नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार को श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। नोएडा हिंसा के मद्देनजर पर पुलिस ने 50 से अधिक बॉट हैंडल की पहचान की है, जिन्हें श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान तैयार किया गया इनका इस्तेमाल कथित तौर पर अफवाहें फैलाने के लिए हुआ।
नोएडा पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, ‘पिछले 24 घंटों में बनाए गए 50 से अधिक ऐसे ‘बॉट हैंडल’ की पहचान की गई है। ये हैंडल नोएडा में श्रमिकों से संबंधित मुद्दों पर अफवाहें और भ्रामक बातें फैलाने के लिए सुनियोजित रूप से काम कर रहे हैं।’
नोएडा हिंसा पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि, ‘प्रथम दृष्टया, यह एक संगठित साजिश की ओर इशारा करता है। उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा इन सभी हैंडल के डिजिटल रिकॉर्ड की विस्तार से जांच की जाएगी। अफवाहें और दुर्भावनापूर्ण प्रचार फैलाकर कानून व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास करने वाले सभी हैंडल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’
गौरतलब है कि नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित दर्जनों कारखानों के हजारों श्रमिक वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले कुछ दिन से प्रदर्शन कर रहे थे, जो सोमवार को हिंसक हो गया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंके, वाहनों में तोड़फोड़ की और कई वाहनों में आग लगा दी थी।
नोएडा हिंसा: सोशल मीडिया पर पुलिस की नजर
पुलिस ने कहा है कि सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्मों के माध्यम से भ्रामक, झूठी और भड़काऊ जानकारी फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में निराधार अफवाहें फैलाने के आरोप में दो एक्स हैंडल के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन का समय इस बात का संकेत देता है कि यह सुनियोजित था।
अधिकारियों के अनुसार इतना बड़ा विरोध प्रदर्शन केवल श्रमिकों द्वारा बिना पूर्व-नियोजित किए नहीं किया जा सकता है। इसमें बाहरी लोगों की संलिप्तता का संदेह है।
नोएडा की जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम ने बताया कि पूरी घटना की जांच जारी है और जल्द इसके बारे में सभी को साझा किया जाएगा। वहीं गौतम बुद्ध नगर की पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने मीडिया से कहा, ‘सुबह 5 बजे से लगातार फ्लैग मार्च किए जा रहे हैं। आज सुबह मजदूर तीन स्थानों पर जमा हुए, तत्काल बातचीत के बाद उन्हें मात्र 15 मिनट में शांतिपूर्वक तितर-बितर कर दिया गया।’
इस बीच बताते चलें कि उत्तर प्रदेश श्रम विभाग द्वारा मजदूरों और उद्योगों के बीच विवाद को सुलझाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था। इस पर सभी हितधारकों के साथ चर्चा की गई, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी श्रेणियों के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि की है। अधिकारियों ने बताया कि संशोधित अंतरिम दरें 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगी।
दूसरे दिन भी कुछ जगहों पर प्रदर्शन
वहीं, तमाम कोशिशों के बीच नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को दूसरे दिन भी उग्र रूप लेता नजर आया। सेक्टर-121 स्थित गढ़ी चौखंडी इलाके में प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर पुलिस पर पथराव किया, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
हालात को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। जानकारी के अनुसार, सुबह के समय कुछ फैक्ट्री कर्मचारी विभिन्न स्थानों पर सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। पुलिस ने उन्हें समझाने और रास्ता खाली कराने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई।
प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने 2-3 स्थानों पर पुलिस वाहनों को निशाना बनाते हुए पथराव किया। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति पर काबू पा लिया और उपद्रवियों को मौके से खदेड़ दिया। सुरक्षा कारणों से आज अधिकांश औद्योगिक इकाइयां और कंपनियां बंद रखी गई हैं। पुलिस के अनुसार, अब तक नोएडा हिंसा के मामले में 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
(समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)
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