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PoK में हो रहे प्रदर्शन में बढ़ा तनाव, पाकिस्तानी सैन्य बलों ने प्रदर्शनकारियों पर बरसाए आंसू गैस के गोले

पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से आम नागरिकों पर की गई कार्रवाई की दुनिया भर में निंदा हो रही है।

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Photo: IANS

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में तनाव बना हुआ है। ऐसी खबर है कि ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (JAAC) के सदस्यों के साथ फिर से झड़प के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे।

इस बीच बढ़ते तनाव के कारण पूरे इलाके में हड़ताल जारी है। रावलकोट और मुजफ्फराबाद में प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पों में कई लोगों की मौत के बाद संचार व्यवस्था (कम्युनिकेशन) ठप कर दी गई। इससे हालात और बिगड़ गए हैं।

PoK में हालात बने हैं गंभीर

9 जून को हो रहे प्रदर्शन के बीच पीओके के कुछ इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं। पाकिस्तान-विरोधी प्रदर्शनों में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे हैं और भीमबर व कोटली जैसे शहरों में शटडाउन जारी है। ‘डॉन’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटनाक्रम रविवार (8 जून) रात हुई झड़पों के बाद सामने आया है। इस दौरान सात आम नागरिकों की मौत हो गई थी।

पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से आम नागरिकों पर की गई कार्रवाई की दुनिया भर में निंदा हो रही है। ब्रिटिश संसद के 50 से ज्यादा सदस्यों ने UK की विदेश मंत्री यवेट कूपर को पत्र लिखकर PoK में कम्युनिकेशन ब्लैकआउट, गिरफ्तारियों और बढ़ते तनाव की खबरों पर चिंता जताई है।

यह भी पढ़ें – खबरों से आगे: ‘शरणार्थी सीटों’ को रद्द करने की मांग को लेकर JAAC पर लगा प्रतिबंध, पीओके में भड़क उठी हिंसा

6 जून को UK के विदेश मंत्रालय को भेजे गए एक पत्र में ब्रैडफोर्ड ईस्ट के सांसद इमरान हुसैन ने उस इलाके में इंटरनेट और मोबाइल सेवा में रुकावट, बातचीत पर पाबंदियों और बढ़ती अशांति की खबरों का जिक्र किया। इमरान हुसैन ‘ऑल-पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप’ (APPG) के चेयरमैन भी हैं।

ब्रिटिश सांसदों ने लिखा पत्र

इस पत्र में सांसदों ने कहा कि उनसे कई ब्रिटिश कश्मीरी लोगों ने संपर्क किया है जो PoJK में अपने रिश्तेदारों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। हस्ताक्षर करने वालों ने गिरफ्तारियों (जिनमें ब्रिटिश नागरिक भी शामिल हैं) और अधिकारियों तथा ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत टूटने की खबरों पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि पहले से ही संवेदनशील राजनीतिक माहौल में बातचीत पर पाबंदियों से अनिश्चितता बढ़ने और तनाव और ज्यादा बढ़ने का खतरा है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक शेष पॉल वैद ने PoJK में हुई हिंसा की कड़ी निंदा की और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर आम नागरिकों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया।

वैद ने कहा कि “PoJK में हालात बहुत गंभीर हैं। अंधाधुंध गोलीबारी में कई लोग मारे गए हैं और कई अन्य घायल हुए हैं। खबरों के मुताबिक पाकिस्तान रेंजर्स, पाकिस्तानी सेना और स्थानीय पुलिस ने गोलीबारी की है, जिससे कई लोगों की जान गई है।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि चल रही अशांति ने जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान के “झूठे नैरेटिव” की पोल खोल दी है और तर्क दिया कि PoJK के लोग खुद अब इस्लामाबाद की नीतियों को चुनौती दे रहे हैं।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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