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मुंबई में CNG फिर महंगी, एक महीने में दूसरी बार बढ़े दाम; PNG रेट में भी बढ़ोतरी

मई महीने में यह सीएनजी कीमतों में दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले 13 मई को भी 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी। अप्रैल में भी सीएनजी के दाम 1 रुपये प्रति किलो बढ़ाए गए थे।

मुंबई महानगर क्षेत्र में शनिवार से सीएनजी और पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) दोनों महंगी हो गई हैं। महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) ने सीएनजी की कीमत में 2 रुपये प्रति किलो और घरेलू पाइप्ड गैस की दर में 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की है।

नई दरों के बाद मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और आसपास के इलाकों में सीएनजी का भाव 84 रुपये से बढ़कर 86 रुपये प्रति किलो हो गया है। वहीं घरेलू रसोई गैस के लिए इस्तेमाल होने वाली पाइप्ड गैस की कीमत 52 रुपये प्रति यूनिट हो गई है। इसका असर मुंबई महानगर क्षेत्र के 31 लाख से अधिक परिवारों पर पड़ेगा।

सीएनजी महंगी होने से ऑटो और टैक्सी किरायों में बढ़ोतरी की भी आशंका बढ़ गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक रिक्शा यूनियन ने किराया संशोधन के फार्मूले के अनुसार बेस किराए में करीब 1 रुपये प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की बात कही है। वहीं, टैक्सी यूनियनों ने भी बेस किराए में 2 से 3 रुपये की बढ़ोतरी की मांग की है।

मई में दूसरी बार बढ़े सीएनजी के दाम

गौरतलब है कि मई महीने में यह सीएनजी कीमतों में दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले 13 मई को भी 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी। अप्रैल में भी सीएनजी के दाम 1 रुपये प्रति किलो बढ़ाए गए थे।

कंपनी का कहना है कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति शृंखला में आई बाधाएं, महंगे गैस स्रोतों पर बढ़ती निर्भरता, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और रुपये की कमजोरी के कारण गैस खरीद लागत काफी बढ़ गई है। इसी वजह से सीएनजी और पीएनजी दोनों की कीमतों में संशोधन करना पड़ा।

हालांकि कंपनी का दावा है कि बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद सीएनजी अभी भी पेट्रोल और डीजल की तुलना में सस्ता विकल्प बनी हुई है। मौजूदा दरों पर सीएनजी से पेट्रोल की तुलना में करीब 45 प्रतिशत और डीजल की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत तक बचत होती है।

मुंबई क्षेत्र में कितने सीएनजी वाहन?

मुंबई क्षेत्र में सीएनजी वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले एक साल में लगभग 2 लाख नए सीएनजी वाहन जुड़े हैं, जिससे इनकी कुल संख्या 12 लाख से अधिक हो गई है। इनमें करीब 4.7 लाख ऑटो-रिक्शा, 1.6 लाख से ज्यादा टैक्सियां और 5 लाख से अधिक निजी कारें शामिल हैं।

सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी बड़े पैमाने पर सीएनजी पर निर्भर है। एमजीएल बेस्ट, टीएमटी, एमएसआरटीसी और एनएमएमटी की कुल 1,969 बसों को सीएनजी उपलब्ध कराती है। इसके अलावा 51 हजार से अधिक निजी बसें और मालवाहक वाहन भी सीएनजी से संचालित होते हैं।

गौरतलब है कि 27 मई को टोरंट कंपनी ने जयपुर में भी सीएनजी गैस की कीमतों में 1.59 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की थी। ऐसे में ग्राहकों को जयपुर में अब प्रति किलो सीएनजी के लिए 96 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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