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मैक्सिको की फातिमा बॉश बनीं मिस यूनिवर्स 2025, शुरुआत से विवादों में रहीं

मेक्सिको की 25 वर्षीय फातिमा बॉश ने 130 देशों की प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए मिस यूनिवर्स 2025 का ताज अपने नाम किया।

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मैक्सिको की फातिमा बॉश ने मिस यूनिवर्स 2025 का खिताब जीत लिया है। बैंकॉक के एक स्पेशल समारोह में 25 वर्षीय फातिमा के सिर पर ताज सजाया गया। यह मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता का 74वां संस्करण था।

मेक्सिको की 25 वर्षीय फातिमा बॉश ने 130 देशों की प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए मिस यूनिवर्स 2025 का ताज अपने नाम किया। उनकी जीत जितनी बड़ी थी, रास्ता उतना ही विवादों से भरा रहा। बैंकॉक में हुए इस आयोजन ने सौंदर्य प्रतियोगिता से ज्यादा एक हाई-प्रोफाइल ड्रामा का रूप ले लिया था।

शुरुआत से ही विवादों में रही प्रतियोगिता

इस सीजन की शुरुआत ही कॉर्पोरेट संकट से हुई। मिस यूनिवर्स की पहली ट्रांसजेंडर मालिक ऐनी जक्रजुटाटिप को गंभीर वित्तीय समस्याओं के कारण सीईओ का पद छोड़ना पड़ा। उनकी जगह पूर्व राजनयिक मारियो बुखारो को नियुक्त किया गया, जो मेक्सिको के राउल रोचा के साथ मिलकर संगठन चला रहे हैं।

असल विवाद 4 नवंबर तब शुरू हुआ, जब मिस यूनिवर्स थाईलैंड के निदेशक नवाट इट्साराग्रिसिल और फातिमा बॉश के बीच एक लाइव फेसबुक मीटिंग में तीखी बहस हो गई। नवाट ने फातिमा को बेवकूफ कहा, जिस पर फातिमा ने जवाब दिया कि आप मेरा सम्मान नहीं कर रहे हैं। इस घटना के विरोध में कई प्रतियोगियों ने बैठक छोड़ दी। विवाद बढ़ने पर मिस यूनिवर्स अध्यक्ष राउल रोचा को हस्तक्षेप करना पड़ा और नवाट को भविष्य के आयोजनों से अलग कर दिया।

नस्लवाद के भी लगे आरोप

प्रतियोगिता पर नस्लवाद के आरोप भी लगे। पूर्व मिस यूनिवर्स एलिसिया मचाडो ने नवाट को चीनी कहकर टिप्पणी की। मिस चिली की एक गलत टिकटॉक पोस्ट पर उन्हें माफी मांगनी पड़ी। फाइनल से कुछ दिन पहले तीन जज अचानक हटाए गए, जिनमें उमर हारफूच और क्लाउड मेकलेले शामिल थे।

उमर ने आरोप लगाया कि गुप्त मतदान कराया गया है। इसी दौरान मिस जमैका गैब्रिएल हेनरी इवनिंग गाउन राउंड के दौरान स्टेज से गिरकर घायल हो गईं, जिससे आयोजन की सुरक्षा पर भी सवाल उठे।

दबाव के बीच फातिमा ने इंटरव्यू राउंड, स्विमसूट सेगमेंट और इवनिंग गाउन राउंड में बेहतरीन प्रदर्शन कर टॉप फाइव में जगह बनाई। फाइनल मुकाबला थाईलैंड, फिलीपींस, वेनेजुएला, कोट द’ईवोआर और मेक्सिको के बीच था। आखिर में फातिमा बॉश विजेता बनीं। थाईलैंड की प्रवीनेर सिंह फर्स्ट रनरअप रहीं, जबकि वेनेजुएला सेकेंड रनरअप और फिलीपींस थर्ड रनरअप रहीं।

भारत की उम्मीद नहीं पहुंच सकी टॉप-20 तक

भारत की ओर से राजस्थान की मनिका विश्वकर्मा ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, लेकिन टॉप 20 में भी जगह नहीं बना सकीं। पिछली बार 2024 में डेनमार्क की विक्टोरिया केजर थेलविग ने यह खिताब जीता था।

फातिमा के ताज पहनते ही एक और विवाद सामने आया। पद छोड़ने वाले जज उमर हारफूच ने इंस्टाग्राम पर दावा किया कि फातिमा बॉश की जीत फर्जी विजेता है।

उमर ने आरोप लगाया कि फाइनल से एक दिन पहले ही उन्होंने इस जीत की भविष्यवाणी कर दी थी क्योंकि मिस यूनिवर्स के मालिक राउल रोचा का फातिमा के पिता के साथ व्यापारिक संबंध है। उमर ने दावा किया कि रोचा ने उन्हें फातिमा को वोट देने के लिए व्यक्तिगत रूप से प्रभावित करने की कोशिश की थी, यह कहते हुए कि “यह हमारे कारोबार के लिए अच्छा होगा।”

1952 में शुरू हुई यह प्रतियोगिता अब टिकटॉक और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय है। दक्षिण-पूर्व एशिया खासकर थाईलैंड, फिलीपींस और इंडोनेशिया में यह सेलिब्रिटी बनने या गरीबी से निकलने का रास्ता माना जाता है।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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