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‘भारतीय किसानों के साथ विश्वासघात देख रहा हूं’, अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर केंद्र पर बरसे राहुल गांधी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मैं भारतीय किसानों के साथ विश्वासघात देख रहा हूं।

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फोटोः आईएएनएस

नई दिल्लीः कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार (15 फरवरी) को भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर अपना हमला तेज कर दिया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारत अपने किसानों के साथ “विश्वासघात” देख रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई सवाल पूछे।

गांधी ने इस सौदे के माध्यम से सरकार पर देश को बेच देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा तात्कालिक राजनीति से परे है और भारत के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या देश किसी अन्य राष्ट्र को अपने कृषि क्षेत्र पर दीर्घकालिक कब्जा हासिल करने की अनुमति दे रहा है।

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि “अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के नाम पर हम भारतीय किसानों के साथ विश्वासघात देख रहे हैं।”

लोकसभा में विपक्ष के नेता ने प्रधानमंत्री से सवाल करते हुए पूछा कि सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स (डीडीजी) के आयात का क्या मतलब है।

उन्होंने सवाल किया कि”क्या इसका मतलब यह है कि भारतीय मवेशियों को आनुवंशिक रूप से संशोधित अमेरिकी मक्का से बने डिस्टिलर्स ग्रेन्स खिलाए जाएंगे? क्या इससे हमारे दूध उत्पाद प्रभावी रूप से अमेरिकी कृषि उद्योग पर निर्भर नहीं हो जाएंगे?”

गांधी ने आगे पूछा कि क्या भारत जीएम सोया तेल के आयात की अनुमति देता है।

उन्होंने पूछा, “मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और पूरे देश के सोयाबीन किसानों पर इसके क्या प्रभाव होंगे? वे एक और मूल्य संकट का सामना कैसे करेंगे?”

राहुल ने आगे पूछा कि “जब आप ‘अतिरिक्त उत्पादों’ की बात करते हैं, तो उसमें क्या शामिल है? क्या यह समय के साथ दालों और अन्य फसलों को अमेरिकी आयात के लिए खोलने के दबाव का संकेत देता है?”

MSP बोनस कम करने पर डाला जाएगा दबाव?

राहुल ने आगे पूछा कि “गैर-व्यापार बाधाओं’ को हटाने का क्या अर्थ है? क्या भविष्य में भारत पर आनुवंशिक रूप से संशोधित फसलों पर अपना रुख नरम करने, खरीद को कमजोर करने या एमएसपी और बोनस को कम करने का दबाव डाला जाएगा?”

गांधी ने चिंता व्यक्त की कि एक बार दरवाजा खुल जाने के बाद इसे हर साल और अधिक खुलने से रोकना मुश्किल हो सकता है।

उन्होंने कहा, “क्या इसे रोका जा सकेगा या हर बार धीरे-धीरे अधिक फसलें उपलब्ध कराई जाएंगी?” उन्होंने आगे कहा कि किसानों को यह स्पष्टता मिलनी चाहिए।

राहुल ने जोर देकर कहा, “यह सिर्फ आज की बात नहीं है। यह भविष्य की भी बात है – क्या हम किसी दूसरे देश को भारत के कृषि उद्योग पर दीर्घकालिक पकड़ बनाने की अनुमति दे रहे हैं?”

वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मैं राहुल गांधी को चैलेंज देना चाहता हूं कि कोई भी मंच तय कर लीजिए भाजपा के युवा मोर्चा का अध्यक्ष आकर बहस कर लेगा कि किसानों का नुकसान किसने किया है।

इससे पहले शनिवार को गांधी ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर देश के कपास किसानों और कपड़ा निर्यातकों के साथ धोखाधड़ी का आरोप सरकार पर लगाया और कहा कि यह समझौता दोनों क्षेत्रों को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह व्यापार समझौता, जो अब शून्य प्रतिशत टैरिफ के माध्यम से बांग्लादेश के पक्ष में है, कपड़ा क्षेत्र या कपास की खेती या दोनों को ही खत्म कर देगा, और कहा कि देश इस बात से अवगत है।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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