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होर्मुज स्ट्रेट के पास जहाज पर हमला, 24 भारतीय नाविक सवार; मदद की लगाई गुहार

भारतीय नाविकों के संगठन फॉरवर्ड सीमैन्स यूनियन ऑफ इंडिया ने एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि जहाज से डिस्ट्रेस अलर्ट प्राप्त हुआ है। पोस्ट में जहाज की लोकेशन से जुड़े निर्देशांक (कोऑर्डिनेट्स) भी साझा किए गए हैं।

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Crew members stand on the orange deck of a ship at sea, with coiled rope and equipment nearby as black smoke rises from the vessel's aft area.
Indian Seafarers Stranded in a ship attacked at hormuz, 8 jun 2026 (PC-X/@FSUIINDIA/video screen grab)

इजराइल-ईरान संघर्ष के बीच होर्मुज स्ट्रेट के निकट ओमान तट के पास एक जहाज पर हमले की खबर सामने आई है। भारतीय नाविकों के संगठन फॉरवर्ड सीमैन्स यूनियन ऑफ इंडिया के अनुसार, जहाज पर 24 भारतीय नाविक सवार हैं, जिन्होंने संकट संदेश भेजकर तत्काल सहायता की मांग की है।

यूनियन ने एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि जहाज से डिस्ट्रेस अलर्ट प्राप्त हुआ है। पोस्ट में जहाज की लोकेशन से जुड़े निर्देशांक (कोऑर्डिनेट्स) भी साझा किए गए हैं। वायरल वीडियो में जहाज के अगले हिस्से से घना काला धुआं उठता दिखाई दे रहा है, जिससे किसी गंभीर क्षति की आशंका जताई जा रही है।

हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जहाज पर किस प्रकार का हमला हुआ, उसकी वर्तमान स्थिति क्या है और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं या नहीं। किसी के घायल होने या हताहत होने की भी फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। भारतीय अधिकारियों की ओर से भी इस घटना पर अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

संघर्ष पर भारत ने जताई चिंता

इसी बीच भारत सरकार ने भी ईरान और इजराइल के बीच दोबारा शुरू हुई सैन्य कार्रवाइयों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि पश्चिम एशिया में हालिया हमले अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।

विदेश मंत्रालय ने कहा, “भारत पश्चिम एशिया में हुए नए हमलों पर गहरा खेद व्यक्त करता है। यह संघर्ष अब 100 दिनों से अधिक समय से जारी है, जिससे बड़े पैमाने पर मानवीय पीड़ा हुई है। इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ा है।”

भारत ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव तत्काल कम करने की अपील करते हुए कहा कि आम नागरिकों को नुकसान से बचाया जाना चाहिए तथा सभी पक्षों को बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए समाधान निकालना चाहिए, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल हो सके।

भारतीय दूतावास की एडवाइजरी

तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भी क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति को देखते हुए नई एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने भारतीय नागरिकों से फिलहाल ईरान की यात्रा न करने की अपील की है।

एडवाइजरी में कहा गया है कि क्षेत्र में तेजी से बदलते सुरक्षा हालात को देखते हुए सभी भारतीय नागरिक किसी भी प्रकार की ईरान यात्रा से बचें। साथ ही ईरान में रह रहे भारतीयों को सलाह दी गई है कि वे उपलब्ध उड़ानों और अन्य परिवहन साधनों का उपयोग कर जल्द से जल्द देश छोड़ने पर विचार करें।

दूतावास ने भारतीय नागरिकों से स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और सुरक्षा संबंधी अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखने को भी कहा है।

गौरतलब है कि इजराइल और ईरान फिर से जंग में कूद पड़े हैं। ईरान ने रविवार को इसराइल पर कई मिसाइलें दागीं जिसके जवाब में इजराइल ने भी ईरानी ठिकानों पर हमले किए हैं। दोनों के बीच जारी सैन्य टकराव के कारण पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट पहले से ही वैश्विक निगरानी के केंद्र में है, क्योंकि विश्व के तेल और गैस निर्यात का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है।

इसी बीच रूस में ईरान के राजदूत काजेम जालाली ने संकेत दिया है कि होर्मुज को बंद नहीं किया जाएगा, लेकिन इसके संचालन के लिए नई शर्तें लागू की जा सकती हैं। रूसी अखबार इजवेस्टिया को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ईरान और ओमान संयुक्त रूप से जलमार्ग से संबंधित सेवाएं प्रदान करते हैं और भविष्य में इन सेवाओं के लिए ट्रांजिट शुल्क वसूला जा सकता है।

जालाली ने कहा, “होर्मुज स्ट्रेट रहेगा, लेकिन नई परिस्थितियों के अनुरूप इसके संचालन की शर्तें ईरान और ओमान तय करेंगे।” हालांकि उन्होंने प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था और अन्य नियमों पर विस्तृत जानकारी नहीं दी।

ये भी पढ़ेंः ईरान का इजराइल के खिलाफ ‘ऑपरेशन नसर’, दोनों तरफ से जवाबी हमले तेज हुए, भारतीय दूतावास ने नागरिकों से ईरान छोड़ने को कहा

यूरोपीय संघ ने जताई चिंता

क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच यूरोपीय संघ ने भी समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कलास ने कहा है कि ईरान की मौजूदा सैन्य गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय नौवहन और समुद्री यातायात के लिए खतरा पैदा कर रही हैं। इसी आधार पर यूरोपीय संघ ने ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा की है।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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