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हार के बाद एक्शन में ममता बनर्जी, बोलीं- जो जाना चाहता है जाए, TMC को फिर खड़ा करूंगी

शुक्रवार को कोलकाता स्थित कालीघाट आवास पर पार्टी उम्मीदवारों के साथ हुई बैठक में ममता बनर्जी ने साफ संदेश दिया कि जो नेता पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे जा सकते हैं, लेकिन जो साथ रहेंगे वह उन्हें संगठन को फिर से मजबूत करना होगा।

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Audience seated in green chairs listening to a speaker at a podium in a conference room with a large patterned backdrop behind them.
बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं संग की बैठक।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में मिली बड़ी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब संगठन को दोबारा खड़ा करने की तैयारी में जुट गई हैं। शुक्रवार को कोलकाता स्थित कालीघाट आवास पर पार्टी उम्मीदवारों के साथ हुई बैठक में ममता बनर्जी ने साफ संदेश दिया कि जो नेता पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे स्वतंत्र हैं, लेकिन जो साथ रहेंगे वह उन्हें संगठन को फिर से मजबूत करना होगा।

बैठक में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी ने कहा कि पार्टी इस हार से उबरकर फिर खड़ी होगी और कार्यकर्ताओं को बंद पड़े पार्टी कार्यालयों को दोबारा खोलने, उनकी मरम्मत और रंगाई-पुताई करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा, “जो लोग दूसरी पार्टियों में जाना चाहते हैं, वे जा सकते हैं। मैं पार्टी को फिर से नए सिरे से खड़ा करूंगी। जरूरत पड़ी तो मैं खुद भी पार्टी कार्यालयों में रंग कर दूंगी। तृणमूल कांग्रेस कभी झुकेगी नहीं। जनता के जनादेश को लूटा गया है।”

2026 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी को बड़ा झटका लगा। चुनाव आयोग द्वारा घोषित 293 सीटों के परिणामों में पार्टी केवल 80 सीटें ही जीत सकी, जबकि पिछले चुनाव में उसके पास 215 सीटें थीं। राज्य की कुल 294 सीटों में से एक सीट फलता पर पुनर्मतदान होना बाकी है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में सत्ता हासिल कर ली।

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बंगाल चुनाव के बाद TMC के भीरत असंतोष, दल-बदल की अटकलें!

गौरतलब है कि इस चुनाव में ममता बनर्जी को भी व्यक्तिगत राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने अपनी पारंपरिक और मजबूत मानी जाने वाली भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वहां भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। टीएमसी ने कुल 291 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जबकि दार्जिलिंग पहाड़ी क्षेत्र की तीन सीटें सहयोगी दल भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (BGPM) के लिए छोड़ी गई थीं। पार्टी के 211 उम्मीदवार चुनाव हार गए, जिनमें कई वरिष्ठ नेता और मंत्री भी शामिल रहे।

कालीघाट में हुई यह बैठक ऐसे समय में हुई जब पार्टी के भीतर असंतोष और संभावित दल-बदल की अटकलें तेज हैं। बताया जा रहा है कि बैठक में ममता बनर्जी ने नेताओं और उम्मीदवारों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश की और संगठन में एकजुटता का संदेश दिया। चुनाव परिणाम आने के एक दिन बाद भी उन्होंने संकेत दिए थे कि कुछ नेता पार्टी छोड़ सकते हैं। उन्होंने तब कहा था, “मुझे पता है कि कई लोग दूसरी पार्टियों में जाएंगे। उनकी अपनी मजबूरियां हो सकती हैं। जो जाना चाहता है, जा सकता है। मैं किसी को जबरदस्ती रोकने में विश्वास नहीं करती।”

बैठक के बाद टीएमसी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर तस्वीरें साझा की गईं। पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव अभियान के दौरान भारी दबाव और डराने-धमकाने के बावजूद साहस के साथ मुकाबला किया। पार्टी ने यह भी दोहराया कि वह जनता के जनादेश की लूट के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी और सच्चाई की जीत होगी।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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