नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को एक बार फिर आयात पर निर्भरता कम करने और ग्लोबल स्पलाई चेन में भारत की स्थिति को मजबूत करने के लिए सामूहिक तौर पर राष्ट्रीय प्रयासों की बात कही। पीएम मोदी ने नागरिकों से वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में विदेशी मुद्रा का गैरजरूरी खर्च न करने का भी आग्रह किया।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता के कारण पैदा हुई चिंताओं के बीच वडोदरा में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में एक प्रमुख भागीदार के रूप में उभरने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘हम भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एक प्रमुख भागीदार बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।’
पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि देश को वर्तमान चुनौतियों को आत्मनिर्भरता और घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने के अवसर के रूप में उपयोग करना चाहिए।
नागरिक से सरकार के प्रयासों में सहयोग की अपील
प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आयात पर निर्भरता कम करने और विदेशी मुद्रा के ज्यादा बड़ी संख्या में बाहर जाने से बचने के लिए सरकार के प्रयासों में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘हमें आयात का उपयोग कम करने और विदेशी मुद्रा खर्च करने वाली अपनी व्यक्तिगत गतिविधियों से बचने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।’
पीएम मोदी ने कहा कि जब भी देश ने युद्धों या बड़ी चुनौतियों का सामना किया है, भारतीयों ने ऐतिहासिक रूप से एकता और जिम्मेदारी के साथ प्रतिक्रिया दी है।
पीएम ने कहा, ‘जब भी भारत ने युद्ध या किसी बड़े संकट का सामना किया है, नागरिकों ने सरकार की अपील पर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। हमें आज भी ऐसा ही करना होगा।’
उन्होंने कहा, ‘पूर्व के दशकों में भी, जब भी देश युद्ध या किसी अन्य बड़े संकट से गुजरा है, प्रत्येक नागरिक ने सरकार की अपील पर उसी तरह अपनी जिम्मेदारी निभाई है। आज भी, देश के संसाधनों पर बोझ कम करने के लिए हम सभी को एक साथ आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। भारत विदेशों से कई उत्पादों के आयात पर लाखों-करोड़ों रुपये विदेशी मुद्रा खर्च करता है। आयातित वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। जैसे हर बूंद से घड़ा भरता है, वैसे ही हर छोटा-बड़ा प्रयास मायने रखता है। हमें विदेशों से आने वाले उत्पादों का उपयोग कम करना चाहिए और अपने दैनिक जीवन में आयातित वस्तुओं पर अनावश्यक निर्भरता से बचना चाहिए, साथ ही विदेशी मुद्रा खर्च करने वाली ऐसी व्यक्तिगत गतिविधियों से भी बचना चाहिए।’
पीएम मोदी ने ईंधन की खपत कम करने और सार्वजनिक परिवहन या इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने की अपनी अपील को भी दोहराया। साथ ही लोगों से एक बार फिर सोने की खरीदारी को नहीं करने का आग्रह किया।
देश में 60 दिनों का तेल और गैस
पीएम मोदी की रविवार की अपील के बाद से कई चर्चाएं तेज हैं। इस बीच सोमवार को सरकार ने साफ किया कि ईंधन, यानी पेट्रोल-डीजल व गैस, का पर्याप्त भंडार है। देश में फिलहाल 60 दिनों का कच्चा तेल भंडार, 60 दिनों का प्राकृतिक गैस भंडार, तथा 45 दिनों का रसोई गैस भंडार उपलब्ध है। साथ ही, देश का विदेशी मुद्रा भंडार 703 अरब डॉलर के मजबूत स्तर पर बना हुआ है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह जानकारी दी।
इसके साथ ही सरकार ने बताया कि भारत तेल शोधन करने वाला दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है और चौथा सबसे बड़ा पेट्रोलियम उत्पाद निर्यातक भी है। भारत वर्तमान समय में 150 से अधिक देशों को निर्यात कर रहा है तथा घरेलू मांग भी पूरी की जा रही है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को पश्चिम एशिया की स्थिति पर गठित मंत्रियों के अनौपचारिक समूह की पांचवीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में बताया गया कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत में पिछले 70 दिनों से पेट्रोलियम कीमतों को स्थिर रखा गया है, जबकि कई देशों में कीमतों में 30 से 70 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
हालांकि, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण भारतीय तेल कंपनियां प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपए का नुकसान उठा रही हैं और वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में नुकसान करीब 2 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच रहा है। इसके बावजूद सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों का पूरा बोझ आम नागरिकों पर न पड़े।
पर्याप्त ईंधन, फिर सरकार क्यों कर रही अपील?
राजनाथ सिंह ने बैठक में कहा कि वर्तमान में ईंधन बचाने की बात केवल तत्काल बचत के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की दीर्घकालिक क्षमता निर्माण और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि संकट लंबा चलता है तो अपनी तैयारी बनाए रखने के लिए अभी से जिम्मेदार तरीके से खपत की संस्कृति विकसित करना आवश्यक है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने, साझा वाहन व्यवस्था अपनाने, अनावश्यक विदेशी यात्राओं से बचने, घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने और गैर-जरूरी सोने की खरीद एक वर्ष तक टालने की अपील की है। पीएम मोदी ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में 50 प्रतिशत तक कमी लाने, प्राकृतिक खेती अपनाने तथा डीजल पंपों के स्थान पर सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई पंपों का उपयोग बढ़ाने का आग्रह भी किया है।
(IANS के इनपुट के साथ)
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