Home कारोबार पेट्रोल-डीजल के तीसरी बार बढ़े दाम, CNG भी हुई महंगी, अबतक 5...

पेट्रोल-डीजल के तीसरी बार बढ़े दाम, CNG भी हुई महंगी, अबतक 5 रुपये का हुआ इजाफा!

15 मई से अब तक दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 4.74 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 4.82 रुपये प्रति लीटर बढ़ चुकी है। कीमतों में शहरों के हिसाब से अंतर स्थानीय टैक्स और वैट के कारण है।

0
पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की नई दरें आज से ही लागू कर दी गई हैं।
पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की नई दरें आज से ही लागू कर दी गई हैं।

नई दिल्लीः देशभर में आम जनता पर महंगाई की दोहरी मार पड़ी है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने शनिवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 1 रुपये प्रति लीटर की नई बढ़ोतरी कर दी। पिछले आठ दिनों में यह तीसरी वृद्धि है। इस दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल मिलाकर लगभग 5 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हो चुका है। वहीं सीएनजी के दाम भी लगातार तीसरी बार बढ़ाए गए हैं।

दिल्ली में अब पेट्रोल 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इस ताजा बढ़ोतरी में पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा हुआ है। कोलकाता में पेट्रोल 110.64 रुपये और डीजल 97.02 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल 108.49 रुपये और डीजल 95.02 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल 105.31 रुपये और डीजल 96.98 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

15 मई से अब तक दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 4.74 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 4.82 रुपये प्रति लीटर बढ़ चुकी है। कीमतों में शहरों के हिसाब से अंतर स्थानीय टैक्स और वैट के कारण है। दिलचस्प बात है कि 15 मई को हुई पहली बढ़ोतरी के समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड जिस भाव पर था, शुक्रवार को वह उससे 5.5% नीचे गिरकर बंद हुआ, इसके बावजूद घरेलू बाजार में कीमतें बढ़ाई गईं।

शहरपेट्रोल का भाव (रुपये प्रति लीटर)डीजल का भाव (रुपये प्रति लीटर)
दिल्ली99.5192.49
कोलकाता110.6497.02
मुंबई100.4995.02
चेन्नई105.3196.98
नोएडा99.5192.84
चंडीगढ़86.9498.95
लखनऊ99.2892.64
पटना110.4996.53
रांची102.6097.66
भोपाल111.7196.85

CNG भी हुई महंगी

पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ सीएनजी (CNG) उपभोक्ताओं को भी बड़ा झटका लगा है। दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर में सीएनजी की कीमतों में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। मई के महीने में यह तीसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले 15 मई को 2 रुपये और 17 मई को 1 रुपये प्रति किलो दाम बढ़े थे। कुल मिलाकर 8 दिनों में सीएनजी भी 4 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है।

प्रमुख गैस वितरण कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की लागत बढ़ने और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण इनपुट कॉस्ट (उत्पादन लागत) बढ़ गई थी, जिसे आंशिक रूप से कम करने के लिए कीमतें बढ़ानी पड़ीं। हालांकि, कंपनी का दावा है कि अब भी पेट्रोल-डीजल की तुलना में सीएनजी वाहनों को चलाने का खर्च करीब 45% कम है।

अभी और बढ़ सकते हैं दाम

विशेषज्ञों का कहना है कि तेल कंपनियों को अभी भी पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर 8 से 10 रुपये तक का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा एलपीजी पर भी कंपनियां अंडर-रिकवरी झेल रही हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में छोटी-छोटी किस्तों में और बढ़ोतरी जारी रह सकती है।

उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है और इसमें भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 103.54 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। फरवरी के अंत में पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के बाद से इसमें 42 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आ चुकी है।

भारत अपनी जरूरत का 88 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है और भुगतान डॉलर में करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में उछाल और रुपये की कमजोरी का दोहरा असर भारतीय अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।

तेल कंपनियों को कितना हो रहा नुकसान?

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक 15 मई को पहली मूल्य वृद्धि के समय तीनों सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी पर रोजाना करीब 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था।

19 मई की दूसरी बढ़ोतरी के बाद यह घाटा घटकर लगभग 750 करोड़ रुपये प्रतिदिन रह गया। अब तीसरी वृद्धि के बाद यह नुकसान 500 करोड़ रुपये प्रतिदिन से नीचे आने का अनुमान है।

मुनाफे में तेल कंपनियां?

हालांकि तेल कंपनियों का हालिया वित्तीय प्रदर्शन मजबूत रहा है। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने मिलकर 19,470 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि से करीब 41 प्रतिशत अधिक है।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में इन कंपनियों का संयुक्त मुनाफा 130 प्रतिशत बढ़कर 77,280 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि साल के अधिकांश समय स्थिर कच्चे तेल की कीमतों और बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन ने कंपनियों को फायदा पहुंचाया था, लेकिन फरवरी में अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमले के बाद बाजार में फिर अस्थिरता बढ़ गई।

इस बीच रेटिंग एजेंसी एस एंड पी ग्लोबल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर पश्चिम एशिया संकट लंबा खिंचता है और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो देश की सबसे बड़ी रिफाइनिंग कंपनी इंडियन ऑयल कारपोरेशन की नकदी स्थिति और वित्तीय मजबूती पर दबाव बढ़ सकता है।

हालांकि एजेंसी ने कहा कि कंपनी के पास बैंकों से मजबूत वित्तीय सहायता, कमर्शियल पेपर के जरिए फंड जुटाने की क्षमता और ओएनजीसी, ऑयल इंडिया तथा गेल जैसी कंपनियों में हिस्सेदारी होने के कारण तत्काल संकट की आशंका कम है।

विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा बना हुआ है। दुनिया के तेल और गैस व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है। अगर पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ते हैं तो भारत में ईंधन की कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है।

नीट पेपर लीक मामले में CBI ने की एक और गिरफ्तारी, अब तक कुल 11 गिरफ्तार

author avatar
अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version