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‘बिना शर्त आत्मसमर्पण के अलावा कोई समझौता नहीं’, ट्रंप का ईरान को सख्त संदेश

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि बिना आत्मसमर्पण के कोई समझौता नहीं होगा।

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फोटोः आईएएनएस

तेहरानः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (6 मार्च) को ईरान पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच ईरान के साथ “बिना शर्त आत्मसमर्पण” के अलावा कोई समझौता नहीं होगा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि किसी भी राजनयिक राजमार्ग के खुलने से पहले तेहरान को आत्मसमर्पण करना होगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने कहा “उसके बाद, और एक महान और योग्य नेता के चयन के बाद, हम और हमारे कई अद्भुत और बहादुर सहयोगी और साझेदार ईरान को विनाश के कगार से वापस लाने के लिए अथक प्रयास करेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि वे ईरान की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने में मदद करेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि “ईरान का भविष्य उज्ज्वल होगा। मेक ईरान ग्रेट अगेन!” अपने नारे “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” के नारे पर व्यंग्य कसते हुए कहा।

ट्रंप की यह टिप्पणी उसके बाद आई है जब अमेरिका और इजराइल द्वारा समन्वित हमले शुरू करने के एक हफ्ते बाद आई हैं। इस हमले के जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से हमले किए और अधिकांश खाड़ी देशों को युद्ध के निशाने पर लिया।

गुरुवार (5 मार्च) को ट्रंप ने संकेत दिया कि वह ईरान के राजनैतिक भविष्य को आकार देने में प्रत्यक्ष भूमिका निभाना चाहते हैं। एक्सियोस के साथ एक साक्षात्कार में, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह वेनेजुएला की तरह ही देश के अगले नेता के चुनाव में व्यक्तिगत रूप से शामिल होना चाहते हैं।

उन्होंने ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के 56 वर्षीय बेटे मोजतबा खामेनेई की भी आलोचना करते हुए कहा कि उनके जैसे “कमजोर” व्यक्ति को इस्लामी गणराज्य का नेतृत्व सौंपना “अस्वीकार्य” है।

तेहरान ने दिया संकेत

इस बीच तेहरान ने संकेत दिया है कि कूटनीति के लिए अभी भी उम्मीद बाकी है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि कुछ देशों ने अमेरिका और इजराइल के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए मध्यस्थता के प्रयास शुरू कर दिए हैं। हालांकि, उन्होंने देशों के नाम नहीं बताए हैं।

बीते सप्ताह अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद से कतर, तुर्की, मिस्र और ओमान ने मध्यस्थता की पेशकश की है।

एक्स पर एक पोस्ट में पेजेश्कियान ने कहा कि “कुछ देशों ने मध्यस्थता के प्रयास शुरू कर दिए हैं। यह स्पष्ट होना चाहिए कि हम इस क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं फिर भी हमें अपने राष्ट्र की गरिमा और संप्रभुता की रक्षा करने में कोई संकोच नहीं है। मध्यस्थता में उन लोगों को शामिल किया जाना चाहिए जिन्होंने ईरानी जनता को कम आंका और इस संघर्ष को भड़काया।”

वहीं दूसरी ओर इस क्षेत्र में सैन्य अभियानों में कोई कमी आने के संकेत नहीं दिख रहे हैं। इजरायल रक्षा बलों ने कहा है कि वे ईरान के खिलाफ अपने अभियान के “नए चरण” में प्रवेश कर रहे हैं और अधिक हमलों के संकेत दिए हैं।

ट्रंप के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ईरान में “अभी शुरुआत ही कर रहा है” और घोषणा की कि आने वाले दिनों में अमेरिकी हमलों में “काफी वृद्धि” होगी।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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