Home भारत एमपी: जहरीले कफ सिरप से एक और मौत; 4 महीने कोमा में...

एमपी: जहरीले कफ सिरप से एक और मौत; 4 महीने कोमा में रहने के बाद मासूम हर्ष ने एम्स नागपुर में तोड़ा दम

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के टिकाबरी गांव के रहने वाले हर्ष की नागपुर स्थित एम्स अस्पताल में इलाज चल रहा था।

0

मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ सिरप के सेवन से 4 साल के मासूम हर्ष की मौत हो गई है। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के टिकाबरी गांव के रहने वाले हर्ष की नागपुर स्थित एम्स अस्पताल में इलाज चल रहा था। सितंबर-अक्टूबर 2025 से ही आईसीयू में भर्ती था और रविवार रात उसने दम तोड़ दिया।

बैतूल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज हुरमाड़े ने बताया कि बच्चे की मौत के बाद नागपुर में पोस्टमॉर्टम कराया गया है और शव परिजनों को सौंप दिया गया। उन्होंने कहा कि मौत के सटीक कारण का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद चलेगा। बच्चे के चाचा श्याम यादव के अनुसार, हर्ष का अंतिम संस्कार सोमवार शाम को किया गया।

परिजनों का कहना है कि हर्ष का इलाज छिंदवाड़ा जिले के परासिया में डॉक्टर एसएस ठाकुर के यहां चल रहा था। इसी दौरान डॉक्टर द्वारा लिखे गए कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन के बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और वह कोमा में चला गया। इसके बाद उसे एम्स नागपुर रेफर किया गया, जहां वह कई महीनों तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा।

24 बच्चों की जा चुकी है जान

गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर और अक्टूबर में छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों के कई बच्चे कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने के बाद गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे। बच्चों में उल्टी, बुखार और पेशाब न होने जैसे लक्षण सामने आए थे। पीटीआई के अनुसार, इस घटना में अब तक कम से कम 24 बच्चों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

गौरतलब है कि जांच में कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकोल नाम के अत्यंत जहरीले रसायन का खुलासा हुआ था। यह रसायन तीव्र किडनी फेल्योर का कारण बनता है। चेन्नई स्थित सरकारी ड्रग टेस्टिंग लैब में जांच के बाद इस सिरप को मानक के अनुरूप नहीं घोषित किया गया था। तमिलनाडु ड्रग कंट्रोल निदेशालय की 2 अक्टूबर की रिपोर्ट में बताया गया कि कांचीपुरम स्थित स्रेशन फार्मास्युटिकल्स द्वारा निर्मित इस सिरप में 48.8 प्रतिशत डाइएथिलीन ग्लाइकोल पाया गया, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।

घटना के बाद ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने मामले की जांच कराई। इसके तहत सिरप बनाने वाली कंपनी के मालिक और कथित तौर पर सिरप की सिफारिश करने वाले एक सरकारी डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया। वहीं, मध्य प्रदेश सरकार ने अक्टूबर के पहले हफ्ते में कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था।

author avatar
अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version