नई दिल्ली: विपक्षी गठबंधन को एक और बड़ा झटका लग सकता है। इस बार यह झटका उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) से जुड़ा बताया जा रहा है। शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और एमएलसी कृपाल तुमाने ने मंगलवार को दावा किया कि शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसदों के साथ बातचीत आखिरी चरण में है। दावे के अनुसार ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत शिवसेना (यूबीटी) के सात सांसदों के साथ बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
तुमाने के मुताबिक, आगामी मानसून सत्र से पहले ये सातों सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो लोकसभा में एनडीए की संख्या और मजबूत होगी। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब बंगाल चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर भी उथल-पुथल मची हुई है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार कृपाल तुमाने ने कहा, ‘शिवसेना (यूबीटी) के सात सांसद हमारे साथ आकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में काम करना चाहते हैं। उनके 16 विधायक भी हमारे संपर्क में हैं।’ उन्होंने एक और समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में भी इसी तरह का दावा किया है।
तुमाने ने कहा, ‘ऑपरेशन टाइगर के तहत शिवसेना (यूबीटी) के सात सांसदों के साथ हमारी चर्चा अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।’
उन्होंने कहा, ‘जिस तरह हम किसी ऑपरेशन के लिए अस्पताल जाते हैं, पहले जांच होती है और रिपोर्ट तैयार की जाती है। अब सिर्फ डॉक्टर के साथ ऑपरेशन की तारीख तय होना बाकी है। जिस दिन तारीख तय होगी, उसी दिन ऑपरेशन होगा।’
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह पूरा घटनाक्रम मानसून सत्र शुरू होने से पहले हो सकता है। तुमाने ने कहा, ‘यह मानसून सत्र से पहले होगा।’
हालांकि उन्होंने अधिक जानकारी साझा करने से इनकार किया, लेकिन भरोसा जताया कि सांसद शिंदे गुट में शामिल होंगे। उन्होंने कहा, ‘सभी डिटेल सार्वजनिक करना उचित नहीं है, लेकिन यह लगभग तय है कि वे हमारे साथ आएंगे।’
‘पिछले महीने से चल रही बात’
तुमाने के अनुसार, यह बातचीत पिछले एक महीने से जारी है और अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा, ‘ये चर्चाएं पिछले एक महीने से चल रही हैं, लेकिन आज यह अंतिम चरण में है।’
दूसरी ओर, कुछ दिन पहले शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है। महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि शिवसेना (यूबीटी) के नौ में से सात सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के संपर्क में हैं और वे पाला बदल सकते हैं।
इन अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे ने रविवार को मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों की बैठक बुलाई थी। बैठक के बाद संजय राउत ने पलटवार करते हुए ‘ऑपरेशन वुल्फ’ का ऐलान किया था।
उन्होंने कहा था, ‘आप किस ऑपरेशन टाइगर की बात कर रहे हैं? हम सभी टाइगर हैं। हम ऑपरेशन वुल्फ शुरू करने जा रहे हैं। हम डरने वाले नहीं हैं। हमारे सभी सांसद और संसदीय दल पूरी तरह सुरक्षित, एकजुट और मजबूत हैं और आगे भी ऐसे ही रहेंगे।’
राउत ने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई नियमित बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के सभी नौ सांसद शामिल हुए थे, जो पार्टी की एकजुटता का संकेत है।
इंडिया ब्लॉक को लगेगा एक और झटका!
यदि वाकई उद्धव गुट के सांसदों के अलग होने का राजनीतिक घटनाक्रम आगे बढ़ता है तो यह विपक्षी इंडिया ब्लॉक के लिए एक और बड़ा झटका साबित हो सकता है। खासकर ऐसे समय में जब ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस भी गंभीर आंतरिक संकट का सामना कर रही है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में बड़े पैमाने पर बगावत हुई है। पार्टी के 15 वर्षों के लगातार शासन का बंगाल में अंत होने के बाद टीएमसी के लिए अपना घर बचाना मुश्किल हो गया है। विधानसभा में कम से कम 58 विधायकों और लोकसभा में करीब 20 सांसदों ने ममता बनर्जी के खिलाफ असंतोष जताते हुए अलग रुख अपनाया है। राज्य सभा में भी तीन सांसदों ने इस्तीफा दे दिया है।

