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‘युवाओं का भविष्य सरकार की प्राथमिकता, पेपर लीक दलगत राजनीति का विषय नहीं, पूरे देश का मुद्दा: पीएम मोदी

किरेन रिजिजू के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा है कि सरकार सिर्फ भविष्य में पेपर लीक रोकने का भरोसा ही नहीं दे रही, बल्कि देश के युवाओं को विश्व स्तर पर नेतृत्व करने के लिए भी तैयार कर रही है।

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Narendra Modi
फोटो- IANS

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एनडीए की संसदीय दल की बैठक में कहा कि इसमें शामिल लोगों के लिए कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने यह जानकारी दी। एनडीए की संसदीय दल के ‘मंगल मिलन’ बैठक कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री के बयान की जानकारी देते हुए कहा रिजिजू कहा कि पीएम मोदी ने ये भी कहा कि नीट पेपर लीक किसी दलगत राजनीति का विषय नहीं, बल्कि पूरे देश का मुद्दा है। रिजिजू के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा कि NEET पेपर लीक को किसी एक राज्य या केवल केंद्र सरकार तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। यह पूरे देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा राष्ट्रीय मुद्दा है और सरकार की प्राथमिकता युवाओं की सुरक्षा तथा उनके भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब देशभर में शिक्षा व्यवस्था में लगातार हो रहे पेपर लीक और कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। युवाओं और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का आयोजन किया था, जिसमें कई जगह अफरातफरी और हिंसा भी दिखी। पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की ओर से भी बल का प्रयोग किया गया। दूसरी ओर विपक्ष भी पूरे मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठा रहा है।

दोषियों को सजा दिलाने के लिए वकील आए आगे

किरेन रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध में शामिल लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए देश के वरिष्ठ वकीलों को भी आगे आना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे अपराध करने वालों के मन में कानून का डर पैदा हो।

रिजिजू के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कहा है कि सरकार की पहली प्राथमिकता छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखना है। इसी वजह से नीट की दोबारा परीक्षा जल्द कराई गई और उसका परिणाम भी बिना किसी देरी के घोषित किया गया, ताकि छात्रों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित न हो।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक रैकेट में शामिल जिन लोगों की पहचान हुई है, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि दोषियों को इतनी सख्त सजा मिले कि भविष्य में कोई भी इस तरह का अपराध करने की हिम्मत न करे।

किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री का मानना है कि पेपर लीक केवल किसी एक राज्य या केंद्र सरकार का विषय नहीं है, बल्कि यह पूरे देश और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला है। इसलिए सभी राज्यों और सभी राजनीतिक दलों को इस अपराध के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह किसी दलगत राजनीति का मुद्दा नहीं, बल्कि देश और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा का सवाल है।

‘चलो संसद’ मार्च के दौरान झड़प

इससे पहले सोमवार को आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हजारों प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ रहे थे। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प हो गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े।

NEET पेपर लीक को लेकर पहले से चल रहे प्रदर्शन ने सोमवार को राजधानी में बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बना लिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि लगातार हो रहे पेपर लीक जैसी घटनाओं के बावजूद शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय नहीं की जा रही है।

बाद में दिन में सीजेपी के सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर तीन प्रमुख मांगें रखीं। इसमें पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी। दूसरी, अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक को तत्काल अस्पताल से छुट्टी देने और तीसरी, NEET पेपर लीक के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग रही।

हिंसा में कई प्रदर्शनकारी, पुलिस वाले घायल

सोमवार को प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के जवानों समेत करीब 200 लोग घायल हुए। सभी घायलों का इलाज केंद्र सरकार के अस्पतालों में किया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार लगभग 150 घायलों को डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल लाया गया, जबकि 24 अन्य घायलों का इलाज लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में किया गया। इनमें से अधिकांश को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

देर शाम दिल्ली पुलिस ने बताया कि सोमवार को नई दिल्ली इलाके में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध मार्च के हिंसक हो जाने के बाद कई सीनियर अधिकारियों समेत 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। लगभग 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

दिल्ली पुलिस ने आंकड़ों और घटना के बारे में जानकारी देते हुए एक बयान जारी किया। इसमें प्रदर्शनकारियों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘अनियंत्रित, आक्रामक और हिंसक व्यवहार’ करने और सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने, सरकारी गाड़ियों व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया गया।

पुलिस के अनुसार हिंसक भीड़ ने सरकारी संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुँचाया। इस घटना के दौरान लगभग 15 से 20 सरकारी गाड़ियों और अन्य सरकारी संपत्ति में तोड़-फोड़ की गई। इस बीच, NEET पेपर लीक को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और विरोध प्रदर्शन जारी हैं। सरकार जहां दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिला रही है, वहीं जंतर मंतर पर आज भी प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और अपनी मांगों को पूरा करने की मांग पर अड़े हुए हैं।

(समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)

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विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...

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