Home भारत राहुल गांधी को राहत, दोहरी नागरिकता मामले में FIR के अपने ही...

राहुल गांधी को राहत, दोहरी नागरिकता मामले में FIR के अपने ही आदेश पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक

इससे पहले कल इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अपने आदेश का मुख्य भाग सुनाया था, जिसमें कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर द्वारा दायर याचिका पर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।

0
Rahul Gandhi (File Photo)
राहुल गांधी (फाइल फोटो)

लखनऊ: इलाहाबाद हाई कोर्ट (लखनऊ बेंच) ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ ब्रिटिश नागरिक होने के आरोपों के संबंध में FIR दर्ज करने की मांग करने वाली भाजपा कार्यकर्ता की याचिका पर अपने अंतिम फैसले को रोक दिया है। जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की अध्यक्षता वाली बेंच ने कल (शुक्रवार) ओपन कोर्ट में सुनाए गए उस फैसले को प्रभावी रूप से स्थगित कर दिया, जिसमें गांधी के खिलाफ FIR का निर्देश दिया गया था। बेंच ने इस आदेश को टाइप और हस्ताक्षर होने से पहले ही रोक दिया।

आरोपी को सुनवाई का अवसर देना जरूरी

कोर्ट ने 17 अप्रैल के अपने आदेश में, जिसे शनिवार को अपलोड किया गया, उसमें कहा है कि याचिका पर तब तक कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता जब तक कि संभावित आरोपी को सुनवाई का अवसर न दिया जाए। दो पन्नों के इस आदेश के अनुसार, पीठ ने जगन्नाथ वर्मा और अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य (2014) मामले में हाई कोर्ट की फुल बेंच के फैसले को देखने के बाद निर्णय को रोका।

इस मामले में कोर्ट ने माना कि धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत मामला दर्ज करने का आदेश अंतरिम आदेश नहीं है, और धारा 397 सीआरपीसी के तहत आपराधिक पुनरीक्षण के उपाय के अधीन है। जस्टिस विद्यार्थी ने कहा कि ऐसे पुनरीक्षण कार्यवाही में, संभावित आरोपी या अपराध करने के संदिग्ध व्यक्ति को अंतिम निर्णय लेने से पहले सुनवाई का अवसर प्राप्त करने का अधिकार है।

इसलिए, यह देखते हुए कि गांधी को नोटिस जारी किए बिना आवेदन पर निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए, कोर्ट ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख तय की है।

हाई कोर्ट ने कल FIR का दिया था निर्देश

इससे पहले कल इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ओपन कोर्ट में अपने आदेश का मुख्य भाग सुनाया था, जिसमें कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता (एस. विग्नेश शिशिर) द्वारा दायर याचिका पर गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।

शिशिर ने इसी साल जनवरी में लखनऊ की एसीजेएम अदालत द्वारा भारतीय न्याय संहिता, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, पासपोर्ट अधिनियम और विदेशी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की उनकी याचिका खारिज किए जाने के बाद हाई कोर्ट का रुख किया है।

क्या है राहुल गांधी के खिलाफ नागरिकता वाला मामला?

हाई कोर्ट के समक्ष, आवेदक (शिशिर) ने बताया कि राहुल गांधी ब्रिटेन के नागरिक हैं और उन्होंने M/S बैकॉप्स लिमिटेड नाम की कंपनी बनाई थी, जो अगस्त 2003 में पंजीकृत हुई। आगे यह भी कहा गया कि राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया था और स्वेच्छा से अपनी राष्ट्रीयता ब्रिटिश घोषित की थी। उनके पास निदेशक पहचान पत्र (डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन आईडी) है और उनके लंदन और हैम्पशायर में पते हैं।

यह भी दावा किया गया है कि राहुल गांधी ने अक्टूबर 2005 और अक्टूबर 2006 में कंपनी के वार्षिक रिटर्न दाखिल किए थे, जिसमें उन्होंने अपनी राष्ट्रीयता ब्रिटिश बताई थी। इसके बाद, उक्त कंपनी को फरवरी 2009 में विघटन आवेदन दाखिल करके भंग कर दिया गया था।

इसके अलावा, यह भी दावा किया गया है कि राहुल गांधी ने 2004 के लोकसभा चुनाव में बैकॉप्स लिमिटेड के स्वामित्व और बार्कलेज बैंक, लंदन शाखा, ब्रिटेन में अपने विदेशी बैंक खाते को स्वीकार करते हुए और उसका खुलासा करते हुए चुनाव लड़ा था। शिशिर ने आगे तर्क दिया है कि कांग्रेस नेता पर विदेशी अधिनियम, पासपोर्ट अधिनियम और यहां तक ​​कि आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत भी आरोप लगाए जाने चाहिए।

यह भी पढ़ें- लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरा, पक्ष-विपक्ष में कितने पड़े वोट?

author avatar
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version