शुक्रवार, मार्च 20, 2026
होमविश्वपाकिस्तान: इमरान के करीबी और ISI के पूर्व प्रमुख फैज अहमद को...

पाकिस्तान: इमरान के करीबी और ISI के पूर्व प्रमुख फैज अहमद को 14 साल की जेल, सेना की कोर्ट का फैसला

माना जा रहा है कि इमरान खान से उनकी राजनीतिक नजदीकी लंबे समय से मौजूदा शासन का ध्यान खींच रही थी। फैज अहमद को 2019 में आसिम मुनीर को हटाकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का डायरेक्टर-जनरल बनाया गया था।

इस्लामाबाद: पाकिस्तान की एक मिलिट्री कोर्ट ने खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के पूर्व डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) फैज हमीद को राजनीतिक दखलअंदाजी और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के उल्लंघन सहित कई आरोपों में 15 महीने लंबे कोर्ट-मार्शल के बाद 14 साल जेल की सजा सुनाई है।

पाकिस्तान आर्मी एक्ट के तहत हुए कोर्ट मार्शल में हमीद को चार मामलों में दोषी पाया गया। ये हैं- राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होना, अधिकार और सरकारी संसाधनों का गलत इस्तेमाल, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट का उल्लंघन, और व्यक्तियों को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाना। हालांकि, सेना ने यह नहीं बताया कि किन लोगों को ऐसा नुकसान हुआ। अधिकारियों ने कहा कि कार्यवाही के दौरान हमीद को पूरे कानूनी अधिकार और प्रतिनिधित्व दिया गया था। उनके पास अपील करने का अधिकार है।

इमरान खान के करीबी माने जाते रहे हैं हमीद

हमीद को कभी जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का बेहद करीबी माना जाता था। हमीद को 2024 में इस्लामाबाद के पास टॉप सिटी हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़ी एक अंदरूनी जांच के बाद हिरासत में लिया गया था। गुरुवार की घोषणा तक, सरकार या सेना ने न तो आरोपों और न ही जांच के विवरण का औपचारिक रूप से खुलासा किया है।

सुरक्षा विश्लेषक सैयद मुहम्मद अली ने समाचार एजेंसी AP को बताया कि यह फैसला ‘एक लंबी जांच के बाद आया है जिसमें पूर्व ISI चीफ को अपना बचाव करने का पूरा मौका दिया गया।’

उन्होंने आगे कहा, ‘यह फैसला मिलिट्री लीडरशिप के इरादे को दिखाता है कि किसी भी ऑफिसर को, चाहे उसका रैंक कुछ भी हो, राजनीति में शामिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी, और हमीद का मामला सभी रिटायर्ड अधिकारियों के लिए एक मिसाल बनाया गया है।’

हमीद का यह हाल पाकिस्तान में एक ऊंचे पद वाले पूर्व मिलिट्री अधिकारी के लिए इतनी कड़ी सजा का एक दुर्लभ मामला है, जहाँ सेना का संस्थागत प्रभाव बहुत ज्यादा है और सीनियर लेवल के लोगों पर मुकदमा चलना आम बात नहीं होता।

माना जा रहा है कि इमरान खान से उनकी राजनीतिक नजदीकी लंबे समय से ध्यान खींच रही थी। खान को 2022 में अविश्वास प्रस्ताव से प्रधानमंत्री पद से हटाया गया था और तब से वे अपनी बर्खास्तगी के लिए मिलिट्री और राजनीतिक नेतृत्व की आलोचना करते रहे हैं। इमरान फिलहाल भ्रष्टाचार और अन्य कई आरोपों में जेल की सजा काट रहे हैं। पाकिस्तान की सेना, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार और अमेरिका सभी ने खान के इस दावे से इनकार किया है कि उन्होंने मिलकर उन्हें पद से हटाया था।

2019 में आसिम मुनीर के हटने के बाद बने थे ISI चीफ

फैज अहमद को 2019 में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का डायरेक्टर-जनरल बनाया गया था। फैज हमीद से पहले तब लेफ्टिनेंट जनरल रहे आसिम मुनीर ISI चीफ थे। उस समय फैज अहमद की नियुक्ति ने सबका ध्यान खींचा था क्योंकि मुनीर को आठ महीने के अंदर ही हटा दिया गया था। फैज हमीद बलूच रेजिमेंट से रहे हैं और ISI चीफ बनने से पहले ISI में इंटरनल सिक्योरिटी विंग के इंचार्ज थे। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने फैज हमीद पर 2018 में पाकिस्तान के आम चुनावों से पहले नेताओं को इमरान खान की PTI में शामिल होने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था।

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

Recent Comments

डॉ उर्वशी पर शबनम शेख़ की कहानी