्ति बाद में उनके फोन का जवाब नहीं दे रहा था। उनके अनुसार, जब उन्हें स्थिति की गंभीरता का पता चला, तभी वे अस्पताल पहुंचे।

