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महाराष्ट्र की राजनीति में फिर हलचल! शरद पवार की एकनाथ शिंदे के दफ्तर में विधायकों संग बैठक; क्या है मामला

सियासी अटकलों के बीच एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता जयंत पाटिल ने कहा है कि शिंदे का कार्यालय केवल सुविधा को ध्यान में रखकर चुना गया था और इसका कोई राजनीतिक मतलब नहीं है।

महाराष्ट्र में शरद पवार और उनकी पार्टी के विधायकों की उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के विधान भवन स्थित कार्यालय में बुधवार को हुई बैठक ने राज्य की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। हालांकि बाद में एनसीपी (एसपी) और सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के नेताओं ने कहा कि यह केवल संयोगवश हुई मुलाकात थी और इसको किसी नए संभावित राजनीतिक समीकरण से जोड़ कर नहीं देखा जाना चाहिए।

यह घटनाक्रम इसलिए चर्चा का विषय बन गया क्योंकि शरद पवार की पार्टी विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) का अहम हिस्सा है। जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में शामिल है। ऐसे में दोनों नेताओं की मुलाकात और शरद पवार के विधायकों की मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया।हालांकि ये भी है कि दोनों पक्षों ने किसी राजनीतिक उठापटक की संभावना से साफ इनकार किया है।

एकनाथ शिंदे और पवार की मुलाकात

सामने आई जानकारी के अनुसार दरअसल शरद पवार महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद के समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति की बैठक में शामिल होने के लिए विधानसभा परिसर पहुंचे थे।

उपमुख्यमंत्री शिंद के कार्यालय के अनुसार समिति की बैठक समाप्त होने के बाद शरद पवार खुद एकनाथ शिंदे के कार्यालय में पहुंचे उनसे शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान शिंदे ने पवार का शॉल और गुलदस्ता देकर स्वागत किया। हालांकि दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का कोई विवरण सामने नहीं आया है।

बाद में एनसीपी (शरद पवार गुट) नेताओं ने स्पष्ट किया कि शरद पवार ने पहले अपने विधायकों से शिंदे के कार्यालय में ही मुलाकात की थी और इसी वजह से यह पूरा घटनाक्रम चर्चा का विषय बना।

शिंदे के कार्यालय में ही मीटिंग क्यों?

एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता जयंत पाटिल ने कहा कि शिंदे का कार्यालय केवल सुविधा को ध्यान में रखकर चुना गया था और इसका कोई राजनीतिक मतलब नहीं है। उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि पार्टी के विधायक चाहते थे कि शरद पवार विधानसभा परिसर से निकलने से पहले उनसे मुलाकात कर लें। उनके मुताबिक, विपक्षी विधायकों के बैठक कक्ष तक चलकर जाना शरद पवार के लिए मुश्किल होता।

जयंत पाटिल ने कहा, ‘विपक्षी विधायकों के कमरे तक जाना पवार साहब के लिए कठिन था। इसलिए हमने सोचा कि निकास द्वार के पास स्थित एकनाथ शिंदे का कार्यालय अधिक सुविधाजनक रहेगा, ताकि उन्हें ज्यादा पैदल न चलना पड़े।’

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब शरद पवार कार्यालय पहुंचे थे, उस समय एकनाथ शिंदे वहां मौजूद नहीं थे। पाटिल ने कहा, ‘मैंने ही पवार साहब से कहा था कि वे वहीं बैठकर हमारे विधायकों से मुलाकात कर लें। जब शिंदे को पता चला कि पवार साहब वहां हैं, तब वे करीब दस मिनट के लिए उनसे मिलने आए।’

शिंदे खेमे ने मुलाकात पर क्या कहा?

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री उदय सामंत ने भी इस मुलाकात को लेकर कोई राजनीतिक संकेत देने इनकार किया। उन्होंने कहा, ‘शरद पवार देश के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। अगर वे हमारे नेता एकनाथ शिंदे के कार्यालय में आते हैं तो उनका सम्मान और स्वागत करना महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा का हिस्सा है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।’ उपमुख्यमंत्री कार्यालय ने भी समिति की बैठक के बाद शरद पवार और एकनाथ शिंदे की मुलाकात को महज शिष्टाचार भेंट बताया।

इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद यह अटकलें जरूर लगने लगीं कि क्या शरद पवार सत्तारूढ़ गठबंधन के साथ किसी नए राजनीतिक समीकरण की संभावना तलाश रहे हैं। हालांकि एनसीपी (एसपी) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘शरद पवार महाराष्ट्र सीमा विवाद समिति की बैठक में शामिल होने आए थे। इसके बाद हमने अपने विधायकों, सांसदों और नगरसेवकों के साथ भी बैठक की। विधानसभा सत्र के दौरान पवार साहब यहां मौजूद हैं, इसलिए उन्होंने सभी से मुलाकात की। एनडीए में शामिल होने या किसी अन्य दल में विलय की अटकलें पूरी तरह गलत हैं।’

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब महाराष्ट्र विधानसभा का सत्र जारी है। इस दौरान सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महा विकास अघाड़ी कई विधायी और राजनीतिक मुद्दों पर आमने-सामने हैं।

यह भी पढ़ें- ‘57% निर्यात पर कोई टैरिफ नहीं’, पीएम मोदी के दौरे से पहले ट्रेड डील पर क्या बोले न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री

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विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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