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लखनऊ: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के सभी हॉस्टल मेस में नॉनवेज पर रोक, क्या है वजह?

विश्वविद्यालय प्रशासन ने साथ ही स्पष्ट किया है कि छात्रों के लिए नॉनवेज खाना पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं किया गया है। छात्र अपनी पसंद के अनुसार बाहर से नॉनवेज खाना मंगा सकते हैं या खुद भी बनाकर खा सकते हैं।

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KGMU Non veg ban
प्रतीकात्मक तस्वीर

लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ने तत्काल प्रभाव से अपने सभी हॉस्टलों की मेस और कैंटीन में नॉनवेज खाना बनाने और परोसने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं प्रदेश के विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के 13 जुलाई के दौरे के ठीक एक दिन बाद लिया गया है।

हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के लिए नॉनवेज खाना पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं किया गया है। छात्र अपनी व्यक्तिगत पसंद के अनुसार बाहर से नॉनवेज खाना मंगा सकते हैं या खुद भी बनाकर खा सकते हैं। रोक केवल हॉस्टल मेस और कैंटीन में नॉनवेज पकाने और परोसने पर लागू होगी। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार हॉस्टल मेस में मांसाहारी भोजन पर रोक लगाने का आदेश डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर और चीफ प्रॉक्टर की मंजूरी से जारी किया गया है।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की थी टिप्पणी

केजीएमयू की ओर से यह रोक क्यों लगाई गई है, इस पर फिलहाल स्पष्टता नहीं है। हालांकि, इसे उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की टिप्पणी से जोड़कर भी देखा जा रहा है। दरअसल राज्यपाल सोमवार को केजीएमयू के 22वें दीक्षांत समारोह में पहुंची थी।

इसी समारोह में आनंदीबेन पटेल ने नॉनवेज खाने पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, ‘राजभवन की टीम ने विश्वविद्यालय के तीन मेस का निरीक्षण किया और पाया कि वहां नॉन वेज बनता है। एक जगह एक्सपायर्ड मसालों का भी प्रयोग किया जा रहा था।’

उन्होंने उन मेसों में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों पर भी चिंता जताई, जहां खासकर नॉनवेज भोजन तैयार किया जा रहा था। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि उन्होंने यूनिवर्सिटी को मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश नहीं दिया।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान इससे भी गंभीर लापरवाही सामने आई। दो हॉस्टल मेस में, जहां 500 से अधिक छात्रों के लिए भोजन तैयार किया जाता है, वहां एक्सपायरी डेट वाले मसालों का इस्तेमाल हो रहा था। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए भोजन की गुणवत्ता सुधारने और मेसों की निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि छात्रों को बेहतर गुणवत्ता वाला पनीर उपलब्ध कराया जाए। विश्वविद्यालय का कहना है कि निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर करने के लिए सुधारात्मक कदम शुरू किए गए हैं।

राज्यपाल के कई और बयान भी हाल में चर्चा में रहे

गुजरात की मुख्यमंत्री रह चुकी और यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल हाल में अपने कई और बयानों के लिए भी चर्चा में रही हैं। खासकर छात्र-छात्राओं को उनकी नसीहत खबरों में रही है। इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी आई हैं। राज्यपाल ने पिछले कुछ दिनों में लिव-इन रिलेशनशिप से लेकर ‘एक्सपर्ट मां’ बनने जैसे विषयों पर अपनी बात रखी है।

पिछले ही हफ्ते कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पटेल ने कहा कि महिलाओं को IAS अधिकारी या शिक्षक बनने की इच्छा रखने से पहले ‘एक्सपर्ट मां’ बनने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘चाहे आप आईएएस अधिकारी बनें या शिक्षक, पहले एक्सपर्ट मां बनें। हर किसी को घर का बना खाना बनाना आना चाहिए। जब बेटियां शादी होकर ससुराल जाती हैं तो यूट्यूब से देखकर डिश बनाती हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। उनको खाना बनाना आना चाहिए।’

इससे पहले पिछले साल वाराणसी में दीक्षांत समारोह में उन्होंने छात्रों को लिव-इन रिलेशनशिप से दूर रहने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था, ‘लिव-इन रिलेशनशिप से दूर रहिए। फैसले सोच-समझकर लीजिए… आपने लड़कियों के 50-50 टुकड़े होते हुए देखे होंगे।’

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विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...

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