मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। एक ओर जहां भारी बारिश के कारण मानखुर्द इलाके में तीन मंजिला चॉल ढहने से पांच बच्चों और एक महिला समेत छह लोगों की मौत हो गई, वहीं दूसरी ओर जलभराव की वजह से सड़क, रेल और हवाई यातायात पर भी व्यापक असर पड़ा है। स्थिति को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने सोमवार को मुंबई के सभी सरकारी और निजी स्कूलों तथा कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही ठाणे, नवी मुंबई और पालघर में भी स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि सरकारी और निजी कार्यालय सामान्य रूप से खुले रहेंगे।
मानखुर्द में दर्दनाक हादसा, 6 की मौत
रविवार को मानखुर्द के जनता नगर इलाके में लगातार बारिश के बीच एक तीन मंजिला चॉल भरभराकर गिर गई। हादसे में पांच बच्चों और एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस और बीएमसी की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े ने गोवंडी अस्पताल पहुंचकर घायलों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सरकार इस दुख की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।
महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि लगातार बारिश के कारण यह हादसा हुआ है। उन्होंने बताया कि इलाके में अवैध निर्माण की भी शिकायतें हैं और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
वहीं समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने घटना के लिए नगर निगम प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से अवैध झोपड़ियों और जर्जर इमारतों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण ऐसे हादसे हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से खतरनाक भवनों में रहने वाले लोगों के पुनर्वास की मांग भी की।
जलभराव से शहर की रफ्तार थमी, उड़ानों पर भी पड़ा असर

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खंडाला एग्जिट के पास ‘मिसिंग लिंक’ सेक्शन में जबरदस्त भूस्खलन हुआ है। इसके कारण मुंबई जाने वाली लेन पूरी तरह से बंद कर दी गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। रास्ते को खोलने की कोशिशें जारी हैं।
इसके साथ ही लगातार बारिश के कारण मुंबई के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। कई जगहों पर वाहन पानी में फंस गए, जिससे सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। बीएमसी और अन्य एजेंसियां जलनिकासी के काम में जुटी हैं, जबकि संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव दल तैनात किए गए हैं।
भारी बारिश, 42 नॉट्स तक की तेज हवाओं और कम दृश्यता के कारण छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रनवे संचालन करीब एक घंटे तक रोकना पड़ा। इसके चलते चार उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि 13 विमानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट किया गया।
मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली लोकल ट्रेन सेवाएं भी बारिश की मार से अछूती नहीं रहीं। कुर्ला स्थित लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) समेत 10 से अधिक स्थानों पर जलभराव के कारण कई ट्रेनें देरी से चलीं।
पश्चिम रेलवे ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए बताया कि वसई रोड और विरार स्टेशनों के बीच पटरियों पर पानी भर जाने से ट्रेन सेवाएं सीमित कर दी गई हैं। यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करने और संभावित देरी को ध्यान में रखते हुए अपनी योजना बनाने की सलाह दी गई है।
मुंबई विश्वविद्यालय की परीक्षाएं भी टलीं
बारिश के कारण मुंबई विश्वविद्यालय ने सोमवार को होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि नई परीक्षा तिथियों की घोषणा जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर की जाएगी।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और केवल जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है। मुंबई में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

