Home भारत NEET पेपर लीक मामले में CBI के वकील नहीं हुए शामिल, फास्ट-ट्रैक...

NEET पेपर लीक मामले में CBI के वकील नहीं हुए शामिल, फास्ट-ट्रैक कोर्ट की पहली सुनवाई टली

neet-paper-leak-first-hearing-before-fast-track-court adjourned as cbi counsel skip, नीट, CBI
Photo: IANS

नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले में नई बनी फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सोमवार (27 जुलाई) को पहली सुनवाई टाल दी गई क्योंकि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की तरफ से कोई वकील पेश नहीं हुआ।

कोर्ट में स्पेशल जज अनु ग्रोवर बालीगा के सामने दो आरोपियों दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई होनी थी।

CBI की तरफ से नहीं पेश हुए वकील

जज ने कहा कि ” जमानत अर्जी पर बहस करने के लिए सुबह 10.45 बजे तक राज्य की ओर से कोई पेश नहीं हुआ। ” उन्होंने अभियुक्त के वकील की दलीलों पर गौर किया कि मामले को 3 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया जाए क्योंकि उन्हें रोहिणी जिला अदालतों में एक मामले की सुनवाई करनी है और वे अब और इंतजार नहीं कर सकते।

इस मामले को 3 अगस्त तक के लिए स्थगित करते हुए जस्टिस ने अभियोजन निदेशक को निर्देश दिया कि वे ” इस अदालत में एक लोक अभियोजक नियुक्त करें। “

विशेष न्यायाधीश ने शनिवार (25 जुलाई) को सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनुचित साधनों के उपयोग से संबंधित आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए नामित अदालत का कार्यभार संभाला।

इससे पहले 23 जुलाई को दिल्ली हाई कोर्ट ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें कहा गया था कि जुडिशियल ऑफिसर बलिगा की कोर्ट, ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024’ के तहत अपराधों और उनसे जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए ‘स्पेशली डेजिग्नेटेड फास्ट ट्रैक कोर्ट’ के तौर पर तुरंत काम करना शुरू कर देगी।

यह नोटिफिकेशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस घोषणा के बाद जारी किया गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि पेपर लीक के मामलों को तेजी से निपटाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।

यह भी पढ़ें – CJP का सरकार को अल्टीमेटम, समझौते से पीछे हटने का लगाया आरोप; फिर से विरोध प्रदर्शन की दी चेतावनी

NEET पेपर लीक मामले में सभी 13 आरोपियों की बढ़ाई हिरासत

इससे पहले शुक्रवार को NEET पेपर लीक मामले की शुरुआती सुनवाई कर रहे स्पेशल जज अजय गुप्ता ने सभी 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 6 अगस्त तक बढ़ा दी थी।

इसके साथ ही उन्होंने आरोपी पीडियाट्रिशियन (बाल रोग विशेषज्ञ) डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी। जज ने कहा कि जांच से यह साफ है कि वह ” एक संगठित पेपर लीक गिरोह के सक्रिय साजिशकर्ताओं में से एक ” थे।

गौरतलब है कि 12 मई को, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक के आरोपों के बीच मेडिकल एडमिशन के लिए 3 मई को आयोजित नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (अंडरग्रेजुएट) यानी NEET-UG को रद्द कर दिया था।

इसके बाद 21 जून को यह परीक्षा दोबारा आयोजित की गई थी। नीट परीक्षा रद्द किए जाने के बाद व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ। दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर सीजेपी का विरोध प्रदर्शन एक महीने से अधिक चला और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बंद हुआ।

author avatar
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version