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मणिपुर को माँ भारती का मुकुट रत्न बताने से लेकर मैतेई-कुकी समुदाय से शांति की अपील तक..पीएम मोदी की जानें बड़ी बातें

चुराचांदपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैं सभी संगठनों से अपील करूंगा कि शांति के रास्ते पर आगे बढ़कर अपने सपनों को पूरा करें। मैं आज आपसे वादा करता हूँ कि मैं आपके साथ हूँ, भारत सरकार आपके साथ है, मणिपुर के लोगों के साथ है।

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लगभग दो साल से मणिपुर में जारी जातीय हिंसा के बाद अपनी पहली यात्रा पर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के सभी संगठनों से ‘शांति का रास्ता चुनने’ की अपील की। हिंसा प्रभावित इस राज्य में ढाई साल बाद पहुँचे प्रधानमंत्री ने मणिपुर के लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

चुराचांदपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैं सभी संगठनों से अपील करूंगा कि शांति के रास्ते पर आगे बढ़कर अपने सपनों को पूरा करें। मैं आज आपसे वादा करता हूँ कि मैं आपके साथ हूँ, भारत सरकार आपके साथ है, मणिपुर के लोगों के साथ है।

गौरतलब है कि चुराचांदपुर कुकी बहुल पहाड़ी इलाका है और इंफाल घाटी इलाका है और मैतेई समुदाय का गढ़ है। हिंसा भड़कने के बाद से दोनों समुदायों की एक-दूसरे के इलाकों में आवाजाही बंद है।

इंफाल में हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि हाल ही में पहाड़ियों और घाटियों में अलग-अलग समूहों के साथ समझौतों के लिए बातचीत हुई है, जिससे शांति की स्थापना के लिए संवाद, सम्मान और आपसी समझ को महत्व दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा, राज्य में हिंसा मणिपुर के पूर्वजों और भविष्य की पीढ़ियों के साथ अन्याय है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के वादे को पूरा करने के लिए एकता जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने कहा, मणिपुर में किसी भी तरह की हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण है। यह हमारे पूर्वजों और भावी पीढ़ियों दोनों के साथ अन्याय है। नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने मणिपुर को भारत की आजादी का द्वार कहा था। इस मिट्टी ने अनेक वीर बलिदानी दिए हैं और हमें इसी भावना से आगे बढ़ना है।

पीएम मोदी ने कहा, मणिपुर में क्षमता की कोई कमी नहीं है। जरूरत है कि हम संवाद के रास्ते को लगातार मजबूत करें। हमें पहाड़ियों और घाटी के बीच सद्भाव का एक मजबूत पुल बनाना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि मणिपुर देश के विकास का एक मजबूत केंद्र बनेगा।

केंद्र सरकार सुलह के लिए प्रतिबद्ध

प्रधानमंत्री का यह भाषण कुकी और मेइतेई समुदायों के बीच चल रही लगातार अविश्वास की पृष्ठभूमि में आया, जहाँ पिछले दो वर्षों में दोनों समुदायों को विस्थापन, हत्याओं और घरों व पूजा स्थलों के विनाश का सामना करना पड़ा है। उनके भाषण को दोनों पक्षों को यह आश्वासन देने के प्रयास के रूप में देखा गया कि केंद्र सरकार उनके सुलह के लिए प्रतिबद्ध है।

पीएम मोदी ने कहा, हमें मणिपुर को लगातार शांति और प्रगति के रास्ते पर आगे लेकर जाना है। और हमें यह साथ मिलकर करना है। उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में मणिपुर की भूमिका और इसकी बहादुरी की परंपरा को देखते हुए, यहाँ एकता की जरूरत है, विभाजन की नहीं।

प्रधानमंत्री ने शांति के साथ-साथ तेज विकास का वादा भी किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास एक ऐसा पुल है जो समुदायों को फिर से जोड़ सकता है। उन्होंने दो प्रमुख पहलों की शुरुआत की- 3,600 करोड़ रुपये का मणिपुर शहरी सड़क परियोजना और 500 करोड़ रुपये का इन्फोटेक विकास परियोजना।

पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी पूर्वोत्तर की है और भारत सरकार ने हमेशा मणिपुर के विकास को प्राथमिकता दी है, जिसके कारण राज्य की विकास दर लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले मणिपुर की विकास दर 1% से भी कम थी, जबकि अब यह बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि आजादी के दशकों बाद भी मणिपुर के पहाड़ी क्षेत्र में एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं था, लेकिन उनकी सरकार ने इस रूरत को पूरा किया है।

पीएम मोदी ने मणिपुर की महिला-नेतृत्व वाली अर्थव्यवस्था पर भी जोर दिया, और पारंपरिक इमा कैथल बाजारों की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘मणिपुर एक ऐसा राज्य है जहाँ महिलाएँ अर्थव्यवस्था में सबसे आगे हैं।; उन्होंने यह भी बताया कि शनिवार को चार नए इमा कैथल बाजारों का उद्घाटन किया गया है।

मणिपुर की संस्कृति के बिना, भारतीय संस्कृति अधूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांस्कृतिक पहचान के माध्यम से एकता को मजबूत करने की कोशिश करते हुए कहा कि मणिपुर की संस्कृति के बिना, भारतीय संस्कृति अधूरी है; और मणिपुर के खेल के बिना, भारत के खेल अधूरे हैं।

उन्होंने हाल के ऑपरेशन सिंदूर में मणिपुरी सैनिकों के योगदान की सराहना की और शहीद दीपक चिंगाखाम की बहादुरी और बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश हमेशा उनके बलिदान को याद रखेगा।

भारत में खेलों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में मणिपुर की पहचान को स्वीकार करते हुए पीएम मोदी ने राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय, मार्जिंग पोलो कॉम्प्लेक्स और ओलंपिक पार्क को सरकार की प्रतिबद्धता के संकेत के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि आज, जब भारत वैश्विक खेलों का पावरहाउस बन रहा है, तो मणिपुर के युवाओं की और भी बड़ी जिम्मेदारी है।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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